Aaj Ki Wold Top 10 News Today: पाक ने मारे 216 नागरिक, एपस्टीन पर स्टार्मर की माफी- वर्ल्ड की 10 बड़ी खबरें
Aaj Ki Wold Top 10 News Today: भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देशों के लिए 5 फरवरी 2026 का दिन उथल-पुथल भरा रहा। कई बड़ी डीलें हुईं। कई समझौते टूटे, कई लोगों की जान गई और कई नए विवादों ने पूरी दुनिया के अलग-अलग देशों में जन्म लिया। आइए जानते हैं किन देशों में क्या-क्या हुआ।
1. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने मांगी माफी
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इस वक्त बड़े विवाद में घिर गए हैं। उन्होंने माना है कि उन्होंने अपने पूर्व अमेरिकी राजदूत पीटर मंडेलसन के "झूठ" पर भरोसा किया, जिसका उन्हें अब पछतावा है। दिसंबर 2024 में स्टार्मर ने मंडेलसन को वॉशिंगटन में ब्रिटेन का राजदूत बनाया था, जबकि जेफ्री एपस्टीन जैसे अमेरिकी सेक्स अपराधी से उनके रिश्ते पहले से सामने थे। पिछले हफ्ते अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की फाइलों में ईमेल मिले।

इन ई-मेल्स में पता चला कि मंडेलसन का एपस्टीन से रिश्ता गहरा था और उन्होंने कथित तौर पर सरकारी दस्तावेज लीक किए और भुगतान भी लिया। इसके बाद मंडेलसन ने हाउस ऑफ लॉर्ड्स से इस्तीफा दे दिया और अब पुलिस जांच चल रही है। स्टार्मर ने एपस्टीन के पीड़ितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा कि वह जांच में बाधा नहीं डाल सकते।
2. पाक आर्मी ने बलूचों को आतंकी बनाकर उतारा मौत के घाट
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आर्मी ने एक बार फिर बलूची लोगों पर बर्बरता दिखाई है। पाक आर्मी ने 'ऑपरेशन रद्दुल्फित्ना-1' चलाया जिसमें कई बलूची लोगों की हत्या कर दी। आर्मी ने ऑपरेशन पूरा होने का दावा किया है। सेना की मीडिया शाखा ISPR ने मारे गए सभी 216 पाकिस्तानी लोगों को आतंकवादी बताया। ISPR ने कहा कि ये खुफिया जानकारी पर आधारित तेज और समन्वित कार्रवाई थी, जिसका मकसद महिलाओं और बच्चों समेत आम नागरिकों पर हमले करने वाले आतंकियों को रोकना था। लंबे वक्त से बलूच विद्रोही पाकिस्तान की सरकार औ सेना से नाराज हैं।जिसका कारण हैं जबरन महिलाओं और पुरुषों को जेल में भरना और महिलाओं के साथ ज्यादती करना।
3. भारत और मुस्लिम देशों में डील, पाक को झटका
भारत की ट्रेड डिप्लोमेसी में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल यानी GCC के छह देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत शुरू करने के नियम और शर्तों पर सहमति बन गई है। GCC में यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान शामिल हैं। यह भारत की हालिया तीसरी बड़ी ट्रेड डील की दिशा में अहम कदम है। इससे पहले भारत यूरोपीय यूनियन के साथ फ्री ट्रेड पैक्ट और अमेरिका के साथ ट्रेड डील फाइनल कर चुका है। गोयल के मुताबिक, यह प्रस्तावित डील एक मजबूत और व्यापक ट्रेड फ्रेमवर्क देगी, जिससे सामान और सेवाओं का आदान-प्रदान आसान होगा और दोनों तरफ निवेश बढ़ेगा।
भारत और खाड़ी देशों के बीच पहले से ही मजबूत आर्थिक और रणनीतिक रिश्ते हैं, और यह समझौता उन्हें नई ऊंचाई देगा। रॉयटर्स के अनुसार, इस डील से भारत को ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने में भी मदद मिलेगी। यह ऐसे वक्त में अहम है, जब अमेरिका के साथ डील के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत रूस से ऊर्जा संबंध खत्म करेगा, हालांकि भारत ने इस पर कोई बयान नहीं दिया। कुल मिलाकर, भारत-GCC FTA से व्यापार बढ़ेगा, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने में मदद मिलेगी, पश्चिम एशिया से रिश्ते मजबूत होंगे, निर्यात बाजार बढ़ेंगे और इससे पाकिस्तान की चिंता भी बढ़ना तय है।
