अमेरिका ने भारत की तीन बड़ी कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, ईरान से रूस हथियार सप्लाई करने का आरोप
US imposes Sanctions Indian Companies: इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच अमेरिका ने इस्लामिक देश के खिलाफ सख्ती को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान की मदद करने के आरोप में तीन भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने गुरुवार को ईरानी सेना की ओर से "अवैध व्यापार और UAV ट्रांसफर" में मदद पहुंचाने के लिए भारत की तीन कंपनियों सहित एक दर्जन कंपनियों, व्यक्तियों और जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका ने हिजबुल्लाह, हमास और फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद जैसे प्रॉक्सी समूहों को समर्थन देने के लिए ईरान को दंडित किया है। अमेरिका इन संगठनों को आतंकवादी संगठनों के रूप में देखता है।

तीन भारतीय कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा है, कि इन कंपनियों, व्यक्तियों और जहाजों ने यूक्रेन में रूस के युद्ध के लिए ईरानी मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) की गुप्त बिक्री को सुविधाजनक बनाने और वित्तपोषण करने में केंद्रीय भूमिका निभाई है।
ईरानी आर्मी यूनिट सहारा थंडर को इस पूरे प्रोसेस में फ्रंट कंपनी के रूप में पहचाना गया है, जो रूस को हथियार पहुंचाने की इस कोशिश में ईरान की कॉमर्शियल गतिविधियों की देखरेख करती है।
आपको बता दें, कि ऐसे आरोप हैं, कि यूक्रेन में पिछले सवा दो सालों से चल रहे युद्ध की वजह से रूस के पास तोप के गोले, ड्रोन और कई अन्य महत्वपूर्ण हथियार खत्म हो गये हैं। लिहाजा वो अमेरिका के दुश्मन देशों, जैसे ईरान और उत्तर कोरिया से हथियार खरीद रहा है। हालांकि, ना रूस, ना उत्तर कोरिया और ना ही ईरान ने कभी इन आरोपों को कबूल किया है।
किन भारतीय कंपनियों पर लगे प्रतिबंध
ईरान की आर्मी यूनिट सहारा थंडर का समर्थन करने के लिए जिन तीन भारत-आधारित कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया है, वे हैं Zen Shipping, Port India Private Limited और Art Ship Management (OPC) प्राइवेट लिमिटेड।
अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने कहा, कि सहारा थंडर, ईरान के रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बल लॉजिस्टिक्स (MODAFL) की तरफ से पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC), रूस और वेनेजुएला सहित कई देशों की क्षेत्रों में ईरानी वस्तुओं की बिक्री और शिपमेंट में शामिल एक विशाल शिपिंग नेटवर्क पर निर्भर करता है।
बयान में कहा गया है, कि "सहारा थंडर ने कुक आइलैंड्स-ध्वज वाले जहाज CHEM (IMO 9240914) के लिए भारत स्थित ज़ेन शिपिंग और पोर्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ टाइम-चार्टर कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किया है, जिसका प्रबंधन और संचालन संयुक्त अरब अमीरात स्थित सेफ सीज़ शिप मैनेजमेंट FZE द्वारा किया जाता है।"
बयान में आगे कहा गया है, कि "सहारा थंडर ने 2022 से वस्तुओं के कई शिपमेंट आयोजित करने के लिए CHEM जहाज का उपयोग किया है। जबकि, ईरान स्थित अर्सांग सेफ ट्रेडिंग कंपनी ने CHEM सहित कई सहारा थंडर-से संबंधित शिपमेंट्स की डिलीवरी के लिए जहाज मैनेजमेंट सेवाएं प्रदान की हैं।"
अमेरिका ने आगे कहा, कि "भारत स्थित Sea Art Ship Management (OPC) प्राइवेट लिमिटेड और यूएई स्थित कंपनी Trans Gulf Agency LLC ने सहारा थंडर की मदद में जहाज मैनेजमेंट सेवाएं प्रदान करने के लिए मिलकर काम किया है। संयुक्त अरब अमीरात और ईरान स्थित कोरल ट्रेडिंग ईएसटी ने मिलकर सहारा थंडर से ईरानी वस्तुएं खरीदी हैं और फिर उन्हें रूस पहुंचाया गया।"
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की आतंकवाद और वित्तीय खुफिया विभाग के अवर सचिव ब्रायन ई नेल्सन ने जोर देकर कहा, कि ईरान यूक्रेन पर रूस के युद्ध और इस महीने की शुरुआत में अपने कट्टर दुश्मन इजरायल पर अभूतपूर्व हमले का समर्थन करके क्षेत्र और दुनिया को अस्थिर करने पर काम कर रहा है, जिससे मध्य पूर्व में व्यापक हमले की आशंका पैदा हो गई है।












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