Bangladesh की महिला पत्रकार Naznin Munni को क्यों मारना चाहते हैं यूनुस के गुंडे? सामने आई चौंकाने वाली वजह

Bangladesh में मीडिया की आज़ादी पर खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पहले नामचीन अखबारों के दफ्तरों में आग लगाई गई और अब महिला एंकर यूनुस के गुर्गों के निशाने पर हैं। ग्लोबल टीवी बांग्लादेश की एक जानी-मानी न्यूज़ एंकर नाज़नीन मुन्नी को हटाने की मांग को लेकर चैनल को गंभीर धमकी दी गई है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जिससे मीडिया संस्थानों में डर का माहौल है।

चैनल में घुसकर दी धमकी

ढाका में स्थित ग्लोबल टीवी के मुख्यालय पर इस हफ्ते कुछ युवाओं का एक समूह पहुंचा। उन्होंने चैनल प्रबंधन को साफ चेतावनी दी कि अगर नाज़नीन मुन्नी को उनके पद से नहीं हटाया गया, तो टीवी चैनल के दफ्तर को आग के हवाले कर दिया जाएगा। इस धमकी के बाद प्रेस स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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राजनीतिक आरोप और संगठन का नाम

इन युवाओं ने आरोप लगाया कि नाज़नीन मुन्नी का संबंध सत्तारूढ़ रही अवामी लीग से है। उन्होंने खुद को 'एंटी-डिस्क्रिमिनेशन स्टूडेंट मूवमेंट' का सदस्य बताया, वही संगठन जिसने पिछले साल बड़े जन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया था। हालांकि इस संगठन ने इस घटना से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।

संगठन का बयान और सफाई

इस संगठन के अध्यक्ष रिफत राशिद ने कहा कि उनकी संस्था इस तरह की हिंसा या धमकी का समर्थन नहीं करती। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर संगठन का कोई सदस्य इस घटना में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नाज़नीन मुन्नी का खुलासा

नाज़नीन मुन्नी ने इस पूरे मामले को लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने बताया कि 7 से 8 लोग ग्लोबल टीवी के तेजगांव स्थित ऑफिस आए और धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर वह पद नहीं छोड़तीं, तो ग्लोबल टीवी का हाल भी प्रोथोम आलो और द डेली स्टार जैसा होगा।

पहले भी हो चुके हैं मीडिया पर हमले

यह घटना 21 दिसंबर को हुई, जो कि बांग्लादेश के दो बड़े अख़बारों-प्रोथोम आलो और द डेली स्टार-के दफ्तरों पर हुए हमलों के ठीक तीन दिन बाद की है। इन अख़बारों में तोड़फोड़ और आगजनी उस समय हुई थी, जब युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत को लेकर देश में प्रदर्शन चल रहे थे।

कौन था शरीफ उस्मान हादी?

32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरा था। यह आंदोलन इतना बड़ा था कि इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था। हादी अपने भारत-विरोधी विचारों के लिए भी जाना जाता था। इस महीने की शुरुआत में उसे अज्ञात हमलावरों ने मोटरसाइकिल से गोली मार दी थी, और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मीडिया को चुप कराने की साजिश?

मुन्नी ने इस घटना को पत्रकारों और स्वतंत्र मीडिया संस्थानों को डराने और चुप कराने की एक बड़ी मुहिम का हिस्सा बताया। उन्होंने बाद में प्रोथोम आलो को बताया कि जिस वक्त यह टकराव हुआ, उस समय वे खुद ऑफिस में मौजूद नहीं थीं।

प्रबंधन का इनकार और बढ़ता तनाव

चैनल प्रबंधन ने साफ कहा कि नाज़नीन मुन्नी का अवामी लीग से कोई संबंध नहीं है। गौरतलब है कि अवामी लीग को आगामी चुनावों में हिस्सा लेने से पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है। इसके बावजूद, युवाओं ने 48 घंटे के भीतर मुन्नी को हटाने की लिखित गारंटी मांगी।

आखिरी धमकी और डर का माहौल

जब चैनल प्रबंधन ने किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, तो तनाव और बढ़ गया। मुन्नी के मुताबिक, धमकी देने वालों ने कहा कि जब प्रोथोम आलो और द डेली स्टार जैसे बड़े मीडिया हाउस नहीं बच पाए, तो ग्लोबल टीवी भी नहीं बचेगा। इस घटना ने बांग्लादेश में पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की आज़ादी को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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