4. एपस्टीन ने पाक को दान में दिए थे पैसे
कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन का आखिरी इंटरव्यू अब अमेरिकी न्याय विभाग ने जारी कर दिया है। इस इंटरव्यू में एपस्टीन ने चौंकाने वाले दावे किए। उसने कहा कि वह गलत तरीकों से कमाए गए पैसों को "पवित्र" बनाने के लिए दान करता था। एपस्टीन के मुताबिक, वह पाकिस्तान जैसे गरीब देशों में पोलियो फंड के लिए खूब पैसा देता था और उसका मानना था कि दान करने से गलत कमाई सही बन जाती है।
उसने यह भी कहा कि वह नैतिकता का बोझ नहीं उठाना चाहता और जैसा है वैसा ही रहना चाहता है। एपस्टीन की मौत 2019 में हुई थी, लेकिन 7 साल बाद सामने आई एपस्टीन फाइल्स से अमेरिका और ब्रिटेन में हड़कंप मच गया है। इन फाइल्स के अनुसार, एपस्टीन ने पोलियो फंड के लिए बिल गेट्स और गेट्स फाउंडेशन से बात की थी और पाकिस्तान व नाइजीरिया को फंड देने की चर्चा हुई थी। एक ईमेल में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान में पोलियो कर्मचारियों पर हमले हो रहे थे, जिससे फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठे।
5. सऊदी अरब ने ऊंटों के लिए जारी किया पासपोर्ट
सऊदी अरब ने ऊंटों के लिए आधिकारिक पासपोर्ट जारी करने की योजना बनाई है और यह फैसला दिखाता है कि वहां ऊंटों की सांस्कृतिक और आर्थिक अहमियत कितनी बड़ी है। देश का पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय इस पहल के जरिए ऊंटों की आबादी को बेहतर तरीके से मैनेज करना चाहता है। इसका मकसद एक भरोसेमंद नेशनल डेटाबेस बनाना है, जिससे ऊंट पालन से जुड़ी उत्पादकता और कार्यक्षमता बढ़ सके।
मंत्रालय ने हरे रंग के ऊंट पासपोर्ट की तस्वीरें भी जारी की हैं, जिन पर सऊदी अरब का राजकीय चिन्ह और सुनहरे रंग का ऊंट बना है। सरकारी प्रसारक अल अख़बारिया के मुताबिक, यह पासपोर्ट ऊंटों के व्यापार और ट्रांसपोर्ट को आसान बनाएगा, मालिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा और स्वामित्व साबित करने में मदद करेगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 तक सऊदी अरब में करीब 22 लाख ऊंट मौजूद हैं, इसलिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
6. रूस ने अमेरिका के तेल वाले बयान पर दिया जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे पर कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद करेगा, रूस ने साफ कहा है कि भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस को भारत से ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है और भारत कभी भी सिर्फ एक सप्लायर पर निर्भर नहीं रहा। केप्लर के मुताबिक, 25% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रोज़ करीब 1.5 मिलियन बैरल रूसी तेल आयात कर रहा है, जो कुल आयात का एक तिहाई से ज्यादा है। रूस ने इसे दोनों देशों के लिए फायदेमंद बताया। 2021 में रूसी तेल सिर्फ 0.2% था, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद यह 2 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंचा। विशेषज्ञ इगोर युशकोव कहते हैं कि भारत रूसी तेल पूरी तरह बंद नहीं कर सकता, क्योंकि अमेरिकी तेल का विकल्प तकनीकी और महंगा है।
