तुर्की में चमत्कार पर चमत्कार: 11वें दिन 5 लोगों ने दी मौत को मात, सुनिए हैरान करने वाली कहानी
अंताक्य में एक 14 साल के किशोर को मलबे से सुरक्षित निकाल लिया गया। रिपोर्ट के मताबिक उस्मान नाम के इस बच्चे को एक कुत्ते ने सूंघ कर बाहर निकाला। बचाव दल के मुताबिक बच्चे को किसी प्रकार की कोई चोट नहीं पहुंची थी

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तुर्की में आए विनाशकारी भूकंप को 11 दिन बीत चुके हैं। अब तक 41 हजार से ज्यादा लोगों की लाशें बरामद की जा चुकी हैं। पूरे देश के लोग गमगीन हैं। लाशों का ढेर लगा हुआ है। हालांकि इस बीच इस उम्मीद में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी हैं कि कहीं मलबे के ढेर के नीचे कोई जिंदा शख्स मिल जाए जिसने मौत को रोक कर रखा हुआ है। इस बीच तुर्की में मौत को मात देने वाली ऐसी कई घटनाएं देखने को मिल रही हैं जिसे सुनकर लोग हैरान रह जा रहे हैं। सबसे हैरानी की बात तो ये है कि तुर्की में घटना के ग्यारहवें दिन 5 लोगों को अब तक निकाला जा चुका है।
261 घंटे बाद निकला जिंदा
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तुर्की में भूकंप के 11 दिन 5 लोगों ने मौत को मात दी है। इसे चमत्कार बताया जा रहा है। 34 वर्षीय मुस्तफा एविसी को करीब 261 घंटे बाद हटे जिले में एक मलबे से जिंदा निकाला गया। मुस्तफा को मलबे से निकाले जाने के दौरान बचाव दलों ने महसूस किया कि कोई और भी इस मलबे में दबा हुआ है। युद्ध स्तर पर खोज शुरू होने के बाद बचाव दलों ने 26 साल के मेहमत अली को ढूंढ़ निकाला। दोनों लोगों की सकुशल बरामदगी के बाद वहां जश्न का माहौल शुरू हो गया।
कुत्ते ने बचाई जान
एक अन्य राज्य अंताक्य में एक 14 साल के किशोर को मलबे से सुरक्षित निकाल लिया गया। रिपोर्ट के मताबिक उस्मान नाम के इस बच्चे को एक कुत्ते ने सूंघ कर बाहर निकाला। बचाव दल के मुताबिक बच्चे को किसी प्रकार की कोई चोट नहीं पहुंची थी। इससे कुछ ही घंटे पहले बचाव दलों ने 29 वर्षीय नेस्लिहान किलिन्क को भूकंप के 258 घंटे बाद बाहर निकाला था। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नेस्लिहान जिस मलबे के नीचे दबी थी वहां 250 से भी अधिक लोगों ने मौत को मात दी थी। इसके अलावा स्थानीय मीडिया में एक और शख्स के बचाए जाने की खबर है।
एलीना की पूरी दुनिया में चर्चा
इससे पहले गुरुवार को 17 वर्षीय एक लड़की को मलबे से निकाला गया था। अनादोलु समाचार एजेंसी ने बताया कि, कहारनमारस के कायाबासी में अताबे अपार्टमेंट इमारत के ढहने से मलबे में दबी एलीना ओल्मेज को बचाया गया है। फिलहाल वह अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रही है। एलीना ओल्मेज के इतने लंबे वक्त तक मलबे के भीतर जिंदा बच जाने को चमत्कार बताया जा रहा है वहीं, एलीना को चमत्कारी लड़की की संज्ञा दी जा रही है। रेस्क्यू में शामिल टीम के एक शख्स ने कहा कि वे भी लड़की को देखकर चौंक गए, क्योंकि वह भीषण ठंड के बावजूद मलबे में 10 दिनों तक दबी रही और सही सलामत मिली। कुछ देर बाद जिंदा बच गई बच्ची ओल्मेज ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मलबे में दबे होने के दौरान खुद को विचलित किए बिना टाइम पास करने की कोशिश की। समय पास करने के लिए मेरे पास कुछ भी नहीं था।
6 फरवरी को आया था भूकंप
बता दें कि तुर्की में भूकंप के झटके 6 फरवरी को महसूस किए गए थे। एक के बाद एक तीन झटकों ने देश को तोड़ कर रख डाला। तुर्की में भूकंप का पहला झटका सुबह 4.17 बजे आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.8 मैग्नीट्यूड थी। भूकंप का केंद्र दक्षिणी तुर्की का गाजियांटेप था। इससे पहले की लोग इससे संभल पाते कुछ देर बाद ही भूकंप का एक और झटका आया, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.4 मैग्नीट्यूड थी। भूकंप के झटकों का यह दौर यहीं नहीं रुका। इसके बाद 6.5 तीव्रता का एक और झटका लगा। भूकंप के इन झटकों ने मालाटया, सनलीउर्फा, ओस्मानिए और दियारबाकिर सहित 11 प्रांतों में तबाही मचा दी।












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