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देसी कट्टे जैसा सिरदर्द बन गए हैं अमेरिका के घोस्ट गन

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अमेरिकी राष्ट्रपति को दिखाया गया घोस्ट गन का नमूना

वॉशिंगटन, 14 अप्रैल। बाइडेन प्रशासन एक नया कानून ला रहा है, जिससे कि घोस्ट गन यानी अवैध बंदूकों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके. ये वो हथियार हैं जिनका सीरियल नंबर नहीं होता. बीते सालों में अपराध की घटनाओं में इनका इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति के दफ्तर वाइट हाउस और न्याय विभाग की दलील है कि बंदुकों के अलग-अलग हिस्सों की बिक्री को नियंत्रित करके और डीलरों के लिए घोस्ट गन पर सीरियल नंबर लगाने की अनिवार्यता का नियम बनाकर हिंसक अपराधों में कमी लाई जा सकती है. सरकार का यह भी मानना है कि इससे पुलिस को अपराधों की जांच में भी मदद मिलेगी. हालांकि बंदूक समर्थक गुटों का कहना है कि सरकार हद से आगे जा रही है और यह नियम संघीय कानून का उल्लंघन है.

घोस्ट गन होते क्या हैं?

वास्तव में घोस्ट गन निजी तौर पर बनाए गए बंदूक हैं, जिन पर सीरियल नंबर नहीं होता. आमतौर पर लाइसेंस लेकर बंदूक बनाने वाली कंपनियों के लिए उन पर सीरियल नंबर डालना जरूरी होता है. इसे बंदूक पर इस तरह दर्ज किया जाता है कि उसे देखा जा सके. अपराध की जांच करने वाले अधिकारी इस सीरियल नंबर के सहारे उसे बनाने वाले, डीलर और फिर असल खरीदार तक पहुंच जाते हैं.

घोस्ट गन बनाने वाली किट

इसके उलट घोस्ट गन बनाने के लिए अलग-अलग पुर्जे या हिस्से खरीद कर उन्हें आपस में जोड़ा जाता है. इस तरह की बंदूकों के सबसे जरूरी हिस्से को लोअर रिसीवर कहा जाता है. यह मेटल या पॉलीमर का बना होता है और अक्सर इन्हें इस तरह बेचा जाता है कि खरीदार खुद इसके हिस्सों को जोड़ कर बंदूक तैयार कर सकता है. इस तरह का रिसीवर यानी जो पूरी तरह बंदूक नहीं है, उसे बिना सीरियल नंबर या किसी और पहचान के ऑनलाइन खरीदा जा सकता है. मौजूदा कानूनों के तहत संघीय सरकार लोअर रिसीवर को बंदूक या आग्नेयास्त्र नहीं मानती है.

नया कानून क्या करेगा?

नया कानून आग्नेयास्त्र या फिर बंदूक की परिभाषा बदल देगा. इसके बाद बंदूक बेचने वाले डीलरों को इस तरह से बनाए जाने वाले घोस्ट गन पर भी सीरियल नंबर डालना जरूरी हो जाएगा. अमेरिका का 'ब्यूरो ऑफ अल्कोहल, टोबैको, फायरआर्म्स ऐंड एक्स्प्लोजिव' कई सालों से यह कहता रहा है कि लोअर रिसीवर आग्नेयास्त्र की परिभाषा में फिट नहीं होते. इसके साथ ही अमेरिका में अपना हथियार बनाने की भी आजादी है और यह गैरकानूनी नहीं. अगर आप अपने इस्तेमाल के लिए हथियार बनाते हैं और इसे बेचने का इरादा नहीं रखते, तो यह पूरी तरह से कानूनी है. अगर आप हथियार बेचने का कारोबार शुरू करते हैं, तो इसके लिए आपको लाइसेंस लेना होगा.

नए कानून के तहत आग्नेयास्त्र या बंदूक की परिभाषा में इसके अधूरे हिस्सों को भी शामिल किया जाएगा. हैंडगन की फ्रेन या लॉन्ग गन का रिसीवर भी इसके दायरे में आएंगे. नया कानून यह जरूरी कर देगा कि इन हिस्सों के सीरियल नंबर हों. डीलरों को इन्हें बेचने के लिए पहले खरीदार की पृष्ठभूमि देखनी होगी, जैसा कि वे आमतौर पर बिक्री के लिए बनाई जाने वाली दूसरी बंदूकों के साथ करते हैं.