7. शी जिनपिंग की डोनाल्ड ट्रंप को दो टूक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हाल ही में एक लंबी फोन कॉल हुई। शी जिनपिंग ने साफ कहा कि ताइवान, अमेरिका-चीन रिश्तों का सबसे बड़ा मुद्दा है और अमेरिका को ताइवान को हथियार देने में सावधानी रखते हुए अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए। ट्रंप ने इस बातचीत को "लंबी और शानदार" बताया और कहा कि अप्रैल में वे चीन जाने वाले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि चीन अमेरिका से 20 मिलियन टन सोयाबीन खरीदने पर विचार कर रहा है, जो अभी 12 मिलियन टन है। दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान और तेल-गैस पर भी बात की। दिसंबर में अमेरिका ने ताइवान को 11 अरब डॉलर के हथियार बेचे थे, जिस पर चीन नाराज़ है। ताइवान के नेता ने कहा कि अमेरिका से रिश्ते मजबूत हैं।
8. खत्म हुई रूस-अमेरिका की न्यूक्लियर डील
5 फरवरी 2026 को क्रेमलिन ने अमेरिका और रूस के बीच आखिरी न्यूक्लियर समझौता 'न्यू स्टार्ट' खत्म होने पर नाराज़गी जताई। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि यह एक नकारात्मक कदम है और रूस को इस पर अफसोस है। न्यू स्टार्ट संधि दोनों देशों के न्यूक्लियर हथियारों की संख्या को सीमित करती थी। इसी बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के शीर्ष राजनयिक के मॉस्को दौरे को लेकर क्रेमलिन ने न तो पुष्टि की और न इनकार किया। हालांकि फ्रांसीसी और दो राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, मैक्रॉन के वरिष्ठ राजनयिक 3 फरवरी 2026 को रूस पहुंचे थे। पेसकोव ने तंज कसते हुए कहा कि फ्रांसीसी सूत्रों को मीडिया में बातें लीक करने का शौक है।
9. जमीन से निकलकर अंतरिक्ष पहुंची रूस यूक्रेन की जंग
यूक्रेन और रूस की जंग अब जमीन और आसमान से निकलकर अंतरिक्ष तक पहुंच गई है। अधिकारियों के मुताबिक रूस के जासूसी स्पेसक्राफ्ट लुच-1 और लुच-2 यूरोप के अहम सैटेलाइट्स को इंटरसेप्ट कर रहे हैं। रूस ने यूरोप के 12 सैटेलाइट्स की बातचीत सुनी है, जो यूरोप, ब्रिटेन, अफ्रीका और मिडिल ईस्ट तक सेवाएं देते हैं। लुच-2 कम से कम 17 सैटेलाइट्स के बेहद पास गया है। कई यूरोपीय सैटेलाइट पुराने और बिना एन्क्रिप्शन वाले हैं। जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने चेताया कि रूसी सैटेलाइट जर्मन सेना को ट्रैक कर रहे हैं। दूसरी तरफ एलन मस्क का स्टारलिंक यूक्रेन की सेना का मुख्य कम्युनिकेशन सिस्टम है। रूस इससे नाराज है। रूसी टीवी एंकर सोलोव्योव ने यहां तक कहा कि स्टारलिंक पर परमाणु हमला भी विकल्प हो सकता है। NATO एजेंसियों को शक है कि रूस एंटी-सैटेलाइट हथियार बना रहा है।
10. US-इंडिया ट्रेड डील लगभग तैयार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका यात्रा के बाद कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि बस कुछ तकनीकी और औपचारिक काम बाकी हैं, जिन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा। जयशंकर ने इस यात्रा को "पॉजिटिव और प्रोडक्टिव" बताया और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का धन्यवाद किया। उन्होंने 5 फरवरी 2026 को 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि यह ऐतिहासिक डील भारत-अमेरिका रिश्तों में नया दौर शुरू करेगी। जयशंकर ने साफ किया कि यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रणनीतिक साझेदारी, रक्षा, ऊर्जा और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को भी मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंध और ज्यादा गहरे होंगे।
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