एलियंस 'दैत्य' हैं जिन्हें राक्षसी शक्तियां खास मकसद से धरती पर भेजती हैं, धार्मिक विद्वानों का बड़ा दावा
धार्मिक विद्वान यह समझाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, कि बाइबल जैसे धार्मिक ग्रंथों में विदेशी जीवन के अस्तित्व का कोई संकेत क्यों नहीं है?
वॉशिंगटन, अगस्त 30: धार्मिक विद्वानों के अनुसार एलियन बुरी शक्तियों द्वारा भेजे गए "राक्षस" हैं। अमेरिकी सरकार इन दिनों अमेरिकी सैन्य पायलटों के उन दावों की तहकीकात कर रही हैं, जिनमें कहा गया है, कि उन्होंने 144 यूएफओ को देखे हैं,वहीं धर्मशास्त्र विशेषज्ञ धर्म पर बुद्धिमान अलौकिक जीवन की खोज के संभावित प्रभाव की खोज कर रहे हैं।

धार्मिक विद्वानों का बड़ा दावा
धार्मिक विद्वान यह समझाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, कि बाइबल जैसे धार्मिक ग्रंथों में विदेशी जीवन के अस्तित्व का कोई संकेत क्यों नहीं है और उनका मानना है कि कुछ यूएफओ देखे जाने की व्याख्या एलियंस को "राक्षस" ब्रांड करके की जाती है। वे कहते हैं कि, जो लोग दावा करते हैं, कि अलौकिक शक्तियों ने उनका अपहरण किया है, लेकिन उनके पास इससे ज्यादा जानकारी नहीं होती है, वो इसी बात की तरफ इशारे करते हैं।

कैथोलिक धर्मशास्त्री का एलियंस पर दावा
प्रमुख कैथोलिक धर्मशास्त्री डॉ पॉल थिगपेन ने दावा किया है कि, यूएफओ या "अज्ञात एयरोस्पे या फिर जिनके बारे में कहा जाता है, कि वो अचानक समुद्र में गायब हो गई हैं, वो इस बात की तरफ इशारा करती है, कि सरकार को इससे कहीं ज्यादा जानकारी है, लेकिन सरकार उन जानकारियों को किसी के साथ साझा नहीं करना चाहती हैं। उन्होंने नेशनल कैथोलिक रजिस्टर को बताया कि, "यूएपी के साथ हम वास्तव में समान विशेषताओं के बावजूद विभिन्न मूल की असाधारण घटनाओं से निपट सकते हैं। उन्होंने कहा कि, अलौकिक शक्तियों की परिकल्पना और यह धारणा कि ब्रह्मांड से परे किसी ना किसी ग्रह पर परलौकिक शक्तियां हो सकती हैं, वो यूएपी की तरफ से ध्यान भटकाने का सही उपाय है।

चर्च की तरफ से बड़े दावे
धर्मशास्त्री डॉ पॉल थिगपेन की तरफ से कई दावे किए गये हैं। उन्होंने कहा कि, "एलियंस को लेकर शैतानी परिकल्पना, कि वे राक्षस हैं और कुछ यूएपी रिपोर्टों को बनाने के लिए सबसे अच्छी वजह है और उन्हें तथाकथित अपहरण से जोड़ दिया जाता है, उनके बारे में चर्च का मानना है कि, कि वो राक्षसी मुठभेड़ हैं और वो इसी तरफ इशारा करता है। धर्मशास्त्री डॉ पॉल थिगपेन, जिन्होंने एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल इंटेलिजेंस एंड द कैथोलिक फेथ नामक पुस्तक लिखी है, उन्होंने कहा कि, यदि एलियंस मौजूद हैं तो वे "ईश्वर द्वारा बनाए गए" और "मसीह के प्रभुत्व के अधीन" हैं। उन्होंने ये भी लिखा है, कि "भगवान उन प्राणियों से प्यार करता है, वह अपने द्वारा बनाई गई हर चीज से प्यार करता है।"

राक्षसी शक्तियां भेजती हैं एलियंस
अमेरिका स्थित रूढ़िवादी ईसाई सूचना केंद्र इस बात से सहमत है। एटना के दिवंगत आर्कबिशप क्राइसोस्टोमोस की एक पत्र साल 2012 में प्रकाशित हुई थी और उनके एक पत्र के अनुसार "आखिरकार कोई इस निष्कर्ष से बच नहीं सकता" कि विदेशी अपहरणकर्ता "राक्षस या प्रेत राक्षसी शक्ति द्वारा बनाए गए" हैं। उन्होंने अपने पत्र में लिखा था, कि "पहली बार में वे राक्षसों की तरह दिखते हैं। वे भौतिक प्राणी प्रतीत होते हैं और फिर भी एक पारदर्शी चरित्र रखते हैं।" हाांकि, "चर्च की शिक्षाओं के अनुसार, राक्षस आध्यात्मिक प्राणी हैं, मतलब वे गिरे हुए देवदूत हैं। लेकिन क्योंकि वे भ्रष्ट और पतित हैं, लिहाजा वो इंसानी जुनून को खाने पृथ्वी पर आते हैं।'' उन्होंने लिखा है कि, "यह विदेशी अपहरणकर्ताओं द्वारा उनके बंदियों के लगभग सार्वभौमिक यौन शोषण की व्याख्या करता है। दूसरे स्थान पर, अपहरणकर्ताओं की उनकी शारीरिक जांच के दौरान, एलियंस पीड़ितों को दर्द देते हैं और अक्सर उन्हें डराते हैं।"

एलियंस पर समझाने वाला कोई नहीं
उन्होंने कहा कि "क्लासिक राक्षसी अधिकार", जो सदियों से ऑर्थोडॉग्स चर्च के लिए जाना जाता है, वो "आधुनिक समय में हम जो विदेशी अपहरण देखते हैं, उसके लिए जिम्मेदार हैं"। लेकिन धार्मिक विश्वासों में गिरावट के कारण आधुनिक समय में अब ऐसा कोई नहीं है, जो उन्हें "ईसाई ढांचे के साथ उन्हें समझा सके।"












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