अफगानिस्तान में पलटने लगी बाजी, तालिबान को पिछले 4 दिनों में भारी नुकसान, जानिए आज की स्थिति
अफगानिस्तान में बाजी पलटती दिखाई दे रही है। पिछले चार दिनों में तालिबान को भारी नुकसान हुआ है और अफगान सेना बड़ी बढ़त बनाती नजर आ रही है।
काबुल, जुलाई 26: अफगानिस्तान में करीब 200 जिलों पर नियंत्रण स्थापित करने वाले तालिबान को अब सेना की तरफ से करारा जवाब मिलना शुरू हो गया है और पिछले चार दिनों में अफगानिस्तान में एक बार फिर से सेना बढ़त बनाती हुई दिखाई दे रही है। तालिबान नियंत्रित जिलों पर फिर से सेना ने छीनना शुरू कर दिया है और इस दौरान तालिबान को काफी ज्यादा नुकसान भी पहुंचा है। अफगान मीडिया के मुताबिक, अफगान सैनिकों को अमेरिका से भी मदद मिल रही है और तालिबान पर हवाई हमले भी किए जा रहे हैं।

4 दिनों में 950 तालिबानी मरे
अफगान सुरक्षा बलों ने बताया कि उन्होंने पिछले चार दिनों में करीब 950 तालिबानी चरमपंथियों को मार गिराया है और 500 से ज्यादा चरमपंथी इस दौरान ऑपरेशन में घायल हुए हैं। अफगान सेना और तालिबान के बीच 20 से ज्यादा प्रांतों और नौ शहरों में भारी संघर्ष चल रहा है। तालिबान नियंत्रित कई जिलों को वापस सेना अपने नियंत्रण में लेने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है, जिसमें अफगान वायु सेना पहली बार एक्शन में नजर आ रही है। वहीं, अफगान मीडिया के मुताबिक, कंधार पर एक बार फिर से सेना अपना नियंत्रण बनाने वाली है और कंधार में ज्यादातर तालिबानी चरमपंथी मारे जा चुके हैं। वहीं, अफगानिस्तान गृह मंत्रालय के मुताबिक, अफगान सुरक्षा बलों ने पिछले 12 घंटों में परवान के सोरख-ए-परसा जिले और गजनी के मेलस्तान जिले पर फिर से कब्जा कर लिया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, निमरोज में चखानसुर जिले का केंद्र एक बार फिर तालिबान के हाथ में आ गया है।

अफगानिस्तान में जारी है खूनी संघर्ष
अफगानिस्तान सिक्योरिटी एंड डिफेंस फोर्स ने रविवार को दावा किया है कि पिछले चार दिनों में साढ़े 900 से ज्यादा तालिबानी चरमपंथी मारे गये हैं। वहीं, उत्तरपूर्वी प्रांत ताखर में तालुकान शहर के बाहरी इलाके में भारी झड़प की सूचना मिली है, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है। इस शहर पर पिछले दो हफ्तों से तालिबान लगातार हमला कर रहा है और अफगान सेना तालिबान का मुकाबला कर रही है। तालुकान के रहने वाले एक स्थानीय निवासी अब्दुल करीम ने कहा कि ''स्थिति हर दिन बिगड़ती जा रही है। हमारी दुकाने बंद हैं और तालिबान के लोग मोर्टार फायर कर रहे हैं। तालिबान के लोग लोगों के घरों को निशाना बनाकर गोलियां चला रहे हैं। वहीं, तालुकान के रहने वाले एक और स्थानीय निवासी नकीबुल्लाह ने कहा कि ''अफगान सरकार को जल्द से जल्द तालिबान को रोकना चाहिए''

