Canada Khalistani Parade: इंदिरा गांधी की हत्या की निकली झांकी, भारत के ऐतराज पर कनाडा पुलिस ने कही ये बात
ऑपरेशन ब्लू स्टार के 39वीं बरसी से पहले 4 जून को कनाडा के ब्रैंपटन में खालिस्तान समर्थकों ने एक परेड निकाली थी। 5 किलोमीटर लंबी परेड में मौजूद एक झांकी में इंदिरा गांधी की हत्या का दृश्य दिखाया गया था।
कनाडा पुलिस ने ब्रैम्पटन शहर में एक जुलूस के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्याकांड को दर्शाने वाली झांकी के पर्दशन में किसी प्रकार के हेट क्राइम से इनकार किया है। इससे पहले भारत ने इस तरह के प्रदर्शन को गलत बताया था और इसकी निंदा की थी।
ऑपरेशन ब्लूस्टार की 39 वीं वर्षगांठ के अवसर पर खालिस्तानी समर्थकों की ओर से 4 जून को ये झांकी निकाली गई थी। झांकी में दो सिख जवानों को एक महिला पर गोली चालते हुए दिखाया गया था। इसमें इंदिरा गांधी खून से लथपथ नजर आ रही थी। इंदिरा गांधी की कटआउट के पीछे लिखा था- बदला

झांकी का वीडियो सामने आने के बाद विदेश मंत्री एस जयंशकर ने इस पर आपत्ति जताई थी। जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि यह दोनों देशों के बीच संबंधों के लिए अच्छा नहीं है।
भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "साफ तौर पर, हम वोट बैंक की राजनीतिक आवश्यकताओं के अलावा ये समझने में नाकाम रहे हैं, कि भला ऐसा कोई क्यों करेगा।"
एस जयशंकर ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि अलगाववादियों, चरमपंथियों की हिंसा की वकालत करने लोगों को जगह देना, एक बड़ा मुद्दा है और मुझे लगता है, कि दोनों देशों के आपसी रिश्तों के लिए ये घटना अच्छी नहीं है और ये कनाडा के लिए भी अच्छा नहीं है।"
भारतीय विदेश मंत्री के बयान के बाद ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि पुलिस ने वो वीडियो देखा है और उनका मानना है कि इसमें घृणा फैलाने जैसी कोई बात न हीं थी।
कनाडाई मेयर पैट्रिक ब्राउन ने अपने बयान में कनाडाई चार्टर की धारा 2 को भी हवाला दिया गया है, जो कनाडाई विचार, विश्वास और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। इससे पहले, गुरुवार को भारत में कनाडा के उच्चायुक्त ने भी जश्न के वीडियो क्लिप पर प्रतिक्रिया दी थी।
उन्होंने कहा, "मैं कनाडा में हुए कार्यक्रम की खबरों से हैरान हूं, जिसमें दिवंगत भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का जश्न मनाया गया है। नफरत या हिंसा के महिमामंडन के लिए कनाडा में कोई जगह नहीं है। मैं स्पष्ट रूप से इन गतिविधियों की निंदा करता हूं।"
आपको बता दें कि ऑपरेशन ब्लूस स्टार के कुछ महीने बाद 31 अक्टूबर 1984 को सिख बॉडीगार्ड ने तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड के बाद दिल्ली समेत देशभर के अलग-अलग शहरों में सिख विरोधी दंगे शुरू हो गए थे, जिसमें कई सिख मारे गए।












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