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तालिबान राज में दो वक्त की रोटी को तरसे अफगान, 3 साल की बेटी को दुल्हन बनाकर पिता ने बेचा

परवाना और मगुल की तरह दर्जनों और सैकड़ों अफगान लड़कियों का भविष्य अनिश्चितता के अंधेरे में डूब चुका है या डूब रहा है। तालिबान राज में बेटियों की तकदीर पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है।

काबुल, जनवरी 02: पिछले साल 15 अगस्त को तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया था और उसके बाद से अफगानिस्तान से निकलने वाली कहानियां इंसानी इतिहास की सबसे दर्दनाक कहानियां साबित हो रही हैं। भूख ने अफगानों को किस कदर बेबस कर दिया है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं, कि एक बाप अपनी 3 साल की बेटी को दुल्हन बनाकर बेच रहा है, तो कहीं एक बाप अपनी 9 साल तो कहीं 10 साल की बेटी का सौदा कर रहा है। इंसानी इतिहास में आज अफगानिस्तान उस जगह पर खड़ा हो चुका है, जहां से नीचे नहीं गिरा जा सकता है।

10 साल की बेटी की बिक्री

10 साल की बेटी की बिक्री

एक अफगान पिता ने अपने परिवार के बाकी लोगों को खाना खिलाने के लिए पैसे के बदले अपनी 10 साल की बेटी का सौदा कर दिया। 10 साल की बच्ची कांदी गुल की शादी एक 21 वर्षीय लड़के के साथ होने वाली थी और लड़की का पिता अपनी 10 साल की बेटी की शादी के बदले लड़के वालों से एक हजार डॉलर ले रहा था। लेकिन, बच्ची की मां अजीज, जिसकी खुद की शादी 15 साल की उम्र में कर दी गई थी और जो अब तलाकशुदा है, उसने अपनी बेटी को बचा तो लिया, लेकिन अब उसे अपनी बेटी के बदले एक हजार डॉलर चुकाना होगा और अब पांच बच्चों की मां अजीज कहां से रुपये चुकाए, उसे समझ नहीं आ रहा है, क्योंकि लड़की का पिता एक हजार डॉलर लेकर भाग चुका है। अब लड़की की मां अजीज को डर है, कि उसने एक बेटी को भले ही बचा लिया है, लेकिन उसके बदले में कहीं उसे अपने सभी बच्चों को बेचने की नौबत में ना फंसना पड़े।

पेट भरने के लिए बेटी का सौदा

पेट भरने के लिए बेटी का सौदा

वहीं, हेरात में एक शख्स ने अपनी 10 साल की बेटी को अपने घरवालों से चुराकर बेच दिया, ताकि वो अपने बाकी बच्चों को खाना दे पाए और उन्हें जिंदा रख सके। रिपोर्ट के मुताबिक, उस शख्स ने 10 साल की बेटी को बेचने से पहले अपनी पत्नी को भी नहीं बताया था। बताया जा रहा है कि, पीड़ित पिता ने अपनी बेटी को बेच दिया और बदले में कैश में रुपये ले लिए और अपने घर आ गया। खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अब 10 साल की बेटी की मां अजीजगुल रोते हुए अपनी बेटी को खोज रही है और कहती है, ''मैंने अपने पति को कहा था कि वो बच्चों के लिए खाना लेकर आए, क्योंकि वो कई दिनों से भूखी थीं और फिर मेरा पति खाना लाने चला गया और कुछ देर बाद खाना लेकर आया, जब मैंने उससे पूछा, कि वो कहां से खाना लेकर आया है, तो उसने कहा कि, एक परिवार ने अपनी बेटी को खरीद लिया है और बदले में अब वो हमें खाना देगा''।

3 साल की बेटी की बिक्री

वहीं, अफगानिस्तान के पत्रकार हिजबुल्लाह खान ने एक वीडियो सोशल मीडिया नेटवर्क ट्वीटर पर शेयर किया है, जिसमें एक 3 साल की बच्ची अपने पिता के साथ देखी जा रही है। जर्नलिस्ट हिजबुल्लाह खान ने दावा किया है कि, पिता ने अपनी 3 साल की बेटी को दुल्हन बनाकर उसे एक अधेड़ उम्र के शख्स के हाथों बेच दिया है। अफगान पत्रकान ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि, ''अफगानिस्तान का दुर्भाग्य: एक पिता ने अपने बच्चों का पेट भरने के लिए अपनी 3 साल की क्यूट बेटी को बतौर दुल्हन बनाकर बेच दिया''। अफगानिस्तान की ये तस्वीरें दिल दहलाने वाली हैं, जहां 3 साल की बेटी का सौदा हो रहा है, जहां 9 साल और 10 साल की बेटियां बेची जा रही हैं।

अफगान परिवारों की दुर्दशा

अफगान परिवारों की दुर्दशा

वहीं, 21 साल की फातिमा, जो चार बच्चों की मां है, उसे भी अपने एक बच्चे के बेचने का फैसला अपने कलेजे पर पत्थर लेकर लेना पड़ा है। अफगान मीडिया के मुताबिक, फातिमा ने काफी दिनों तक अपने बच्चों को बचाए रखा और भूख का सामना करती रही, लेकिन अब उसके पास कोई और चारा नहीं बचा है, सिवाए इसके कि वो अपने किसी एक बच्चे को बेच दे। फातिमा का पति घर छोड़कर जा चुका है और सभी बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी उसके ऊपर है और उसका एक बच्चा अब बुरी तरह से कुपोषित हो गया है, जिसकी जान की भीख मांगते हुए वो अस्पताल इलाज के लिए पहुंची थी। जब तक बच्चा अस्पताल में रही, तब तक ठीक रही, लेकिन अब उसके पास कोई और विकल्प नहीं बचा है।

