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यूक्रेन युद्ध के खिलाफ रूस के सरकारी चैनल में प्रदर्शन, स्टूडियो में महिला कर्मचारी ने लहराया पोस्टर

टीवी चैनल के प्रमुख पावेल चिकोव ने कहा कि, महिला ओव्स्यानिकोवा को गिरफ्तार कर लिया गया और उसे मॉस्को पुलिस स्टेशन ले जाया गया और उसे 15 सालों की सजा हो सकती है।

कीव/मॉस्को, मार्च 15: यूक्रेन पर रूसी हमले का पूरी दुनिया में विरोध किया जा रहा है और रूस में भी पुतिन के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के 20 दिन हो चुके हैं और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है, कि रूसी सेना ने पूरे यूक्रेन को छलनी छलनी कर दिया है, लेकिन यूक्रेन ने घुटना अभी तक नहीं टेका है। वहीं, रूस में प्रदर्शन तक टीवी स्टूडियो तक पहुंच चुका है।

टीवी स्टूडियो तक पहुंचा प्रदर्शन

टीवी स्टूडियो तक पहुंचा प्रदर्शन

यूक्रेन युद्ध का विरोध करते हुए रूस की सरकारी टीवी चैनल में लाइव बुलेटिन के वक्त टीवी चैनल की ही एक स्टाफ एंकर के पीछे एक पोस्टर लेकर पहुंच गई, जिसमें युद्ध को फौरन रोकने की मांग की गई थी। इस पोस्टर में यूक्रेन युद्ध की निंदा की गई थी। इस पोस्टर पर अंग्रेजी और रूसी भाषा में लिखकर युद्ध विरोध किया गया है। इस पोस्टर पर लिखा है, 'फौरन युद्ध बंद करो'। इस पोस्टर में आगे रूसी भाषा में लिखा है... 'युद्ध को फौरन रोको... प्रोपेगेंडा पर विश्वास मत करो, वो आपसे यहां (टीवी चैनल पर) झूठ बोल रहे हैं'। वहीं, इस पोस्टर पर सबसे नीचे लिखा था, जो अस्पष्ट दिखाई दे रहा है, कि 'रूस के लोग युद्ध के खिलाफ हैं।'

एंकर पढ़ती रही न्यूज, पीछे प्रदर्शन

एंकर पढ़ती रही न्यूज, पीछे प्रदर्शन

यूक्रेन युद्ध को लेकर जैसे ही रूस में प्रदर्शन शुरू हुए, ठीक वैसे ही रूस में मीडिया के ऊपर काफी सख्त पाबंदियां लगा दी गईं हैं। टीवी स्टूडियो में एंकर खबर पढ़ रही थी और अचानक उसके पीछे पोस्टर लिए महिला प्रदर्शन के लिए पहुंच गई, जो खुद भी टीवी चैनल में ही काम करती है। वहीं, पोस्टर लिए हुए महिला को स्क्रीन से हटाने में कुछ सेकंड लग गये और इस बीच टीवी एंकर लगातार खबर पढ़ रही थी। वहीं, टीवी चैनल पर रूसी युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली महिला का ये वीडियो पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी इस लड़की का वीडियो पोस्ट किया है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने की तारीफ

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने टीवी स्टूडियो में प्रदर्शन करने वाली लड़की की तारीफ करते हुए कहा कि, "मैं उन रूसियों का आभारी हूं जो सच्चाई बताने की कोशिश करना बंद नहीं करते हैं। मैं उन लोगों का आभारी हूं, जो उन लोगों से लड़ रहे हैं, जो दुष्प्रचार फैला रहे हैं और और मैं उन रूसियों का आभारी हूं, जो सच्चाई बता रहे हैं। मैं उन रूसियों का आभारी हूं, जो अपने दोस्तों और प्रियजनों को वास्तविक तथ्य बताते हैं।" जेलेंस्की ने कहा कि, "और व्यक्तिगत रूप से उस महिला का आभारी हूं, जिसने युद्ध के खिलाफ एक पोस्टर के साथ चैनल वन के स्टूडियो में प्रवेश किया।"

पूरी दुनिया में बनी पोस्टर गर्ल

पूरी दुनिया में बनी पोस्टर गर्ल

वहीं, रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी, जिन्हें पुतिन ने जेल में पिछले डेढ़ सालों से बंद करके रखा हुआ है, उनके प्रवक्ता ने भी पोस्टर लहराने वाली लड़की की तारीफ की है और एलेक्सी नवलनी की प्रवक्ता किरा यार्मिश ने ट्विटर पर लिखा, "वाह, वह लड़की मस्त है।" उन्होंने जो वीडियो पोस्ट किया है, उसे अभी तक 27 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं।

पुतिन समर्थक है टीवी चैनल

जिस चैनल पर यूक्रेन युद्ध की निंदा की गई है, वो रूस की सरकारी टीवी चैनल है और यूक्रेन युद्ध के समय रूस में सिर्फ यही न्यूज चैनल रूसियों तक बात पहुंचा रहा है। रूस में मीडिया के खिलाफ इतने सख्त नियम बनाए गये हैं, कि किसी भी प्राइवेट चैनल के लिए न्यूज दिखाना संभव नहीं है, लिहाजा सभी विदेश प्राइवेट चैनल रूस से बाहर निकल चुके हैं। वहीं, चैनल पर पोस्टल लहराने वाली महिला का नाम मरीना ओवस्यानिकोवा है, जो इसी न्यूज चैनल में काम करती है और पोस्टर लहराने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और रिपोर्ट के मुताबिक, नये नियमों के तहत उसके खिलाफ रूस सरकार से 'विद्रोह' करने के आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा।

15 सालों की हो सकती है सजा

15 सालों की हो सकती है सजा

टीवी चैनल के प्रमुख पावेल चिकोव ने कहा कि, महिला ओव्स्यानिकोवा को गिरफ्तार कर लिया गया और उसे मॉस्को पुलिस स्टेशन ले जाया गया। रूसी समाचार एजेंसी Tass ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से कहा है कि, महिला प्रदर्शनकारी को सशस्त्र बलों को बदनाम करने के खिलाफ बने कानून के तहत आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, 4 मार्च को पारित कानून में , रूस की सेना को अवैध रूप से बदनाम करने के उद्देश्य से काम करने वालों के खिलाफ, नकली समाचारों के प्रसार या "रूसी संघ के सशस्त्र बलों के उपयोग के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी के सार्वजनिक प्रसार" पर प्रतिबंध लगाता है। इस अपराध में 15 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला की मां यूक्रेन से है और उसके पिता रूस से हैं और वो युद्ध को मानवता के खिलाफ बताते हुए फौरन युद्ध रोकने की मांग कर रही थी।

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