नेपाल प्लेन क्रैश का Black Box मिला, जानिए नारंगी रंग के डिब्बे से कैसे पता चलेगा हादसे का कारण?
1100 डिग्री सेल्सियस तापमान और पानी में 20 हजार फीट नीचे जाने के बाद भी ब्लैक बॉक्स खराब नहीं होता है।

Nepal Plane Crash Black Box: भारत के पड़ोसी हिमालयी देश नेपाल में रविवार को भीषण विमान हादसा हुआ है, जिसमें फ्लाइट के 4 क्रू मेंबर्स समेत सभी 68 लोग मारे गये हैं और नेपाल में पिछले 30 सालों के बाद इतना भीषण हादसा देखा है। इससे पहले 1992 में नेपाल में पाकिस्तानी एयरलाइंस का विमान हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, जांच दल ने उस ब्लैक बॉक्स को भी खोज लिया है, जिसके जरिए हादसे की वजह का पता चलेगा।

राहत और बचाव कार्य जारी
हालांकि, हादसे के दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य दम मौके पर पहुंचा था, लेकिन आशंका के मुताबिक ही, कोई भी यात्री इस हादसे में जीवित नहीं बचा। काठमांडू हवाई अड्डे के एक अधिकारी शेर बाथ ठाकुर ने कहा, कि "दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है।" आपको बता दें कि, ब्लैक बॉक्स वो डिवायस है, जिससे फ्लाइट के हादसे के शिकार होने की वजहें पता चलती हैं और फ्लाइट हादसे के बाद सबसे पहले ब्लैक बॉक्स ही खोजा जाता है, ताकि हादसे की वजह का पता लगाया जा सके। ब्लैक बॉक्स एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है, जो हर विमान में लगा होता है और ये ब्लैक बॉक्स लगातार फ्लाइट के सभी पैरामीटर्स की परफॉर्मेंस को रिकॉर्ड करता रहता है, लिहाजा हादसे के बाद जांच के दौरान पता चल जाता है, कि किस गड़बड़ी की वजह से फ्लाइट हादसे का शिकार हुई है।

नेपाल में हुआ है भीषण हादसा
आपको बता दें, कि नेपाल में जो फ्लाइट हादसे का शिकार बनी है, वो दो इंजन वाला ARM-72 विमान था, जो काठमांडू से पर्यटक नगर पोखरा जा रहा था, जब यह एक नए खुले हवाई अड्डे पर उतरने का प्रयास करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा है, कि विमान में 15 विदेशी नागरिकों सहित 68 यात्री और चालक दल के चार सदस्य सवार थे। यानि, कुल 72 लोग इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे हैं। नेपाली अखबार, काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, बचावकर्मियों ने अभी तक दुर्घटना के मलबे से 68 शव निकाले हैं, जबकि बाकी चार की तलाश फिर से शुरू हो गई है। दुर्गम इलाके से बचाव के प्रयास में काफी परेशानी भी आ रही है। हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें पांच भारतीय, चार रूसी, दो दक्षिण कोरियाई और आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना और फ्रांस के एक-एक नागरिक शामिल थे। पांच भारतीयों में से चार, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले थे और 13 जनवरी को छुट्टी पर नेपाल गए थे।

ब्लैक बॉक्स क्या होता है?
ब्लैक बॉक्स एक डिवायस होता है, जिसे फ्लाइट के पिछले हिस्से में फिट किया जाता है। ये एक तरह के डिब्बे के आकार में होता है, जिसमें एयरस्पीड, अल्टीच्यूड, वर्टिकल एक्सलेरेशन और फ्यूल फ्लो भी रिकॉर्ड होता है। ब्लैक बॉक्स के दो कंपोनेंट्स होते हैं। एक कंपोनेंच्ट फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) होता है, जबकि दूसरा कंपोनेंट कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) होता है, जो पायलटों की बातचीत रिकॉर्ड करता है। जब कोई विमान हादसे का शिकार होता है, तो फिर ब्लैक बॉक्स की जांच की जाती है और जांच के दौरान पता चलता है, कि हादसे से पहले पायलटों और क्रू-मेंबर्स के बीच क्या बातचीत हुई है। ब्लैक बॉक्स में पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ हुई बातचीत भी रिकॉर्ड होती है, जिससे अहम जानकारियां मिल जाती हैं।
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नारंगी रंग का होता है ब्लैक बॉक्स
ब्लैक बॉक्स के नाम में भले ही ब्लैक रहता है, लेकिन असल में ब्लैक बॉक्स का रंग नारंगी होता है और ब्लैक बॉक्स को सामान्यत: प्लेन के सबसे पिछले हिस्से में फिट किया जाता है, ताकि हादसे का सबसे कम असर ब्लैक बॉक्स पर हो। ब्लैक बॉक्स काफी ज्यादा मजबूत होता है, लिहाजा भीषण से भीषण टक्कर के दौरान भी इसके सुरक्षित रहने की उम्मीद होती है। वहीं, 1100 डिग्री सेल्सियस तापमान और पानी में 20 हजार फीट नीचे जाने के बाद भी ब्लैक बॉक्स खराब नहीं होता है।












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