Bangladesh: दो नेताओं को मारी गोली, हिट लिस्ट में 50 और लोग, यूनुस को तैनात करनी पड़ी पर्सनल सिक्योरिटी
Bangladesh: बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एमडी जहांगीर आलम चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि 20 ऐसे लोगों को आर्म्ड सिक्योरिटी दी गई है, जिन्हें गंभीर सुरक्षा खतरा माना जा रहा है। इस सूची में राजनेता से लेकर अधिकारी और संपादक तक शामिल हैं।
प्रमुख अखबारों के संपादकों को भी मिलेगी विशेष सुरक्षा
जहांगीर आलम चौधरी ने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद देश के दो बड़े अखबारों-'प्रोथम आलो' के संपादक मतिउर रहमान और 'द डेली स्टार' के संपादक महफूज अनाम-को भी विशेष सशस्त्र सुरक्षा दी जाएगी। यह फैसला पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच लिया गया है।

सचिवालय में हुई कानून-व्यवस्था पर अहम बैठक
गृह मामलों के सलाहकार ने ये बयान सोमवार, 22 दिसंबर को सचिवालय में आयोजित कानून और व्यवस्था पर सलाहकार परिषद समिति की बैठक के बाद दिए। इस बैठक में जगन्नाथ विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSCSU) चुनाव से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
50 लोगों पर मंडरा रहा खतरा
गणो अधिकार परिषद की ओर से यह दावा किया गया था कि करीब 50 लोग हमले के खतरे में हो सकते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जहांगीर आलम चौधरी ने साफ किया कि सरकार ने खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही कदम उठाए हैं। उनके मुताबिक, केवल उन्हीं लोगों को सुरक्षा दी जा रही है, जिनके खिलाफ विश्वसनीय और ठोस खतरे सामने आए हैं।
'हिट लिस्ट' में शामिल लोगों को ही मिली सुरक्षा
जहांगीर ने कहा,- "जो लोग 'हिट लिस्ट' में हैं या बेहद संवेदनशील माने गए हैं, उन्हें बंदूकधारी सुरक्षा प्रदान की गई है।" उन्होंने बताया कि यह सूची महानिदेशक बल खुफिया (DGFI), राष्ट्रीय सुरक्षा खुफिया (NSI) और विशेष शाखा (SB) ने मिलकर तैयार की है।
लोगों ने ठुकराई सरकार की सुरक्षा
सलाहकार ने यह भी बताया कि जिन लोगों को खतरे में माना गया था, सभी को सशस्त्र सुरक्षा की पेशकश की गई थी, लेकिन कुछ लोगों ने इसे लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 20 लोगों ने ही सुरक्षा स्वीकार की है और उन्हें सशस्त्र गार्ड मुहैया कराए गए हैं।
क्या सभी सुरक्षित किए गए लोग राजनेता?
जब सलाहकार से पूछा गया कि क्या सुरक्षा पाने वाले सभी लोग राजनेता हैं, तो उन्होंने इस पर कोई अतिरिक्त जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़ी कई जानकारियां संवेदनशील होती हैं, इसलिए उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
बढ़ते खतरे के बीच सरकार की सतर्कता
इन कदमों से साफ है कि सरकार बढ़ते सुरक्षा खतरों को गंभीरता से ले रही है। हाल ही में नेता उस्मान हादी की हत्या और एक अन्य NCP नेता मोहम्मद मोतलेब शिकदर पर हुए हमले के बाद सरकार की नींद उड़ी हुई है। चाहे राजनेता हों या मीडिया के बड़े चेहरे-जो भी खतरे में हैं, उनके लिए सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
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