अर्जेंटीना : क्या मंत्रियों की विदाई से सुधरेगी अर्थव्यवस्था
गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे अर्जेंटीना ने देश में पैदा हुए 'आपातकाल' जैसे हालात और देश की मुद्रा पीसो की लगातार गिरती कीमत से मुक़ाबले को कड़े कदम उठाने का फ़ैसला किया है.
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मारीसिया मैक्री ने टीवी पर राष्ट्र के नाम सम्बोधन में कहा कि अर्जेंटीना आमदनी से ज़्यादा ख़र्च करने की आदत बरकरार नहीं रख सकता.
रिपोर्टों के मुताबिक सरकार 'करीब आधे' मंत्रियों को पद से हटाने की योजना बना रही है.
हालांकि सरकार ने अभी ये जानकारी नहीं दी है कि किन मंत्रालयों को बंद किया जाएगा या फिर किन-किन मंत्रालयों को आपस में मिला दिया जाएगा.
कुछ अनाजों और दूसरे उत्पादों के निर्यात पर कर बढ़ाने की भी योजना है.
अर्जेंटीना विश्व में सोया से बनने वाले खाद्य पदार्थों और सोया के तेल का सबसे बड़ा निर्यातक है. इसके अलावा ये मक्का, गेहूं और कच्चे सोयाबीन का भी बड़ा उत्पादक है.
अगले साल 1 जनवरी से इन उत्पादों के मूल्य पर हर डॉलर के हिसाब से चार पीसो का टैक्स लगाया जाएगा. साथ ही प्रोसेस्ड उत्पादों पर हर डॉलर पर तीन पीसो का टैक्स लगेगा.
बीबीसी के दक्षिण अमरीका बिज़नेस संवाददाता डैनियल गैलास कहते हैं कि मारीसिया मैक्री अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था सुधारने के अपने वादे के प्रति प्रतिबद्धता दिखा रहे हैं.
टीवी पर देश के नाम संबोधन में न सिर्फ़ उन्होंने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई बल्कि अपनी सरकार की ग़लतियों को भी माना.
उन्होंने कहा कि महंगाई को काबू में करने के लिए उनकी धीमी कोशिशें सफल नहीं हुईं और नतीजों से पता चला कि उन्हें अपनी कोशिशों में तेजी लानी चाहिए थी.
अब अर्जेंटीना सरकार की कैबिनेट में फेरबदल होने वाला है. इसमें तकरीबन आधे मंत्री पद से हटाए जाने वाले हैं.
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हो सकता है कि राष्ट्रपति की कुछ घोषणाओं का बाज़ार पर सकारात्मक असर पड़े. लेकिन इनसे राजनीतिक तनाव भी पैदा होने की आंशका है क्योंकि पद से हटाए जाने वाले मंत्रियों में वो लोग भी होंगे जो उनके आर्थिक सुधारों को मंजूरी दिलाने में मदद करते.
मारीसिया के फ़ैसलों की परीक्षा आने वाले दिनों में होगी. बाज़ार, देश की आम जनता और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष इनके असर के बारे में बताएंगे.
अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था पिछले कई सालों से सुस्त पड़ी हुई है. तीन साल पहले सत्ता में आए मारीसिया ने हालात बदलने का वादा किया था.
गंभीर आर्थिक संकट और महंगाई के बावजूद आईएमएफ़ ने पिछले महीने कहा था कि साल 2019 की शुरुआत तक अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था स्थिर होने का अनुमान है.
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