US Default: 13 दिनों में डिफॉल्ट हो जाएगा अमेरिका? घबराए बाइडेन के विदेशी दौरे रद्द, कितना बड़ा है संकट?
अमेरिका अगर डिफॉल्ट करता है, तो देश की जीडीपी में एक झटके में 5 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है, जिसका असर भारत समेत दुनिया के हर हिस्से पर होगा।

US Debt Ceiling Crisis: व्हाइट हाउस ने मंगलवार को पुष्टि कर दी है, कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के कई विदेशी दौरे रद्द कर दिए गये हैं, क्योंकि अमेरिका के ऊपर आर्थिक संकट का खतरा मंडरा रहा है।
व्हाइट हाउस ने कहा है, कि जो बाइडेन का ऑस्ट्रेलिया और पापुआ न्यू गिनी का दौरान कैंसिल कर दिया गया गया है, क्योंकि फिलहाल वो अमेरिका की घरेलू स्थिति को संभालने की दिशा में काम करेंगे।
बाइडेन का ऑस्ट्रेलिया दौरा रद्द होने से क्वाड की बैठक में कैंसिल हो गई है, जिसमें भाग लेने के लिए पीएम मोदी भी ऑस्ट्रेलिया जाने वाले थे। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने एक बयान में कहा, कि बाइडेन ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस से बात की और उन्हें सूचित किया, कि वह यात्रा को फिलहाल स्थगित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, कि राष्ट्रपति बाइडेन की टीम पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री से भी उनकी यात्रा के रद्द होने को लेकर बातचीत में जुटी हुई है। हालांकि, राष्ट्रपति बाइडेन जापान में होने वाले जी7 की बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसमें सात देशों के लीडर्स इकोनॉमी, यूक्रेन युद्ध समेत कई वैश्विक मसलों पर चर्चा करेंगे।
बड़े संकट में फंस सकता है अमेरिका
इस महीने की शुरूआत में अमेरिका की ट्रेजरी सचिव (वित्त मंत्री) जेनेट येलेन ने चेतावनी दी थी, कि सरकार के पास 1 जून तक अपने बिलों का भुगतान करने के लिए नकदी खत्म हो जाएगी। अमेरिकी वित्त मंत्री की चेतावनी के बाद बाइडेन प्रशासन में खलबली मच गई थी और राष्ट्रपति जो बाइजेन को शीर्ष चार कांग्रेस सदस्यों के साथ बैठक बुलानी पड़ी थी।
बाइडेन प्रशासन को लग रहा था, कि वो अमेरिकी संसद के स्पीकर और रिपब्लिकन पार्टी के नेता केविन मैक्वार्थी के साथ बातचीत कर इस संकट को सुलझा लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेजरी सेक्रेटरी जेनेट येलेन ने हाउस स्पीकर केविन मैक्कार्थी को एक पत्र भेजकर उन्हें चेतावनी दी थी, कि अगर कांग्रेस ऋण सीमा को नहीं बढ़ाती है, तो संघीय सरकार 1 जून तक अपनी खर्च सीमा को कम करने के लिए मजबूर हो सकती है।
वित्त मंत्री येलन ने कहा था, कि उपलब्ध डेटा जून की शुरुआत तक की अवधि के रूप में इंगित करता है, जब सरकार के पास अपने खर्चों को संभालने के लिए पैसे नहीं होंगे, लिहाजा इससे पहले ही देश की संसद को ऋण सीमा बढ़ानी चाहिए।

