ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2016: इन 5 बातों पर रहेगी हर भारतीय की नजर
गोवा। आज से ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। ब्रिक्स देशों के इस शिखर सम्मेलन में इस दफे पाकिस्तान को कूटनीतिक तरीके से दुनिया में अलग करना चाहिए। भारत को उम्मीद रहेगी कि ब्रिक्स के सभी देश(भारत, चीन, ब्राजील, रूस, और दक्षिण अफ्रीका) आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में एकजुट हों।

आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच हमले में 19 शहीदों के प्राप्त हुए सैनिक। आइए जानते हैं ब्रिक्स सम्मेलन 2016 में किन 5 अहम बातों पर रहेगी ध्यान -
- पाकिस्तान को राजनयिक रूप से ककूटनीति के सहारे दुनिया के पटल से अलग-थलग करने की भारत की रहेगी कोशिश।
- चीन का पाकिस्तान के प्रति रवैया देखने वाला होगा क्याेंकि साथ देने के मामले से उसने पाकिस्तान के साथ अबतक पूरी वफादारी दिखाई।
- उरी हमले के बाद पश्चिम देशों के साथ ही नरेंद्र मोदी ही एकमात्र ऐसा देश है जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर देश का समर्थन हासिल करने में सफल रहे।
- आज रूस राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होने वाली मीटिंग भी अहम है और वनइंडिया की उसपर नजर रहेगी।
- गोवा शिखर सम्मेलन में भारत को न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप की सदस्यता मिलने को रह गया है। इस बार यह उम्मीद की जानी चाहिए कि भारत के लिए इसके रास्ते खुल जाएंगे।

जानिए क्या है ब्रिक्स?
वर्ष 2009 में स्थापित हुआ पांच देशों को एक ऐसा समूह जिसको मकसद अपने आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव को वैश्विक पटल पर गरिमामयी बनाने की प्रतिबद्धता निहित है। इसे वर्ल्ड बैंक का शिखर सम्मेलन कोष आर्थिक मदद करता है।












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