डायनासोर के जमाने से पाई जाने वाली मछली को लेकर स्टडी में बड़ा खुलासा, हैरान कर देंगी ये बातें

नई दिल्ली, 18 जून। पृथ्वी पर मौजूद विशाल महासागरों में ऐसे कई राज दफन हैं जिसकी खोज इंसानों द्वारा की जानी बाकी है। धरती का 71 फीसदी हिस्सा पानी से ढका हुआ है जिसमें करोड़ों साल पुराने जीवाश्म अभी भी नहीं खोजे गए हैं। पिछले महीने मई के मध्य में साउथ अफ्रीका के मछुआरों को समुद्र से ऐसी मछली मिली जिसे देख वैज्ञानिकों के भी रोंगटे खड़े हो गए। आप को भी जानकर हैरानी होगी की समुद्र में गलती से खोजी गई ये मछली करोड़ों साल पहले यानी डायनासोर के जमाने की है। अब वैज्ञानिकों ने इस मछली को लेकर कई और खुलासे किए हैं।

यहां खोजी गई थी 42 करोड़ साल पुरानी मछली

यहां खोजी गई थी 42 करोड़ साल पुरानी मछली

डायनासोर के जमाने में पाई जाने वाली मछली की खोज हिंद महासागर में बसे मेडागास्कर के तट पर साउथ अफ्रीका के मछुआरों ने मई 16 मई, 2021 को कई थी। वैज्ञानिकों के मुताबिक चार पैर वालों ये मछली करीब 42 करोड़ साल पुरानी प्रजाति से है और इस मछली को 'सीउलैकैंथ' के नाम से जाना जाता है। बेहद ही दुर्लभ प्रजाति की मछली होने की वजह से समुद्र के पानी में इसका मिलना वैज्ञानिकों के लिए भी आश्चर्य जनक घटना है।

100 साल तक होती है मछली की उम्र

100 साल तक होती है मछली की उम्र

हालांकि जब वैज्ञानिकों ने 'सीउलैकैंथ' पर गहन रिसर्च किया तो कई और हैरान करने वाले खुलासे सामने आए। अध्ययन में पाया गया कि डायनासोर के समय से मौजूद ये मछली 100 साल तक जीवित रह सकती है और इसके शरीर का विकास बहुत धीमी गति से होता है। शोधकर्ताओं ने इस मछली को 'लिविंग फॉसिल' उपनाम की श्रेणी में डाला है, जो लाइव फास्ट, डाई यंग मंत्र के विपरीत हैं।

50 वर्ष की उम्र तक गर्भधारण नहीं कर सकतीं मादा 'सीउलैकैंथ'

50 वर्ष की उम्र तक गर्भधारण नहीं कर सकतीं मादा 'सीउलैकैंथ'

ये निशाचर मछलियां बहुत धीमी गति से बढ़ती हैं। 60 साल की उम्र तक आते-आते इनका साइज एक सामान्य पुरुष जितना हो सकता है। अध्ययन में कहा गया है कि इस प्रजाति की मादा मछलियां 50 वर्ष की उम्र होने तक भी अपनी युवावस्था तक नहीं पहुंचतीं। जबकि नर 'सीउलैकैंथ' 40 से 69 साल की उम्र में यौन परिपक्व हो जाते हैं। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि वैज्ञानिकों का मानना है 'सीउलैकैंथ' मादा मछली पांच साल तक गर्भवती रहती है।

फ्रांसीसी वैज्ञानिकों ने किया रिसर्च

फ्रांसीसी वैज्ञानिकों ने किया रिसर्च

'सीउलैकैंथ' मछली जिसकी प्रजाति पृथ्वी पर लगभग 400 मिलियन वर्षों से हैं, उन्हें 1938 तक विलुप्त माना जाता था। लेकिन एक बार पहले भी ये मछली साउथ अफ्रीकन समुन्द्र में मिल चुकी है। लंबे समय तक वैज्ञानिकों का मानना था कि इस मछली की कुल उम्र सिर्फ 20 साल है लेकिन गुरुवार को फ्रांसीसी वैज्ञानिकों द्वारा की गई रिसर्च में दावा किया कि 'सीउलैकैंथ' एक सदी के करीब जीवित रह सकती हैं। ये मछलियां इतनी दुर्लभ हैं कि रिसर्चर्स सिर्फ पहले से पकड़ी गईं या मर चुकी मछलियों पर ही अध्ययन कर सके हैं।

9 साल तक रहता है मछली का भ्रूण

9 साल तक रहता है मछली का भ्रूण

पुलाने दिनों में वैज्ञानिकों ने 'सीउलैकैंथ' के शरीर पर मौजूद रेखाओं की गणना करके मछली की उम्र का अंदाजा लगाया था लेकिन आधुनिक तकनीक की मदद से फ्रांसीसी वैज्ञानिकों ने पाया कि इस प्रजाति के मछलियों की उम्र लगभग 100 साल होती है। स्टडी के लेखक सह-लेखक ब्रूनो एर्नांडे ने कहा कि तकनीक का उपयोग करते हुए जब मछली के दो भ्रूणों की जांच की गई तो सबसे बड़ा पांच साल का था और सबसे छोटा नौ साल का था। इससे पता चलता है कि उनकी शरीर का आकार बेहद धीमा गति से बढ़ता है।

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