UNGA में भारत ने अल्पसंख्यकों के मसले पर लगाई पाकिस्तान को फटकार
न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मसले पर पाकिस्तान को फटकारा है। भारत ने यूएन के 'शांति की संस्कृति' पर आयोजित हाई लेवल फोरम में चर्चा के दौरान को अल्पसंख्यकों व महिलाओं से बर्ताव को लेकर खरी-खरी सुनाई। भारत ने पाक को दो टूक कहा कि पाक का प्रतिनिधिमंडल इस मंच का प्रयोग अपने एजेंड के लिए करने में लगा है।

पहले अपना रिकॉर्ड देखे पाकिस्तान
74वीं यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली (यूएनजीए) में बोलते हुए भारत की काउंसलर पउलोमी त्रिपाठी ने पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई है। उन्होंने कहा, 'हमने एक बार फिर यूएन के मंच पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान की हेट स्पीच को सुना। ये ऐसे वक्त पर हुआ है जब पाकिस्तान अपने देश में व अपनी सीमाओं पर लगातार हिंसा की संस्कृति अपनाए हुए है।' पउलोमी ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए बताया कि मानवाधिकार को लेकर पाकिस्तान का दयनीय रिकॉर्ड और धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए उसका बर्ताव अंतर्राष्ट्रीय जगत के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। ईशनिंदा कानून का इस्तेमाल यहां धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ होता है। पउलोमी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बताया कि पाकिस्तान में महिलाओं व लड़कियों की स्थिति दयनीय है क्योंकि उनका अपहरण व दुष्कर्म किया जाता है। उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराकर शादी कराई जाती है। महामारी ने इसमें और इजाफा किया है। पउलोमी ने कहा, 'शांति की संस्कृति की बात पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल की तरफ से कुछ भी नहीं है बल्कि अस अपने शर्मनाक रिकॉर्ड से दुनिया का ध्यान हटाने का एजेंडा है। भारत के खिलाफ आरोप लगाने से पहले पाकिस्तान को अपने खुद के सिस्टम को देखना चाहिए।' पउलोमी ने पाक को बताया कि भारत में लोगों को समान अधिकार मिले हुए हैं और संविधान में हर धर्म का अधिकार भी है।












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