South China Sea को लेकर ट्विटर पर भिड़ गए भारत में चीन और ऑस्ट्रेलिया के राजदूत
नई दिल्ली। साउथ चाइना सी को लेकर ऑस्ट्रेलिया के साथ अब चीन का विवाद बढ़ता जा रहा है। भारत में ऑस्ट्रेलिया के राजदूत बैरी ओ फारेल ने चीन के इस हिस्से पर दावे को मानने से इनकार कर दिया था। उनके इस बयान को भारत में तैनात चीनी राजदूत सेन विडोंग ने खारिज कर दिया है। इतना ही नहीं दोनों राजनयिक ट्विटर पर ही भिड़ गए।

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नाम लिए बिना लगाया आरोप
बुधवार को ऑस्ट्रेलियन राजदूत फारेल ने कहा था कि जिस तरह से चीन, साउथ चाइना सी पर कार्रवाई कर रहा है, उसे लेकर ऑस्ट्रेलिया खासा चिंतित है। इस पर चीन के राजदूत विडोंग ने शुक्रवार को ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त की साउथ चाइना सी को लेकर की गई टिप्पणी पर ध्यान गया है। चीन के इस हिस्से में संप्रभु और मैरीटाइम अधिकार हैं और वह सभी यूनाइटेड नेशंस के कानून UNCLOS के मुताबिक ही हैं। यह साफ हो चुका है कि कौन शांति और स्थिरत की रक्षा कर रहा है और क्षेत्र को अस्थिर करने और यहां पर तनाव बढ़ाने में लगा हुआ है।'पिछले हफ्ते ही यूएन में ऑस्ट्रेलिया ने घोषणा कर दी है कि साउथ चाइना सी पर जो विवादित द्वीप हैं, वह चाइना की सीमा में नहीं आते हैं। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने कहा था कि वह चीन की तरफ से किए जा रहे दावों को खारिज करती है जो 1982 यूएन कनवेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी (UNCLOS) के विपरीत हैं।
ऑस्ट्रेलियाई राजनयिक का जवाब
चीनी राजदूत की इस ट्वीट के कुछ ही मिनटों बाद ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओ फारेल ने उन्हें ट्वीट में ही जवाब दिया। फारेल ने लिखा, 'आपका बहुत धन्यवाद। मैं उम्मीद करता हूं कि आप साल 2016 के साउथ चाइना सी पर पंचाट के फैसले को मानते होंगे जो कि अंतिम है और अंतरराष्ट्रीय कानून से बंधा है और ये भी उम्मीद करता हूं कि आप साधारणतौर पर ऐसी कार्रवाई से बचेंगे जो यथा स्थिति में एकपक्षीय बदलाव करने वाली हो।' फारेल ने कहा था कि ऑस्ट्रेलिया इस बात को लेकर खासा चिंतित है कि साउथ चाइना सी पर जो एक्शन चीन की तरफ से लिए जा रहे हैं, वो उसे अस्थिर कर रहे हैं और तनाव के भड़का रहे हैं।












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