अडानी ने इजरायली पोर्ट का बिड जीता, दूसरी कंपनी बोली अरे इतने पैसे लुटा दिए, ये तो पागलपन है
तेलअवीव, 14 जुलाईः अडानी समूह ने हाइफा बंदरगाह पोर्ट की बिड जीत ली है। भारत का अडानी समूह और इजरायल का गैडोट मिलकर इजरायल के दूसरे सबसे बड़े बंदरगाह का संचालन करेंगे। अडानी और गैडोट ने मिलकर इसके लिए 4.1 बिलियन शेकेल की बोली लगायी। भारतीय रुपये में ये रकम लगभग 94 अरब है।

दूसरी कंपनियां रह गयी दंग
पोर्ट ऑफ हाइफा को भी इतनी भारी भरकम राशि मिलने की उम्मीद नहीं थी। इस बिड में प्रतिस्पर्धा करने वाले अन्य समूहों में से एक के वरिष्ठ सदस्य ने इतनी राशि खर्च करने को 'पागलपन' करार दिया। इन दोनों कंपनियों के मिलकर डीएओ, इजरायल शिपयार्ड और शाफिर इंजीनियरिंग को हराया।

अडानी ग्रुप की हिस्सेदारी 70 फीसदी
इस समूह में अडानी की हिस्सेदारी 70 फीसदी और गैडोट की हिस्सेदारी 30 फीसदी की होगी। गैडोट हाइफा इजरायल में अनाज और रसायनों के आयात पर एकाधिकार रखता है। वहीं इसके 70 फीसदी हिस्सेदारी का मौका अडानी समूह को मिला है जिसके मालिक गौतम अडानी हैं जो कि दुनिया के 5वें सबसे धनी व्यक्ति हैं।

इजरायल के वित्त मंत्री हुए खुश
अडानी समूह के पास भारत में दस बंदरगाह हैं औऱ हाइफा में निविदा के लिए संपर्क करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। इजरायल के वित्त मंत्री एविग्डोर लिबरमैन ने कहा कि यह इजरायल के नागरिकों के लिए बेहद अच्छी खबर है। हाइफा के बंदरगाह के प्राइवेटाइजेशन से बंदरगाहों में प्रतिस्पर्धा बढेगी और इस तरह जीवनयापन की लागत कम होगी।

इजरायल का दूसरा बड़ा पोर्ट
हाइफा बंदरगाह, इजरायल के अशदोद बंदरगाह के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है। 2021 में इजरायल में सभी कंटेनर कार्गो का लगभग 47 फीसदी हिस्सा इससे होकर गुजरा था। कार्गो क्षेत्र के अलावा यात्री यातायात और क्रूज जहाजों के मामले में हाइफा इजरायल का मुख्य बंदरगाह है। 2021 में हाइफा का राजस्व 845 मिलियन शेकेल और शुद्ध लाभ 271 मिलियन शेकेल था।

अडानी के शेयरों में आई तेजी
हाइफा पोर्ट ने कहा कि नया ग्रुप साल 2054 तक उसका कार्यभार संभालेगा। गौतम अडानी ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी है। बता दें कि इस खबर के बाद आज शुक्रवार को अडानी पोर्ट्स के शेयरों में तेजी आ गयी है। शुरुआती कारोबार में यह शेयर 727.50 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।
ट्विटर पर जाहिर की खुशी
इजराइल सरकार के ऐलान के बाद गौतम अडानी ने देर रात गौतम अडानी ने गुरुवार देर एक ट्वीट में इसकी जानकारी दी और प्रसन्नता जाहिर किया। उन्होंने लिखा, ''अपने सहयोगी गैडोट के साथ इजराइल में हाइफ़ा बंदरगाह के निजीकरण के लिए बोली जीतकर खुशी हुई। यह दोनों देशों के लिए बेहद शानदार और ऐतिहासिक महत्व रखता है। हाइफ़ा का हिस्सा बनकर गर्व हो रहा है, जहां भारतीयों ने साल 1918 में नेतृत्व किया और सैन्य इतिहास में सबसे बड़ी कैवेलरी चार्जेज में से एक की अगुवाई की।''

देश को भी होगा फायदा
इजरायल का करीब 98 फीसदी व्यापार समुद्र के रास्ते से होता है। सरकार इकोनॉमिक ग्रोथ को बनाए रखने के लिए लगातार इस सेक्टर को बेहतर बना रही है। हाल के दिनों में पड़ोसी अरब देशों के साथ इजरायल के रिश्ते बेहतर हुए हैं. इससे इजरायल के साथ-साथ अडानी को भी फायदा होने वाला है, क्योंकि अरब देशों के साथ व्यापार के लिए हाइफा सबसे अहम जगह पर स्थित है।










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