ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानियों ने कराया जनमत संग्रह, उपद्रवियों पर एक्शन लेने में फिर फेल हुए एंथनी अल्बनीज
Khalistan referendum: ब्रिसबेन में रविवार को सिख फॉर जस्टिस संगठन द्वारा खालिस्तान जनमत संग्रह 2020 का आयोजित किया गया था। इस चुनाव में खालिस्तान समर्थकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

Image: Oneindia
ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन पंजाब में खालिस्तान की मांग को लेकर जनमत संग्रह कराने की खबरों से भारत सरकार काफी नाराज बताई जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के रिश्ते पर भी इसका असर दिख सकता है। आपको बता दें कि ब्रिसबेन में खालिस्तान जनमत संग्रह 2020 को आयोजित किया गया था। बताया जा रहा है कि इसमें कुछ सौ लोगों की संख्या में खालिस्तान समर्थकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। हैरानी की बात ये है कि महज एक सप्ताह पहले ऑस्ट्रेलिया के एंथनी अल्बनीज पीएम भारत के दौरे पर आए हुए थे। यहां उन्होंने भरोसा दिलाया था कि उनकी सरकार ऑस्ट्रेलिया में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए खालिस्तानी चरमपंथियों पर एक्शन लेगी।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने दिया था भरोसा
ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथोनी अल्बनीज ने भरोसा दिलाया था कि खालिस्तान जनमत संग्रह जैसा कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन उनका यह वादा झूठा साबित हुआ। ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में खालिस्तान जनमतसंग्रह-2020 आयोजित कराया गया, उसे सिख्स फॉर जस्टिस संगठन ने आयोजित किया था। सिख फॉर जस्टिस संगठन भारत में प्रतिबंधित है और कुछ वक्त पहले ही एनआईए ने इस संगठन के खिलाफ केस दर्ज किया था। सिख फॉर जस्टिस संगठन और इसके अध्यक्ष गुरपतवंत सिंह पन्नू पर भी UAPA के तहत केस दर्ज किया था।
कई बार सिख फॉर जस्टिस का पाकिस्तान से कनेक्शन भी सामने आया है। इस संगठन का कहना है कि ब्रिसबेन उनके लिए एक जंग का एक मैदान है। ब्रिसबेन में पहले भी ये संगठन आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा है। इससे पहले भी ब्रिसबेन में ही खालिस्तानियों ने भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला कर दिया था।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया टुडे के संपादक जे भारद्वाज ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, कि अब तक भारतीय आस्ट्रेलियाई लोगों पर हमले होते रहे हैं। उन्होंने कहा, कि "लेकिन अब, वे (खालिस्तानी समर्थक) भारत सरकार से संबंधित संस्थानों को निशाना बना रहे हैं। ब्रिस्बेन में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला, भारत सरकार पर सीधा हमला है"। इन सब घटनाओं के बाद अब ब्रिसबेन में ही पुलिस की मौजूदगी में जनमत संग्रह कराना दिखाता है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार जानबूझकर कोई कदम उठाना नहीं चाहती।
-
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
Bengaluru Metro Pink Line: मेट्रो पिंक लाइन का शुरू हो रहा ट्रायल, जानें रूट और कब यात्री कर सकेंगे सवारी? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’












Click it and Unblock the Notifications