Crimea Bridge: क्रीमिया ब्रिज पर फिर बड़ा धमाका, 2 लोगों की मौत, क्या यूक्रेन ने कराया हमला?
क्रीमिया प्रायद्वीप को रूस से जोड़ने वाले केर्च ब्रिज पर एक बार फिर से धमाका हुआ है। जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह इस ब्रिज एक कार में धमाका हुआ। इस धमाके में दो लोगों की मौत हो गई है।
दक्षिणी रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि हमले में एक परिवार के तीन लोगों (माता-पिता और बच्ची) को नुकसान पहुंचा है। इसमें माता-पिता की मौत हो गई है, जबकि बच्ची घायल है।

क्रीमिया में रूसी-नियंत्रित प्रशासन के प्रमुख सर्गेई अक्स्योनोव ने कहा कि क्रीमिया पुल पर हादसे के बाद यातायात रोक दिया गया है। यह धमाका पुल के 145वें पिलर पर हुआ। अक्स्योनोव ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां और सभी संबंधित सेवाएं स्थिति को सामान्य करने के लिए काम कर रही है।
रूसी TASS समाचार एजेंसी ने कहा कि आपातकालीन स्थिति के कारण पुल पर ट्रेन रुट भी बदला जा सकता है। एक्स्योनोव ने कहा कि ट्रेन सेवाएं सोमवार तड़के फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
अरबों की लागत वाले इस ब्रिज को रूसी ताकत का प्रतीक माना जाता है। रूस के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि सड़क क्षतिग्रस्त हुई है, पुल के खंभे बिल्कुल सलामत हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीरों से पता चलता है कि पुल का एक हिस्सा टूट गया है और अब ब्लैक सी की ओर झुका हुआ दिख रहा है।
हालांकि अभी तक पता नहीं चल पाया है कि यह एक दुर्घटना है या जानबूझकर किया गया हमला है। यदि यह एक हमला है, तो यह दूसरी बार होगा जब रूस की शान माने जाने वाले इस पुल को निशाना बनाया गया। इससे पहले भी अक्टूबर में क्रीमिया पुल पर हमला किया गया था।
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क्रीमिया ब्रीज ब्लैक सी और अजोव सी को जोड़ता है। यह ब्रिज वास्तव में दो पुल हैं- एक सड़क के लिए और दूसरा रेल के लिए है। सड़क ब्रिज के अपने आप में दो स्वतंत्र पुल संरचनाएं हैं, जबकि रेल पुल एक एकल पुल संरचना है, जिसपर दो गिट्टी वाली रेल पटरियां हैं।
क्रीमिया पुल लगभग तीन सालों की मेहनत के बाद 2019 में तैयार हुआ था। 19 किलोमीटर लंबा यह पुल अपनी शानदार इंजीनियरिंग के नमूने के रूप में जाना जाता है। इस पुल को बनाने में रूस को 3.7 बिलियन डॉलर खर्च हुए थे।
क्रीमिया को ईंधन, भोजन और कई अन्य महत्वपूर्ण चीजों की सप्लाई के लिए ये पुल महत्वपूर्ण है। इस पुल के सैन्य महत्व का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि यूक्रेन पर हमले के बाद रूस इसी पुल की मदद से अपने सैन्य बलों को खारेसॉन और जेपोरीजिया भेजने में सफल हुआ और वहां कब्जा करने में सफल हो पाया।












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