World leaders assassinated: खुशकिस्मत थे ट्रंप जो बच गये, दुनिया के इन नेताओं की हो चुकी है हत्या, देखिए लिस्ट
Donald Trump Shooting: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए शायद शनिवार बहुत भाग्यशाली था, कि वो बच गये, क्योंकि गोली उनके कानों को छूती हुई निकली। एक इंच भी इधर से उधर होता, तो डोनाल्ड ट्रंप की जान खतरे में फंस सकती थी।
चश्मदीदों ने बताया है, कि ट्रम्प की अभियान रैली के दौरान गोलीबारी मंच के दाईं ओर स्थित एक सफेद छत वाली एक मंजिला इमारत से की गई है। रैली में रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रंप को घायल करने वाले संदिग्ध शूटर को मारा जा चुका है। यूएस सीक्रेट सर्विस ने कहा है, कि डोनाल्ड ट्रम्प पर स्पष्ट हत्या की कोशिश में "रैली स्थल के बाहर एक ऊंचे स्थान से मंच की ओर कई गोलियां फायर की गईं।"

हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप खुशकिस्मत थे, कि वो बच गये, लेकिन दुनिया में ऐसे कई मशहूर नेता हुए हैं, जो ट्रंप की तरफ किस्मत के धनी नहीं थे और वो हमले में नहीं बच पाए। दिलचस्प बात यह है, कि इतिहास में हमेशा से ही प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की हत्या के उदाहरण भरे पड़े हैं। पहली दर्ज राजनीतिक हत्या 2270 ईसा पूर्व में अक्कड़ के राजा रिमुश की हुई थी। जहां तक आधुनिक इतिहास का सवाल है, तो अफ्रीकी देश राजनीतिक रूप से सबसे अस्थिर रहे हैं और विभिन्न अफ्रीकी देशों के कई राष्ट्राध्यक्षों को तख्तापलट या लक्षित हत्याओं में बेरहमी से मार दिया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश के बैकग्राउंड में, हम आपको कुछ राजनीतिक हस्तियों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी पिछले 40 वर्षों में हत्या कर दी गई।
1. इंदिरा गांधी (भारत की पूर्व प्रधानमंत्री)
भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को उनके दो बॉडीगार्ड्स ने अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी, जो कथित तौर पर पंजाब के स्वर्ण मंदिर, अमृतसर को अलगाववादी तत्वों से मुक्त करने के लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार (01-08 जून 1984) का आदेश देने के उनके फैसले से नाखुश थे। मंदिर परिसर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का अड्डा बन गया था और इसने सरकार को सैन्य अभियान का आदेश देने के लिए मजबूर कर दिया। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप स्वर्ण मंदिर को नुकसान पहुंचा था।
2. ओलोफ पाल्मे (स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री)
अपनी पत्नी के साथ फिल्म देखने गये स्वीडिश प्रधानमंत्री के लिए ये छुट्टी जानलेवा साबित हुआ। जब वे फिल्म देखने के बाद अपनी पत्नी के साथ सेंट्रल स्टॉकहोम स्ट्रीट पर घर लौट रहे थे, तभी उन्हें गोली मार दी गई। 28 फरवरी 1986 को हुई यह घटना आज भी रहस्य बनी हुई है, क्योंकि हत्यारे की पहचान पूरी तरह से निश्चित नहीं हो पाई है।
3. राजीव गांधी (भारत के पूर्व प्रधानमंत्री)
21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में इंदिरा गांधी के बेटे और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या पूरी दुनिया के लिए एक झटका थी। श्रीलंका स्थित लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) इस हत्या के पीछे था, और इस हत्या को एक आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया था।
4. रानासिघे प्रेमदासा (श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री)
प्रेमदासा की हत्या 1 मई 1993 को उस समय हुई, जब वे कोलंबो में मई दिवस की रैली में भाग ले रहे थे। कुलवीरसिंह वीरकुमार उर्फ बाबू नामक एक LTTE आत्मघाती हमलावर ने 68 वर्षीय नेता की हत्या करने के लिए अपनी कमर में लपेटे विस्फोटक उपकरण में विस्फोट कर दिया था।
5. यित्ज़ाक राबिन (इज़राइल के पूर्व प्रधानमंत्री)
यित्ज़ाक राबिन की हत्या 4 नवंबर 1995 को यिगाल अमीर नामक एक कानून के छात्र और आतंकवादी ने कर दी थी, जो प्रधानमंत्री के ओस्लो समझौते (इजराइल और फिलिस्तीन मुक्ति संगठन/पीएलओ के बीच एक अंतरिम समझौता) पर हस्ताक्षर करने के फैसले से नाराज था। यह उन कट्टरपंथियों का संदेश था, जो पीएलओ के साथ किसी भी तरह की बातचीत के खिलाफ थे और हमेशा फिलिस्तीनी मुद्दे के लिए सैन्य समाधान के पक्षधर थे।
6. राजा बीरेंद्र (नेपाल के राजा)
राजा की हत्या उनके अपने बेटे क्राउन प्रिंस दीपेंद्र ने 1 जून 2001 को कर दी थी। इसे अक्सर 'नेपाल शाही नरसंहार' के रूप में जाना जाता है, जिसमें बीरेंद्र और रानी ऐश्वर्या सहित शाही परिवार के नौ सदस्यों को दीपेंद्र ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। परिवार के 9 सदस्यों की हत्या करने के बाद क्राउन प्रिंस दीपेंद्र ने भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
7. बेनजीर भुट्टो (पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री)
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को भी एक बम धमाके में उड़ा दिया गया। जिस वक्त ये बम धमाका किया गया, वो एक रैली खत्म कर लोगों से मिल रही थीं। हालांकि, आज तक बेनजीर भुट्टो के हत्यारे पकड़े नहीं गये हैं और इसे एक राजनीतिक हत्या भी कहा जाता है।
7. शिंजो आबे (जापान के पूर्व प्रधानमंत्री)
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री की 08 जुलाई 2022 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वे नारा शहर में यामातो-सैदाईजी स्टेशन के बाहर भाषण दे रहे थे। 41 साल के संदिग्ध ने अपराध को अंजाम देने के लिए एक बंदूक का इस्तेमाल किया था।
हालांकि, अधिकांश देशों के राष्ट्राध्यक्षों के पास किसी भी हमले से बचने के लिए बहुत मजबूत सुरक्षा व्यवस्था होती है। लेकिन, कई बार उनकी सुरक्षा को भेद दिया जाता है और उनकी जान को खतरा उत्पन्न हो जाता है। दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियों के लिए फुलप्रूफ सुरक्षा हमेशा एक चुनौती बनी रहती है, क्योंकि हमलावरों को बस एक बार किस्मत का साथ मिलना होता है। फिको और शिंजो आबे के मामलों में ही, सुरक्षा एजेंसियों के लिए ये हमला रोकना अत्यंत मुश्किल था। यह प्रवृत्ति दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, जो वीआईपी की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं।












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