नए नियम पर इस बात से फर्क नहीं पड़ेगा कि बंदूक कैसे बनाई गई. इसका मतलब है कि अलग-अलग हिस्सों, किट या फिर थ्रीडी प्रिंटर से बनाए घोस्ट गन भी इस नियम के दायरे में होंगे. इसके साथ ही यह लाइसेंस वाले डीलरों और बिना सीरियल नंबर वाले बंदूक खरीदने वालों के लिए सीरियल नंबर जरूरी कर देगा. इसका मतलब है कि अगर किसी बिचौलिये या डीलर को कोई बंदूक बेचता है, तो उसे फिर किसी और को बेचने से पहले डीलर को उस पर सीरियल नंबर डालना होगा.

कितने आम हैं घोस्ट गन?

घोस्ट गन अमेरिका में नए नहीं हैं, लेकिन अब वे पूरे अमेरिका में कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं. संघीय अधिकारी स्थानीय स्तर पर बनी सेना जैसे सेमी ऑटोमैटिक राइफल और हैंडगन के बढ़ते काले बाजार के बारे में लगातार चेतावनी दे रहे हैं. इसके अलावा बिना सीरियल नंबर वाली बंदूकों का अपराध में बहुत इस्तेमाल हो रहा है. अंडरकवर ऑपरेशन में जब फेडरल एजेंट अपराधियों से बंदूक खरीदते हैं, तो वहां भी ऐसी बंदूकें खूब मिलती हैं.

लोगों के जेहन में घोस्ट गन पहली बार 2013 में बड़ी मजबूती से उभरा, जब जॉन जवाहरी ने कैलिफोर्निया के सांता मोनिका कॉलेज के कैंपस में गोलीबारी की. इस वारदात में छह लोग मारे गए, जिनमें जवाहिरी का भाई और उसके पिता भी थे. संदिग्ध की पृष्ठभूमि देखने के बाद जब डीलर ने उसे बंदूक बेचने से मना कर दिया, तो उसने एआर-15 गन खुद ही बना ली.

2017 में एक बंदूकधारी ने अपनी बीवी और चार दूसरे लोगों की नॉर्थ कैलिफोर्निया में हत्या कर दी थी. उसे भी हथियार रखने की इजाजत नहीं मिली थी और उसने भी खुद ही अपने लिए हथियार बना लिए. इसी तरह 2019 में लॉस एंजेलेस के एक किशोर ने घोस्ट गन का इस्तेमाल कर अपनी क्लास के दो छात्रों की जान ले ली और तीन दूसरे लोगों को घायल कर दिया.

बीते सालों में घोस्ट गनों की बिक्री काफी ज्यादा बढ़ गई है. सरकार को तो सही-सही पता भी नहीं है कि ऐसी कितनी बंदूकें बाहर घूम रही हैं. आमतौर पर पुलिस विभाग इन बंदूकों के मामले में सरकार से संपर्क नहीं करता क्योंकि इन्हें ढूंढना मुश्किल है. न्याय विभाग का कहना है कि पुलिस ने 2016 से 2020 के बीच करीब 24,000 घोस्ट गन अपराध वाली जगहों से बरामद किए हैं. न्यू यॉर्क की पुलिस के मुताबिक उसने इस साल जनवरी से लेकर अब तक 131 घोस्ट गन बरामद किए हैं.

राष्ट्रपति जो बाइडेन घोस्ट गन पर लगाम कसने के लिए कानून लाने की कोशिश में हैं

अब आगे क्या होगा

न्याय विभाग का कहना है कि फेडरल रजिस्टर में दर्ज होने की तारीख से 120 दिन के बाद यह कानून लागू हो जाएगा. हालांकि बंदूकों की वकालत करने वाले गुटों के भारी विरोध के कारण इसके कानून बनने में कितना समय लगेगा, यह कहना कठिन है. नियम के बिंदुओं को बनाने में ही सरकार को एक साल से ज्यादा समय लग गया है. बाइडेन प्रशासन ने घोस्ट गन के बारे में कठोर नियम बनाने की घोषणा अप्रैल 2021 में की थी. उधर अमेरिका के बंदूक मालिकों का कहना है कि वे इस नियम का विरोध करेंगे और इसे लागू नहीं होने देंगे.

एनआर/एसएम(एपी)

Source: DW

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English summary
America's ghost guns have become a headache like a desi gun
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