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...तो क्या Avian Flu बनेगा महामारी की वजह, नए Virus से साइंटिस्ट भी हैरान, जानिए वजह

दुनिया के कई देशों में पिछले दशकों से बर्ड फ्लू के वायरस से लाखों करोड़ों पक्षियों की या फिर मार दिया जाता है। लेकिन अब फ्लू के एक नए वायरस के डेटा को लेकर दुनिया के मेडिकल साइंसिस्ट्स हैरान हैं।

Avian flu

Avian Flu : पक्षियों में तेजी से फैलने वाला वायरस एवियन फ्लू की पिछले साल काफी तेज लहर देखी गई। जिस पर नियंत्रण के लिए लाखों पक्षियों को मारा गया। वैज्ञानिकों ने कहा है कि ये वायरस बेहत घातक है। पक्षियों से ये मनुष्यों में भी फैल सकता है। बर्ड फ्लू के संक्रमण की प्रवृत्ति का अध्ययन कर रही साइंटिस्ट्स का एक टीम ने दावा किया है कि बर्ड फ्लू का प्रकोप नई महामारी की जन्म दे सकता है।

मनुष्यों में फैल सकता है नया वायरस

मनुष्यों में फैल सकता है नया वायरस

मेडिकल एक्सपर्ट्स पिछले साल से एवियन फ्लू की रिकॉर्ड लहरों की निगरानी कर रहे हैं। माना जा रहा ये खतरनाक वायरस पक्षियों ही मनुष्यों में के बीच भी फैल सकता है। इसको लेकर अमेरिका की मैसाचुसेट्स में टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के एक वायरोलॉजिस्ट वेंडी ब्ले पुरियर ने कहा ने कहा, "इसमें महामारी की स्थिति उत्पन्न करने की क्षमता होने की चिंता है। हालांकि रॉटरडैम में इरास्मस यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में वायरोसाइंस के प्रोफेसर थिज कुइकेन ने कहा, "ऐसा होने की संभावना बेहद कम है।"

स्कॉटलैंड में फ्लू का कहर

स्कॉटलैंड में फ्लू का कहर

पिछले साल महामारी का प्रकोप कम हुआ तो पक्षियों पर बड़ा संकट देखा गया। अकेले 2022 में स्कॉटलैंड में समुद्र तटों पर बड़ी संख्या में समुद्री पक्षियों की लाशें पड़ी मिलीं। यहां एवियन फ्लू की हालिया लहरों ने गैनेट्स जैसी स्कॉट्स सीबर्ड कॉलोनियों को तबाह कर दिया है। स्कॉटलैंड में 300,000 से अधिक मुर्गियां 2022 में बर्ड फ्लू से मारे गए या फिर मर गए। वहीं जंगली समुद्री पक्षी जैसे गनेट और ग्रेट स्कुआ भी हजारों की संख्या में मरे हैं। इसके अलावा स्कॉटलैंड में सेंट किल्डा, फेटलर, हांडा, नॉस और हरमनेस जैसी प्रमुख कॉलोनियां में पिछले 65-85 प्रतिशत कम प्रजनन दर पाई गई।

 पैदा हो सकती है महामारी

पैदा हो सकती है महामारी

वैश्विक वैज्ञानिकों की एक टीम ने आशंका जताई है कि विनाशकारी बर्ड फ्लू एक नई महामारी पैदा कर सकता है। हालांकि अब तक इस बीमारी ने स्कॉट्स पक्षियों पर कहर बरपाया है। इस घात फ्लू से 60 से अधिक प्रजातियां प्रभावित हुई हैं। कुछ ऐसी प्रजातियां हैं जो खत्म सी हो गई हैं। दुनिया में अब तक फ्लू के प्रकोपों से मौतों का आंकड़ा देखें तो भविष्य में डरावनी स्थिति के संकेत मिलते हैं। फ्लू से मरने वाले अब तक पक्षियों की संख्या 97 मिलियन से भी अधिक है। फ्लू को लेकर स्कॉटिश सरकार की कहा कि वर्तमान H5N1 इन्फ्लूएंजा मनुष्यों को लिए भी घातक साबित हो सकता है।

9.7 करोड़ से अधिक पक्षियों की मौत

9.7 करोड़ से अधिक पक्षियों की मौत

इससे पहले 1918 की फ्लू महामारी एवियन फ्लू के मूल जीन वाले वायरस से ही फैली थी। जिसमें इन्फ्लूएंजा वायरस के कार 50 मिलियन लोगों को मौत हुई थी। 2003 से अब तक H5N1 ने दुनिया भर में लगभग 865 मनुष्यों को संक्रमित किया है। टिश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, " पिछले साल सर्दियों में ब्रिटेन में बर्ड फ्लू का अब तक का सबसे बड़ा प्रकोप देखा गया। इसने जंगली पक्षियों की आबादी के साथ-साथ व्यावसायिक झुंडों को भी प्रभावित किया है। बता दें कि एवियन इन्फ्लुएंजा (H5N1) एक ऐसी बीमारी है जो विश्व स्तर पर जंगली पक्षियों की आबादी को प्रभावित करती है। इससे भविष्य में खतरे को देखते हुए कुछ स्तनधारी वन्यजीव प्रजातियों के परीक्षण के लिए एक निगरानी कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।

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