रूस के न्यूक्लियर टेस्टिंग साइट पर मिली 'रहस्यमयी सुरंग', क्या बुरेवेस्टनिक परमाणु मिसाइल तैयार कर रहे पुतिन?
Burevestnik Missile: रूस के उत्तरी परमाणु परीक्षण स्थल नोवाया जेमल्या को लेकर एक खतरनाक न्यूज आई है। इंटरनेशनल ऑब्जर्वर्स ने कुछ तस्वीरों के आधार पर आशंका जताई है, कि रूस एक विनाशक परमाणु मिसाइल तैयार कर रहा है।
टोक्यो विश्वविद्यालय में रिसर्च सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंस एंड टेक्नोलॉजी के ओपन लेबोरेटरी फॉर इमर्जेंस स्ट्रैटेजीज (ROLES) की तरफ से किए गए सैटेलाइट इमेजरी विश्लेषण से पता चला है, कि वहां बड़े पैमाने पर निर्माण और उत्खनन गतिविधियां चल रही हैं। सितंबर 2024 की तस्वीरों पर आधारित ये निष्कर्ष बताते हैं, कि रूस परमाणु परीक्षण या अपने हथियार प्रणालियों के विकास के लिए कमर कस रहा है, जिसमें विवादास्पद ब्यूरवेस्टनिक परमाणु ऊर्जा चालित क्रूज मिसाइल भी शामिल है।

बुरेवेस्टनिक परमाणु मिसाइल बना रहा रूस?
नोवाया जेमल्या पर रूस की गतिविधियों के इर्द-गिर्द साजिश जैसी कोई नई बात नहीं है, ये बात पुतिन के एक करीबी अधिकारी ने कहा है। राष्ट्रपति पुतिन के एक सलाहकार मिखाइल कोवलचुक ने पहले पश्चिमी शक्तियों के साथ बातचीत को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र में परमाणु परीक्षण करने के रणनीतिक लाभ का संकेत दिया है।
नॉर्वे के आफ़्टेनपोस्टेन अखबार द्वारा विश्लेषण की गई सैटेलाइट तस्वीरों के साथ मिलकर 2021 और 2023 के बीच नए निर्माण और महत्वपूर्ण मिट्टी खनन को दर्शाता है, जो रूस की पर्याप्त सैन्य अभियानों की तैयारी की अटकलों को हवा देता है। निर्माण में हाल ही में हुई तेजी देखी गई है, जिसमें जमीन के अंदर सुरंग खोदा जाना, जहाजों और रोसाटॉम विमानों के जरिए इस क्षेत्र में लगातार सामानों को लाना, इस शंका और गहरा करती है, कि रूस विनाशक मोबाइल का निर्माण कर रहा है।
परमाणु-सक्षम मिसाइल प्रणालियों में रूस की तरक्की
अटकलों का केंद्र ब्यूरवेस्टनिक मिसाइल है, जिसे एक छोटे परमाणु रिएक्टर की सहायता से विशाल दूरी तय करने की अद्भुत क्षमता के लिए जाना जाता है।
मिसाइल के महत्वाकांक्षी डिजाइन के बावजूद, इसका डेवलपमेंट करने में रूस कई बार नाकाम रहा है, जिसके कारण इसे "फ्लाइंग चेरनोबिल" नाम दिया गया है। 2019 में आर्कान्जेस्क के पास एक महत्वपूर्ण परीक्षण के बाद ये मिसाइल फेल हो गई थी, जिसमें कई लोग घायल हो गये थे। वहीं, न्यूक्लियर रेडिएशन भी हुआ था।
हालांकि ऐसा क्यों हुआ था, उसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। नोवाया ज़ेमल्या से 2017 के एक परीक्षण के दौरान कुछ हद तक सफलता दिखाई थी, जो इस दुर्जेय हथियार को परिष्कृत करने के रूस के लगातार प्रयासों का संकेत देता है।
नोवाया ज़ेमल्या की परमाणु विरासत की एक झलक
परमाणु परीक्षण स्थल के रूप में नोवाया जेमल्या का इतिहास 1950 के दशक से शुरू होता है, जहां आखिरी परमाणु परीक्षण रूस ने 1990 में किया था। हाल के वर्षों में, यह सबक्रिटिकल परीक्षणों के लिए स्थल के रूप में कार्य करता रहा है, जिसे बुरेवेस्टनिक मिसाइल के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ROLES की सितंबर 2024 की सैटेलाइट इमेजरी द्वारा उजागर की गई हालिया निर्माण गतिविधियों की झड़ी, संभवतः परमाणु मिसाइल परीक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के पुनरुत्थान की ओर इशारा करती है।
नोवाया ज़ेमल्या में रूस की नई मिसाइल निर्माण की ये कोशिश संभावित क्षेत्रीय और वैश्विक नतीजों पर चिंता पैदा करता है। खासकर उस वक्त, जब यूक्रेन के साथ रूस की जंग चल रही है और एक बार फिर यूक्रेन युद्ध तेज हो चुका है। लिहाजा, इस मिसाइल का निर्माण और डेवलपमेंट, परमाणु सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के बारे में व्यापक चिंताओं को उजागर करता है।
नोवाया ज़ेमल्या पर देखे गए महत्वपूर्ण निर्माण और उत्खनन कार्य से बता चलता है, कि ब्यूरवेस्टनिक मिसाइल जैसे एडवांस हथियार प्रणालियों के संभावित नतीजे, अंतर्राष्ट्रीय सैन्य मामलों को एक नये मोड़ पर लाता है।
इस साइट का इतिहास, यह सुझाव देता है कि रूस की कार्रवाइयों के वैश्विक सुरक्षा के लिए दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। लिहाजा, एक्सपर्ट्स का मानना है, कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को पुतिन को दबाव में लाना चाहिए, ताकि रूस परमाणु बंकर का निर्माण कर ले।












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