55 साल के शख्स को बेटी बेचा

55 साल के शख्स को बेटी बेचा

ऐसी ही एक दिल दहला देने वाली कहानी नौ साल की परवाना मलिक की है, जिसके परिवार ने पिछले साल अक्टूबर महीने में उसे 55 साल के कोरबान के हाथों बेच दिया। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में स्थिति काफी ज्यादा बिगड़ गई है लोग बुढे लोगों के हाथों अपनी छोटी बेटियों को बेच रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, छोटी बच्ची परवाना मलिक का परिवार आठ लोगं का है और अब परिवार के पास गुजारा करने के लिए पैसे नहीं बचे हैं। परिवार के पास ना अनाज बचा है और ना ही अनाज खरीदने के लिए पैसे। ऐसी स्थिति में परिवार के पास अपना पेट भरने के लिए और कोई विकल्प नहीं बचा था और बाप ने अपने से भी ज्यादा उम्र के शख्स के साथ अपनी 8 साल की बेटी को बेच दिया। (तस्वीर क्रेडिट- सीएनएन)

पहले बेचा था 12 साल की बेटी

पहले बेचा था 12 साल की बेटी

सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में परवाना के पिता अब्दुल मलिक ने और भी खतरनाक खुलासे किए हैं। अब्दुल मलिक ने इंटरव्यू के दौरान कहा है कि, कुछ महीने पहले ही उसने अपनी 12 साल की बेटी को भी पेट भरने के लिए बेच दिया था और अब, उन्हें "परिवार के अन्य सदस्यों को जीवित रखने के लिए" एक और बेटी को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा''। अब्दुल मलिक ने कहा कि, इस फैसले के बाद वो और उसका परिवार पूरी तरह से टूट चुका है। पूरा परिवार चिंता, पश्चाताप, अपराधबोध और शर्म में है।

2 लाख अफगानी रुपये में सौदा

2 लाख अफगानी रुपये में सौदा

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, 55 साल का बूढ़े शख्स कुर्बान 2200 डॉलर, करीब 2 लाख अफगान रुपयों के साथ मलिक के घर पहुंचता है और परवाना के पिता को भेड़, जमीन और नकद के रूप में 2 लाख अफगान रुपये देता है और फिर 9 साल की लड़की को लेकर चला जाता है। जब 55 साल का कुर्बान 9 साल की बच्ची परवाना को अपने साथ ले जा रहा था तो पूरा घर रो रहा था और पिता मलिकने बेटी को जो आखिरी शब्द कहे थे, वो थे ''यह तुम्हारी दुल्हन है, प्लीज इसका ख्याल रखना, प्लीज इसे पीटना नहीं''। जिसके बाद 55 साल के कुर्बान ने 9 साल की बच्ची परवाना के पिता मलिक को आश्वासन दिया कि, वो लड़की के साथ मारपीट नहीं करेगा और उसके साथ परिवार के सदस्य की तरह ही व्यवहार करेगा।

बिकने को तैयार 10 साल की एक और बेटी

बिकने को तैयार 10 साल की एक और बेटी

9 साल की परवाना तो 55 साल के शख्स के साथ परिवार द्वारा बेच दिए जाने के बाद चली गई, लेकिन पड़ोस में रहने वाली 10 साल की एक और बच्ची मागुल 70 साल के लेनदार के हाथों बिकने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 साल की बेटी मागुल बताती है कि, वो किसी भी हाल में अपने घर को और अपने माता-पिता को छोड़कर नहीं जाना चाहती है। मागुल के परिवार पर 70 साल के शख्स का काफी पैसा बकाया है। मागुल ने सीएनएन को बताया कि, "मैं अपने माता-पिता को नहीं छोड़ना चाहती। अगर वे मुझे बेच देंगे, तो मैं आत्महत्या कर लूंगी"

अंधकार में डूबी अफगान बेटियां

अंधकार में डूबी अफगान बेटियां

परवाना और मगुल की तरह दर्जनों और सैकड़ों अफगान लड़कियों का भविष्य अनिश्चितता के अंधेरे में डूब चुका है या डूब रहा है। तालिबान ने देश में महिलाओं की शिक्षा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है और परिवारों के पास अब कमाने खाने को कुछ नहीं बचा है। आने वाली सर्दी और ज्यादा भयानक साबित होने वाली है और पैसों के लिए छोटी-छोटी उम्र की बेटियों को शादी के बाजार में धकेला जा रहा है। ह्यूमन राइट्स वॉच की हीथर बर्र ने कहा कि, "जब तक एक लड़की स्कूल में है, तब तक उसका परिवार उसके भविष्य में लगा रहता है।" उन्होंने कहा कि, "जैसे ही एक लड़की शिक्षा से बाहर हो जाती है, तो अचानक इसकी बहुत अधिक संभावना हो जाती है कि उसकी शादी होने वाली है।"

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