खौफ में स्थानीय निवासी
अफगानिस्तान के उत्तरी हिस्से में स्थिति कुंदुज शहर में रहने वाले स्थानीय निवासियों को कहना है कि स्थिति काफी गंभीर है और उन्हें तालिबान के हमलों का डर है। तालिबान के हमले में घायल हुए कुंदुज के एक निवासी फरजाना ने कहा कि ''मेरा घर कुंदुज शहर के नंबर वन इलाके में था लेकिन अब मैं विस्थापित हो चुका हूं। मेरे घर पर तालिबान ने मोर्टार से हमला किया था। हमारे घर के दो सदस्य शहीद हो गये और चार लोग घायल हैं''। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि तालिबान के लड़ाके स्थानीय लोगों के घर में घुस जाते हैं और फिर सुरक्षा बलों पर हमला करते हैं, जिससे सुरक्षाबल असहाय हो जाते हैं।

तालिबान पर हेलीकॉप्टर स्ट्राइक
तालिबान के खिलाफ लड़ाई में अफगान सेना ने भी हवाई हमलों के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इस बीच मानवाधिकार संगठन द्वारा अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा निर्दोष लोगों की हत्या का मामला उठाए जाने के बाद अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने जांच शुरू कर दी है। बल्ख प्रांत में तालिबान के ठिकानों पर हेलीकॉप्टरों से गोलीबारी की गई और इस ऑपरेशन में 81 तालिबान आतंकवादी मारे गए हैं। हवाई हमले में तालिबान के कई गाड़ियां और गोले-बारूद पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। आपको बता दें कि तालिबान ने करीब दो सौ जिलों पर कब्जा कर रखा है, जिन्हें छुड़ाने के लिए अफगान सेना ने तालिबान को खदेड़ने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है।

बौखलाकर बेगुनाहों को मारता तालिबान
अफगान मीडिया के मुताबिक तालिबान ने कंधार प्रांत में पाकिस्तान की सीमा से लगे स्पिन बोल्डक शहर में करीब 43 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां प्रांतीय अधिकारियों, सेना और पुलिस कर्मचारियों के रिश्तेदारों को तालिबान ने पहले किडनैप कर लिया और फिर एक एक कर सभी को गोली मार दी गई। वहीं, कई अफगान मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि कई लोगों के सिर भी कलम कर दिए गये। वहीं, ह्यूमन राइट्स वॉच के सहयोगी निदेशक एशिया पेट्रीसिया गोसमैन ने कहा कि, तालिबान ने यहां 300 लोगों को अगवा कर लिया और उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। अब आशंका जताई जा रही है कि, तालिबान यहां और भी रक्तपात कर सकता है। हालांकि तालिबान नेताओं ने मानवाधिकारों के उल्लंघन से इनकार किया है, लेकिन जमीनी हालात बताते हैं कि निर्दोष नागरिकों को मारा जा रहा है।

मैदानों में पड़े हैं लोगों के शव
रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) ने यहां वार क्राइम को लेकर जांच शुरू कर दी है। और इन मामलों में उन तालिबान कमांडरों को भी दोषी माना जाएगा, जिनके नेतृत्व में बेगुनाह लोगों को मारा गया है। ह्यूमन राइट की पेट्रीसिया गोशमैन ने कहा कि, बेगुनाहों की हत्या को रोकने के लिए अमेरिका समेत दूसरे देशों को तालिबान को कड़ा संदेश देना चाहिए। गोशमैन ने कहा कि स्पिन बोल्डक के मैदान में सौ से ज्यादा शव पाए गये हैं, जबकि तीन सौ से ज्यादा लापता लोगों की अभी तक कोई खबर नहीं है। एएनआई के अनुसार, अफगानिस्तान में जिलों पर कब्जा करने के बाद तालिबान के काले कानून फिर से शुरू हो गए हैं। आतंकी यहां अफगान परिवारों की लड़कियों की जबरन शादी कर रहे हैं। पुरुषों के लिए मस्जिद में रोजाना नमाज अदा करने, टोपी पहनने और दाढ़ी बढ़ाने का फरमान जारी किया गया है।












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