कौन हैं बाइडेन की टीम में शामिल समीरा फाज़िली? कश्मीर को लेकर भारत विरोधी प्रदर्शन का रहीं हिस्सा
Sameera Fazili Kashmiri: वाशिंगटन डीसी। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन की टीम में अब तक कई भारतीय-अमेरिकी शामिल हो चुके हैं लेकिन इन सबके बीच एक नाम जो सबसे ज्यादा चर्चा में है वह है समीरा फाज़िली का। कश्मीरी मूल की फाज़िली, जिन्हें बाइडेन ने हाल ही में नेशनल इकॉनॉमिक काउंसिल का डिप्टी चेयरमैन मैन बनाया है, अचानक से इंटरनेट की सनसनी बन गई हैं। वो भारत में इंटरनेट के टॉप ट्रेंड में हैं। इसकी वजह भारत को लेकर उनका पिछला रिकॉर्ड है।
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कश्मीर को लेकर भारत विरोधी प्रदर्शन का रहीं हिस्सा
समीरा फाजिली के इंटरनेट सनसनी बनने के पीछे होने की वजह उनका भारतीय होना नहीं है बल्कि वे इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि वे कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के खिलाफ अमेरिका में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई थीं।
अगस्त 2019 में भारत सरकार के कश्मीर से धारा 370 हटाने और जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले को लेकर अमेरिका में चल रहे विरोध प्रदर्शन का प्रमुख चेहरा रहीं। समीरा फाजिली दुनिया भर में फैले कश्मीरी समुदाय के लोगों द्वारा चलाए जा रहे 'स्टैंड विद कश्मीर' आंदोलन का समर्थन करती है। काउंसिल ऑफ अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस ने स्टैंड विद कश्मीर आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल कराया था।

कश्मीर के लिए एकजुटता की कही थी बात
तब फाज़िली ने कहा था कि 'हम लोगों से बुद्धिमत्ता दिखाने की अपील करते हैं। ऐसे समय में जब भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका से लेकर यूरोप तक सत्ता दमनकारी और इस्लामोफोबिक हो रही है हमें कश्मीर के लोगों के लिए समर्थन दिखाना चाहिए। आइए हम मानवाधिकार, अंतरराष्ट्रीय कानून और लोकतंत्र के लिए अपना समर्थन प्रकट करें।'
समीरा फाजिली को जो बाइडेन ने अपनी इकॉनॉमिक टीम में शामिल किया है। उन्हें नेशनल इकॉनॉमिक काउंसिल का डिप्टी डायरेक्टर बनाया गया है। वे राष्ट्रपति जो बाइडेन को आर्थिक मामलों में सलाह देंगी जिसमें नई खोज और घरेलू उत्पादन पर जोर देना प्रमुख होगा। इसके पहले वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान उनकी टीम का हिस्सा रह चुकी हैं।

बाइडेन प्रशासन के कश्मीर रुख को लेकर बढ़ा संशय
कश्मीरी माता-पिता की संतान फाजिली अमेरिका में ही पैदा हुई हैं। उन्होंने येल लॉ स्कूल और हार्वर्ड कॉलेज से पढ़ाई की है। कश्मीर को लेकर पहले से मुखर रहीं समीरा फाज़िली के बाइडेन की टीम में शामिल होने से ये आशंका जताई जा रही है कि वह कश्मीर को लेकर अगर कोई बयान देती हैं तो उसे महत्व मिलेगा। हालांकि जानकारों का कहना है कि नेशनल इकॉनॉमिक काउंसिल की डिप्टी डायरेक्टर होने के नाते फाजिली विदेश नीति को प्रभावित करने में असर नहीं डाल पाएंगी। लेकिन जिस तरह से बाइडेन ने चुनाव के पहले कश्मीर को लेकर बयान दिया था और अब उनकी टीम में भी कश्मीर को लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले को शामिल किया गया है, इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि बाइडेन प्रशासन कश्मीर पर कुछ ऐसे बयान दे सकता है जो भारत के लिए असहज करने वाला हो सकता है।












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