नाबालिग से न्यूड तस्वीरें खरीदता था BBC एंकर, 3 साल में खर्च किए 37 लाख, संस्थान ने किया सस्पेंड
BBC ने अपने एक एंकर को नाबालिग लड़की से उसकी न्यूड फोटो मांगने के जुर्म में सस्पेंड कर दिया है। इसके लिए एंकर ने 3 सालों में 35 हजार पाउंड का भुगतान किया था। इसका खुलासा ब्रिटिश अखबार 'द सन' में हुआ है।
अखबार 'द सन' के मुताबिक BBC एंकर के खिलाफ गुरुवार को एक टीनएजर लड़की की मां ने आरोप लगाए थे। मां का दावा था कि एंकर ने उसकी बेटी से 3 सालों में 35 हजार पाउंड यानी कि लगभग 37 लाख भारतीय रुपये खर्च कर उसकी बेटी की तस्वीरें खरीदीं।

उसकी बेटी, एंकर को अपनी न्यूड तस्वीरें भेजती थी और वीडियो कॉल पर बातें करती थी। लड़की की मां ने अखबार को ये भी बताया कि उसने अपनी बेटी को एंकर के लिए वीडियो कॉल पर अपने कपड़े उतारते हुए देखा था।
मां ने द सन को बताया कि एंकर ने उसकी लड़की जो सिर्फ 17 साल की थी, उसे पेमेंट किया। वह एंकर से मिले पैसे का उपयोग अपनी कोकीन की लत को पूरा करने के लिए करती थी। रिपोर्ट के मुताबिक लड़की की उम्र अब 20 साल हो चुकी है।
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक इंग्लैंड और वेल्स में सहमति की उम्र 16 साल है, लेकिन लोगों को स्पष्ट तस्वीरें भेजने की न्यूनतम उम्र 18 साल है। लड़की की मां ने कहा कि अगर पत्रकार ने उसकी बेटी को पैसे भेजने नहीं बंद किए होते वो मर चुकी होती।
मां ने दावा किया कि कोकेन का उसकी सेहत पर काफी बुरा असर पड़ा है। द सन ने दावा किया है कि खबर छपने के बाद एंकर ने कई बार पीड़ित लड़की को फोन किया है। लड़की की मां ने द सन को बताया कि उसने कई बार बीबीसी से इस बारे में शिकायत की थी मगर कभी उसने तब तक इस पर ध्यान नहीं दिया जब तक उसकी कहानी द सन में छप नहीं गई।
लड़की की मां ने कहा कि मैं कभी भी इसे लेकर कोई जांच नहीं चाहती थी। मैं तो बस ये चाहती थी कि बीबीसी उस एंकर को ऐसा करने से रोके। लड़की की मां ने दावा किया कि शुरुआत में बीबीसी के सिक्कयोरिटी बॉस ने उसे एक ऐसा नंबर दिया था जो मौजूद ही नहीं था।
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक बीबीसी एंकर बीते सप्ताह तक ऑन एयर रहा था। जबकि एंकर पर नग्न तस्वीरों के मामले में पहला आरोप मई में ही लग चुका था। इसके एक महीने बाद तक वो शो करता रहा। लड़की की मां ने कहा कि उसने बीबीसी से 19 मई को ही शिकायत की थी।
बीबीसी को कोई उचित कदम न उठाते देख मां ने एंकर की हकीकत उजागर करने के लिए द सन अखबार का सहारा लिया। वहीं, BBC ने कहा है कि मामले की जांच, सबूतों और तथ्यों को जांचने के बाद ही एक्शन लिया गया।
एक बयान में, बीबीसी ने कहा, "बीबीसी किसी भी आरोप को गंभीरता से लेता है और ऐसे आरोपों से सक्रिय रूप से निपटने के लिए हमारे पास मजबूत आंतरिक प्रक्रियाएं हैं।
एक्शन लेने में लापरवाही बरतने के आरोपों पर BBC की कल्चर एडिटर केटी रजल ने कहा है कि ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि पीड़िता के परिवार ने कोई ठोस जानकारी नहीं दी थी।












Click it and Unblock the Notifications