पाकिस्तान पर दिखने लगा दिवालिएपन का असर, विमानों का उड़ना हो सकता है बंद, एविएशन सेक्टर करेगा क्रैश?
पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है और आईएमएफ ने पाकिस्तान को लोन देने से मना कर दिया है, लिहाजा माना जा रहा है, कि इस महीने पाकिस्तान डिफॉल्ट कर जाएगा।

Pakistan News: पाकिस्तान पर इस महीने डिफॉल्ट होने का खतरा है और अगर 30 जून तक पाकिस्तान को विदेशी मदद नहीं मिलती है, तो फिर पाकिस्तान डिफॉल्ट कर जाएगा।
लेकिन, डिफॉल्ट होने से पहले ही पाकिस्तान पर डिफॉल्ट होने के असर दिखने लगे हैं और जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का एविएशन सेक्टर ठप हो सकता है और फंड की कमी की वजह से फ्लाइटें जमीन पर आ सकती हैं।
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) ने चेतावनी दी है, कि फंड को रोके जाने के बाद पाकिस्तान में एविएशन सर्विस ठप पड़ सकता है और पाकिस्तान सहित कई देशों में एयरलाइन कनेक्टिविटी के लिए खतरा पैदा हो रहा है।
एयरलाइंस सेक्टर पर खतरा
जियो न्यूज के मुताबिक, ग्लोबल एयरलाइन एसोसिएशन ने रविवार को एक बयान में कहा है, कि अप्रैल 2023 में एविएशन इंडस्ट्री का ब्लॉक अमाउंट 47 प्रतिशत बढ़कर 2.27 अरब डॉलर हो चुका है, जो अप्रैल 2022 में 1.55 अरब डॉलर थी।
आईएटीए ने कहा, "एयरलाइंस उन मार्केट में सेवाओं की पेशकश जारी नहीं रख सकती हैं, जहां वे उन बाजारों में अपनी व्यावसायिक गतिविधियों से उत्पन्न होने वाले राजस्व को वापस करने में असमर्थ हैं।"
एयरलाइन एसोसिएशन के महानिदेशक विली वॉल्श ने पाकिस्तान से इस स्थिति को हल करने के लिए एयरलाइंस इंडस्ट्री से मिलकर काम करने का आग्रह किया है, ताकि एयरलाइंस कनेक्टिविटी बनी रह सके, अन्यथा पाकिस्तान में एयरलाइंस की गतिविधिया बंद हो सकती हैं। इसके अलावा, भारी संख्या में नौकरी जाने की भी चेतावनी दी गई है।
पाकिस्तान के अलावा ये चेतावनी नाइजीरिय, बांग्लादेश, अल्जीरिया और लेबनान को भी दी गई है।
पाकिस्तान में फ्लाइटें होंगी बंद
एयरलाइन एसोसिएशन ने पाकिस्तान समेत इन सरकारों से अंतरराष्ट्रीय समझौतों और संधि के दायित्वों का पालन करने का भी आग्रह किया है, ताकि एयरलाइनों को टिकटों की बिक्री, कार्गो स्पेस और अन्य गतिविधियों से उत्पन्न होने वाले इन फंडों को वापस करने में सक्षम बनाया जा सके।
इसी साल मार्च में, वैश्विक एयरलाइन उद्योग निकाय ने चेतावनी दी थी, कि पाकिस्तान में फ्लाइटों का ऑपरेशन जारी रखना "बहुत चुनौतीपूर्ण" हो गया है, क्योंकि कंपनियां पाकिस्तान से पैसे निकालने के लिए संघर्ष कर रही हैं। जिससे संकटग्रस्त देश में काम कर रही विदेशी कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।
आपको बता दें, कि पाकिस्तान ने पिछले एक साल से डॉलर के देश के बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा रखे हैं और जरूरी-गैर जरूरी सामानों की विदेशों से खरीददारी पर भी प्रतिबंध लगा है। पाकिस्तान सिर्फ ईंधन और दवा ही विदेशों से मंगवा रहा है, जिसकी वजह से पाकिस्तान के कपड़ा उद्योग ने भी दम तोड़ दिया है और लाखों लोगों की नौकरी चली गई है। वहीं, एविएशन सेक्टर के क्रैश करने से पाकिस्तान और भी बुरे हालात में पहुंच जाएगा।
माना जा रहा है, कि जून में अगर पाकिस्तान दिवालिया हो जाता है, तो पहली जुलाई के बाद पाकिस्तान में श्रीलंका जैसे हालात बन जाएंगे, क्योंकि देश के पास ईंधन खरीदने के लिए पैसे नहीं बचेंगे।
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इस साल फरवरी में, वर्जिन अटलांटिक ने पाकिस्तान में अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं और पूरी संभावना है, कि जून के अंत तक कई और विदेशी एयरलाइंस कंपनी को पाकिस्तान में अपनी सेवाएं बंद करनी होंगीा।












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