कनाडा ने भारत में पाकिस्तान की सीमा से लगे क्षेत्रों की यात्रा न करने के दावे का किया खंडन, कही ये बात
कनाडा की ओर से साफ तौर पर इसका खंडन किया गया है कि उसने भारत जाने वाले अपने नागरिकों को सीमांत राज्यों जैसे पंजाब, राजस्थान और गुजरात में न जाने जैसा कोई निर्देश दिया है।
ओटावा, 29 सितंबरः कनाडा की ओर से साफ तौर पर इसका खंडन किया गया है कि उसने भारत जाने वाले अपने नागरिकों को सीमांत राज्यों जैसे पंजाब, राजस्थान और गुजरात में न जाने जैसा कोई निर्देश दिया है। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्टों में ऐसी जानकारी आई थी कि कनाडा ने अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी में पाकिस्तान की सीमा से 10 किलोमीटर की दूरी तक के इलाकों मे न जाने को कहा है क्योंकि गुजरात, राजस्थान और पंजाब के इन इलाकों में लैंडमाइंस और विस्फोटक का खतरा है।

ट्रैवल एडवाइजरी को नहीं किया गया अपडेट
द हिन्दू के मुताबिक इस संबंध में कनाडा सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया भारतीय मीडिया रिपोर्ट के बाद आई है। कनाडा के एक उच्चायोग के प्रवक्ता ने गुरुवार को दावा किया कि ट्रैवल एडवाइजरी के 'रिस्क लेवल' और 'सेफ्टी और सिक्योरिटी' सेक्शन को हाल तक अपडेट नहीं किया गया है। प्रवक्ता के मुताबिक यह लंबे समय से मौजूद है और इसे कोई भी देख सकता है। उन्होंने कहा कि बीते मंगलवार को वेबसाइट पर किया गया अपडेट सिर्फ 'हेल्थ' सेक्शन से जुड़ा हुआ था और इसमें विशेष रूप से 'कोविड-19 एवं अंतरराष्ट्रीय यात्रा' और 'मंकीपॉक्सः यात्रियों के लिए सलाह' सबसेक्शन को जोड़ा गया था।

खालिस्तानियों ने कराया जनमत संग्रह
दरअसल कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों में हाल में बेहद तेजी देखी गई है। बीते 19 सितंबर को ऑन्टोरियो में खालिस्तानियों द्वारा एक अलग देश खालिस्तान की मांग को लेकर जनमत संग्रह का आयोजन किया गया था। ये कार्यक्रम सिख फॉर जस्टिट ने आयोजित कराया था। भारतीय दूतावास ने कनाडा विदेश मंत्रालय से शिकायत करते हुए 'जनमत संग्रह' कराए जाने का विरोध किया। हालांकि, कनाडा ने विचार रखने की आजादी बताकर इस कार्यक्रम पर पाबंदी लगाने से इनकार कर दिया।

भारत ने कनाडा के लिए जारी की थी एडवाइजरी
इसके बाद भारत ने 23 सितंबर को कनाडा में भारतीय नागरिकों और छात्रों को देश में बढ़ती अपराधों और भारत विरोधी गतिविधियों के बीच सतर्क रहने के लिए एक एजवाइजरी जारी किया था। इस एडवाइजरी में कहा गया कि, "कनाडा में हेट क्राइम, सांप्रदायिक हिंसा और भारत विरोधी गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय और कनाडा में हाई कमीशन ने इन घटनाओं को कनाडा प्रशासन के सामने उठाया है और उनसे इन अपराधों में उचित कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इन अपराधियों को अबतक उचित सजा नहीं मिली है। इन घटनाओं को देखते हुए कनाडा में रह रहे सभी भारतीयों और जो कनाडा आने वाले हैं उन्हें सावधान रहने और सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।"

कनाडा में बढ़ी भारतीय गतिविधियां
दो सप्ताह पहले टोरॉन्टो में खालिस्तान समर्थकों ने श्री स्वामीनारायण मंदिर में तोड़फोड़ की थी। इस बारे में कनाडा के सांसद चंद्र आर्य ने चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से कनाडा में रह रहे हिंदुओं के मन में भय पैदा हो गया है। इस साल अप्रैल में कनाडा में एक भारतीय छात्र कार्तिक वासुदेव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद टोरंटो पुलिस ने एक संदिग्ध रिचर्ड जोनाथन एडविन को गिरफ्तार किया था, जिसने कथित तौर पर एक मेट्रो स्टेशन के पास बिना किसी उकसावे के वासुदेव को कई गोलियां दाग दी थीं। इस मामले में हत्यारे को नस्लीय घृणा से प्रेरित बताया गया। इसके साथ ही ये जानकारी मिली कि उसने पहले भी अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाया था।












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