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55 साल के बूढ़े के हाथों 9 साल की बेटी को पिता ने बेचा, कहा, ये तुम्हारी दुल्हन है, प्लीज पीटना मत

अफगानिस्तान में हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां एक पिता को अपनी 9 साल की बेटी को 55 साल के शख्स के हाथों बेचना पड़ा है।

काबुल, नवंबर 03: तालिबान शासन के दिन जैसे-जैसे बीतते जा रहे हैं, अफगानिस्तान में रहने वालों की स्थिति उतनी ही ज्यादा खराब होती जा रही है। अफगानिस्तान के रहने वाले हजारों लोगों ने पेट भरने के लिए पहले तो अपने घर के तमाम कीमती सामान बेचे और जब बेचने के लिए कोई सामान नहीं बचा, तो लोगों ने अपनी बेटियों को बेचना शुरू कर दिया है। लोग अपने घरों की छोटी-छोटी बेटियों को अजनबियों के हाथों बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

9 साल की बेटी को बेचा

9 साल की बेटी को बेचा

हाल के महीनों में गरीबी और भुखमरी से जूझ रहे कई विस्थापित अफगान परिवारों को पैसे और जीविका के बदले अपनी छोटी-छोटी बेटियों की शादी करने के लिए मजबूर किया गया है और उनको अपना पेट भरने के लिए बेचना पड़ा है। ऐसी ही एक दिल दहला देने वाली कहानी नौ साल की परवाना मलिक की है, जिसके परिवार ने पिछले महीने उसे 55 साल के कोरबान के हाथों बेच दिया। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में स्थिति काफी ज्यादा बिगड़ गई है लोग बुढे लोगों के हाथों अपनी छोटी बेटियों को बेच रहे हैं। (पिता के साथ परवाना- फोटो क्रेडिट-सीएनएन)

पेट भरने के लिए बेटी का सौदा

पेट भरने के लिए बेटी का सौदा

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, छोटी बच्ची परवाना मलिक का परिवार आठ लोगं का है और अब परिवार के पास गुजारा करने के लिए पैसे नहीं बचे हैं। परिवार के पास ना अनाज बचा है और ना ही अनाज खरीदने के लिए पैसे। ऐसी स्थिति में परिवार के पास अपना पेट भरने के लिए और कोई विकल्प नहीं बचा था और बाप ने अपने से भी ज्यादा उम्र के शख्स के साथ अपनी 8 साल की बेटी को बेच दिया। (9 साल की मासूम परवाना- क्रेडिट सीएनएन)

पहले बेचा था 12 साल की बेटी

पहले बेचा था 12 साल की बेटी

सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में परवाना के पिता अब्दुल मलिक ने और भी खतरनाक खुलासे किए हैं। अब्दुल मलिक ने इंटरव्यू के दौरान कहा है कि, कुछ महीने पहले ही उसने अपनी 12 साल की बेटी को भी पेट भरने के लिए बेच दिया था और अब, उन्हें "परिवार के अन्य सदस्यों को जीवित रखने के लिए" एक और बेटी को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा''। अब्दुल मलिक ने कहा कि, इस फैसले के बाद वो और उसका परिवार पूरी तरह से टूट चुका है। पूरा परिवार चिंता, पश्चाताप, अपराधबोध और शर्म में है। (प्रतीकात्मक)

परवाना ने क्या कहा?

परवाना ने क्या कहा?

वहीं, अजनबी सख्स के हाथों बेची गई 9 साल की बच्ची परवाना से भी सीनएनएन ने बात की और जब सीएनएन ने उस मासूम बच्ची से बात की, तो उसकी कहानी दिल दहला दिया। 9 साल की परवाना शादी के ख्यालों से बुरी तरह से डरी हुई है। सीएनएन से बात करते हुए मासूम बच्ची ने कहा कि, वो आगे पढ़ना चाहती है और एक टीचर बनना चाहती है, लेकिन अब उसे एक बूढ़े आदमी के हाथों बेच दिया गया है। 9 साल की परवाना ने कहा कि, बूढ़ा आदमी उसके साथ निकाह करेगा और उसके साथ ही उसकी जिंदगी खत्म हो जाएगी। परवाना ने सीएनएन को दिए इंटरव्यू के दौरान कहा कि, शादी के बाद बूढ़ा आदमी उसके साथ मारपीट करेगा और उसे अपने घर के सारे काम करने के लिए मजबूर करेगा। (फाइल)

2 लाख अफगानी रुपये में सौदा

2 लाख अफगानी रुपये में सौदा

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, 55 साल का बूढ़े शख्स कुर्बान 2200 डॉलर, करीब 2 लाख अफगान रुपयों के साथ मलिक के घर पहुंचता है और परवाना के पिता को भेड़, जमीन और नकद के रूप में 2 लाख अफगान रुपये देता है और फिर 9 साल की लड़की को लेकर चला जाता है। जब 55 साल का कुर्बान 9 साल की बच्ची परवाना को अपने साथ ले जा रहा था तो पूरा घर रो रहा था और पिता मलिक ने बेटी को जो आखिरी शब्द कहे थे, वो थे ''यह तुम्हारी दुल्हन है, प्लीज इसका ख्याल रखना, प्लीज इसे पीटना नहीं''। जिसके बाद 55 साल के कुर्बान ने 9 साल की बच्ची परवाना के पिता मलिक को आश्वासन दिया कि, वो लड़की के साथ मारपीट नहीं करेगा और उसके साथ परिवार के सदस्य की तरह ही व्यवहार करेगा। (फाइल)

बिकने को तैयार 10 साल की एक और बेटी

बिकने को तैयार 10 साल की एक और बेटी

9 साल की परवाना तो 55 साल के शख्स के साथ परिवार द्वारा बेच दिए जाने के बाद चली गई, लेकिन पड़ोस में रहने वाली 10 साल की एक और बच्ची मागुल 70 साल के लेनदार के हाथों बिकने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 साल की बेटी मागुल बताती है कि, वो किसी भी हाल में अपने घर को और अपने माता-पिता को छोड़कर नहीं जाना चाहती है। मागुल के परिवार पर 70 साल के शख्स का काफी पैसा बकाया है। मागुल ने सीएनएन को बताया कि, "मैं अपने माता-पिता को नहीं छोड़ना चाहती। अगर वे मुझे बेच देंगे, तो मैं आत्महत्या कर लूंगी"

अंधकार में डूबी अफगान बेटियां

अंधकार में डूबी अफगान बेटियां

परवाना और मगुल की तरह दर्जनों और सैकड़ों अफगान लड़कियों का भविष्य अनिश्चितता के अंधेरे में डूब चुका है या डूब रहा है। तालिबान ने देश में महिलाओं की शिक्षा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है और परिवारों के पास अब कमाने खाने को कुछ नहीं बचा है। आने वाली सर्दी और ज्यादा भयानक साबित होने वाली है और पैसों के लिए छोटी-छोटी उम्र की बेटियों को शादी के बाजार में धकेला जा रहा है। ह्यूमन राइट्स वॉच की हीथर बर्र ने कहा कि, "जब तक एक लड़की स्कूल में है, तब तक उसका परिवार उसके भविष्य में लगा रहता है।" उन्होंने कहा कि, "जैसे ही एक लड़की शिक्षा से बाहर हो जाती है, तो अचानक इसकी बहुत अधिक संभावना हो जाती है कि उसकी शादी होने वाली है।" (फाइल)

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