आईएसआईएस के चंगुल से बचकर आई एक और याजिदी लड़की ने बयां किया दर्द
लंदन। आईएसआईएस का खौफ और उसका आतंक किसी भी तरह से कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 2014 में आतंक के जिस युग की शुरुआत हुई थी उसकी यादें और उसके जख्म उन लोगों के जेहन और दिलों में ताजा हैं, जो किसी तरह से बचकर आ गए हैं।

गौरतलब है कि आईएसआईएस के आतंक की शुरुआत इराक से हुई थी। यहां के शहर सिंजर में मौजूद याजिदी समुदाय की बच्चियों और महिलाओं को आतंकियों ने बंधक बना लिया था। इनकी संख्या करीब पांच हजार थी। आईएसआईएस ने इन सभी को सेक्स स्लेव बना लिया था।
इराक की एक महिला फोटोग्राफर ने इन सभी लड़कियों का पता लगाया है। सेइवान सलीम नामक इस फोटोग्राफर ने उन लड़कियों से मुलाकात की जो बचकर आ गई हैं।
सलीम ने इन लड़कियों को ट्रेडीशनल याजिदी व्हाइट ड्रेस में दिखाया है। इसके जरिए वह दुनिया को एक संदेश देना चाहती हैं कि ये सभी लड़कियां आज भी पवित्र हैं।
डेली मेल के मुताबिक एक 12 वर्ष की बच्ची के साथ आईएसआईएस के आतंकियों ने कई बार रेप किया। एक याजिदी लड़की जिसकी उम्र 21 वर्ष है उसने मेल को अपनी आप बीती सुनाई है।
इसका नाम परला है और इसने बताया है कि आतंकी उसे और बाकी लड़कियों को सीरिया ले गए थे। उन्हें कई-कई दिनों तक खाना नहीं दिया था और आखिरी में उन्हें बेच दिया गया।
परला के मुताबिक उसे सऊदी अरब के एक बूढ़े व्यक्ति को बेचा गया था। यह व्यक्ति रोज उसके साथ रेप करता था। वह कहता था कि अगर वह रोज उसके साथ ऐसा करेगा तो वह भी उसकी तरह मुसलमान हो जाएगी। जब लड़कियां कम खाने के बारे में कहतीं तो उन्हें जवाब मिलता था कि गुलामों को कम खाना ही खाना चाहिए।
परला ने बताया है कि लड़कियों को आईएसआईएस आतंकियों ने सीरिया के किसी स्कूल में रखा था। इन लड़कियों पर इस्लाम धर्म को कुबूल करने का दबाव भी डाला गया था। परला का परिवार अभी तक आईएसआईएस के कब्जे में है और उसे नहीं मालूम है कि उसके परिवार में अब कोई जिंदा बचा है या नहीं।












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