लद्दाख में सीमा-विवाद के बीच चाइना ने पहली बार भारत से आयात किया चावल, क्या ये है कोई नई चाल
लद्दाख में सीमा-विवाद के बीच चाइना ने पहली बार भारत से आयात किया चावल, क्या ये है कोई नई चाल
नई दिल्ली। भारत की लद्दाख सीमा पर चाइना पिछले अप्रैल माह से घुसपैठ कर रहा है जिसके कारण भारत और चाइना के बीच लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अचानक से चाइना से चावल आयात करना शुरू किया है। भारतीय उद्योग के अधिकारियों ने रायटर को बताया कि चीन ने कम से कम तीन दशकों में पहली बार भारतीय चावल का आयात करना शुरू किया है।

बता दें भारत चावल का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है और चीन सबसे बड़ा आयातक है। बीजिंग सालाना लगभग 4 मिलियन टन चावल का आयात करता है लेकिन गुणवत्ता के मुद्दों का हवाला देते हुए वो अभी तक भारत से खरीद से बचता है लेकिन भारत से तनाव के बीच अचानक चाइना का ये हृदय परिर्वतन क्यों हुआ? इसको लेकर देश के अलाधिकारी और व्यापारी वजह तलाश रहे हैं।
चाइना अगले साल बढ़ा सकता है चावल का आयात
भारत से चावल आयात करने का फैसला ऐसे समय में आई है जब लद्दाख में सीमा विवाद के कारण दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव अधिक है। पहली बार चीन ने चावल की खरीदारी की है। राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बी वी कृष्ण राव ने कहा कि भारतीय फसल की गुणवत्ता को देखते हुए वे अगले साल खरीदारी बढ़ा सकते हैं। उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि भारतीय व्यापारियों ने दिसंबर-फरवरी के लदान के लिए 100,000 टन टूटे चावल का निर्यात लगभग 300 डॉलर प्रति टन करने का अनुबंध किया है। भारतीय चावल व्यापार अधिकारियों के अनुसार, चीन के पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं, जैसे कि थाईलैंड, वियतनाम, म्यांमार और पाकिस्तान में निर्यात के लिए अधिशेष आपूर्ति सीमित है और भारतीय कीमतों की तुलना में कम से कम $ 30 प्रति टन अधिक मूल्य चुका रहे हैं।












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