अमेरिका पर डिफॉल्ट होने का खतरा कैसे?
अमेरिका की वित्त मंत्री की मानें, तो देश 1 जून को डिफॉल्ट हो सकता है। यानि, 13 दिनों के बाद अमेरिका डिफॉल्ट हो जाएगा, अगर स्थिति को कंट्रोल नहीं किया गया। अगर ऐसा होता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके विनाशकारी परिणाम होंगे।
अगर अमेरिका डिफ़ॉल्ट करता है, तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इससे अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग गिर सकती है, जिससे उच्च ब्याज बढ़ जाएंगी और संभावित मंदी में अमेरिका प्रवेश कर सकता है।
1 मई को प्रकाशित पत्र में, वित्त मंत्री येलन ने कहा था, कि उपलब्ध डेटा जून की शुरुआत तक की अवधि के रूप में इंगित करता है, जब सरकार के पास अपने खर्चों को संभालने के लिए पैसे नहीं होंगे, लिहाजा इससे पहले ही देश की संसद को ऋण सीमा बढ़ानी चाहिए।
इसे इस तरह से समझिए, कि अमेरिका में राष्ट्रपति की टीम के पास पैसे खर्च करने की एक तय लिमिट होती है और उस सीमा से ज्यादा का खर्च बाइडेन प्रशासन नहीं कर सकता है। बाइडेन प्रशासन ने देश की संसद की तरफ से जारी पैसों को खर्च कर लिया है, लिहाजा अब बाइडेन प्रशासन के पास देश का कर्ज चुकाने का पैसा नहीं बचा है।
देश की संसद चाहे, तो बजट में विस्तार कर सकता है, लेकिन दिक्कत ये है, कि देश की संसद के स्पीकर डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी से हैं और उनका कहना है, कि बाइडेन प्रशासन को अपनी खर्च में कमी में करनी चाहिए थी और फिजूलखर्ची रोकनी चाहिए थी।
कुल मिलाकर लड़ाई रिपब्लिकन पार्टी बनाम डेमोक्रेटिक पार्टी की है। अमेरिका के पास पैसों की कोई कमी नहीं है, लेकिन अगर रिपब्लिकन पार्टी बजट विस्तार के लिए नहीं मानती है, तो फिर बाइडेन प्रशासन के पास देश चलाने के लिए पैसे ही नहीं बचेंगे और कर्ज का भुगतान नहीं करने की वजह से अमेरिका डिफॉल्ट हो जाएगा।
कर्ज की सीमा रेखा क्या होती है, समझिए
आपको बता दें, कि ऋण सीमा यानि डेट लिमिट (Debt limit) वह सीमा होती है, जहां तक अमेरिका की फेडरल गवर्नमेंट उधार ले सकती है। अभी तक अमेरिका में डेट लिमिट यानि ऋण सीमा को 1960 के बाद से 78 बार बढ़ाया जा चुका है।
पिछली बार ऋण सीमा को दिसंबर 2021 में बढ़ाया गया था और इस सीमा को 31.4 ट्रिलियन डॉलर कर दिया गया था। अमेरिकी वित्तमंत्री का कहना है, कि अमेरिका की सरकार जनवरी 2023 में 31.4 ट्रिलियन डॉलर के खर्च करने की क्षमता को पूरा कर चुकी है और अब सरकार के पास अपने बिलों का भुगतान करने के लिए पैसे नहीं बचे हैं।
वित्त मंत्री ने एक बार फिर से इस सीमा को बढ़ाने के लिए देश की संसद के स्पीकर केविन मैक्वार्थी को पत्र लिखा है, जो रिपब्लिकन पार्टी से हैं, जिसका देश की संसद में बहुमत है।
ऋण सीमा में वृद्धि पर विवाद क्या है?
अमेरिकी खर्च सीमा को बढ़ाना काफी हद तक एक नॉर्मल प्रक्रिया मानी जाती रही है, लेकिन हाल के वर्षों में यह तेजी से विवादास्पद हो गई है। इस वर्ष ऋण सीमा बढ़ाने के लिए, कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी अपने समर्थन के बदले में सामाजिक कार्यक्रमों में भारी कटौती करने पर जोर दे रहे हैं।
Recommended Video

यानि, रिपब्लिकन पार्टी का कहना है, कि बाइडेन प्रशासन इस बात की गारंटी दे, कि सामाजिक कार्यक्रमों में कटौती की जाएगी, तो वो कर्ज की सीमा बढ़ाने में सहयोग के लिए तैयार है। रिपब्लिकन पार्टी का कहना है, राष्ट्रपति चुनाव में जनता का समर्थन हासिल करने के लिए बाइडेन प्रशासन अनाप शनाफ खर्च कर रही है। जिसे एक तरफ से आप 'मुफ्त देने की राजनीति' कह सकते हैं, जो रिपब्लिकन पार्टी को खटक रही है।
वहीं, बाइडेन प्रशासन का कहना है, कि सामाजिक कार्यक्रमों में कटौती करने की रिपब्लिकन पार्टी की जिद को अगर माना जाएगा, तो देश के कमजोर तबके पर उसका गंभीर असर पड़ेगा।
इस वक्त अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी बहुमत में है और बाइडेन प्रशासन, बिना रिपब्लिकन पार्टी की सहमति के कोई भी बिल संसद में पेश नहीं करवा सकती है। वहीं, बाइडेन प्रशासन ने बिना किसी शर्त के ऋण सीमा में वृद्धि का आह्वान किया है, जिसमें कहा गया है, कि वार्षिक बजट के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों पर बहस की जा सकती है।












Click it and Unblock the Notifications