पाकिस्तान में ठप हुए मोबाइल असेंबल यूनिट्स, फोन की कालाबाजारी शुरू, देश छोड़कर भागे चीनी एक्सपर्ट्स
पाकिस्तान में आयात प्रतिबंधों ने उद्योगों को चलाने के लिए आवश्यक सामग्रियों की भारी कमी पैदा कर दी है। मोबाइल उद्योग ही नहीं, सैकड़ों कपड़ा कारखाने भी बंद हो गए हैं, जिससे हजारों लोगों की नौकरी चली गई है।

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अपने निर्माण के बाद से सबसे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की हालात कोढ़ में खाज जैसे होती जा रहे है। देश बचाने के लिए लिया गया हर फैसला देशवासियों पर भारी पड़ रहा है। पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खत्म होने की कगार पर है, ऐसे में विदेशी मुद्रा बचाने के लिए आयात पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिये गए हैं। लेकिन इससे पाकिस्तान के भीतर मौजूद कंपनियों के लिए और दिक्कतें शुरू हो गई हैं।
20 हजार रोजगार छिने
पाकिस्तान के अखबार द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक लगभग सभी 30 मोबाइल फोन असेंबली यूनिट्स, जिनमें विदेशी ब्रांडों द्वारा संचालित तीन शामिल हैं, बंद हो गई हैं। इसकी वजह आयात प्रतिबंधों के कारण निर्माताओं के पास कच्चा माल का खत्म होना बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक नकदी की तंगी वाले देश में अधिकांश फोन असेंबली यूनिट्स ने अपना परिचालन बंद कर दिया है। इन यूनिट्स में कर्मचारियों को उनके अप्रैल के आधे वेतन का अग्रिम भुगतान करने के बाद छुट्टी दे दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें बताया गया है कि उत्पादन शुरू होते ही उन्हें वापस बुला लिया जाएगा। इन यूनिट्स के बंद होने से देश भर में 20 हजार से अधिक कर्मचारियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
मोबाइल की कालाबाजारी शुरू
एक मोबाइल फोन निर्माता कंपनी के मालिक ने रमजान में कर्मचारियों को घर भेजने पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने इसका ठीकरा देश की अक्षम और अजीब नीतियों को बताया है। उन्होंने कहा कि देश में बड़े पैमाने मोबाइल असेंबल किए जाते हैं। इसके लिए चीन, वियनताम और द. कोरिया से कच्चा माल मंगवाया जाता है, लेकिन पार्ट्स की कमी की वजह से सारा काम ठप हो चुका है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अब मोबाइल फोन की कालाबाजारी शुरू हो चुकी है। उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर निर्मित मोबाइल सेटों के लिए काफी अधिक कीमत चुकानी पड़ती है।
लेटर ऑफ क्रेडिट मिलना मुश्किल
मोबाइल फोन निर्माता कंपनी ने बताया कि सरकारी नीतियों की वजह से एक आयातक के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) प्राप्त करना मुश्किल बन चुका है। इस वजह से मोबाइल फोन निर्माण में उपयोग किए जाने वाले प्रमुख उपकरणों के आयात में मुश्किलें आ रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल निर्माताओं ने कहा कि उनके उद्योग को पूरी क्षमता से काम करने के लिए हर महीने 170 मिलियन डॉलर के सामनों की आवश्यकता होती है। लेकिन सरकार डॉलर की कमी के बीच क्रेडिट पत्रों को खोलने की अनुमति नहीं दे रही है। शहबाज सरकार ने दिसंबर के अंतिम सप्ताह से कोई साख पत्र जारी नहीं किया है।
देश छोड़कर निकले चीनी विशेषज्ञ
रिपोर्ट के मुताबिक देश के शीर्ष मोबाइल फोन निर्माता संघ ने आईटी मंत्रालय को सूचित किया है कि प्रतिबंधों की वजह से स्थानीय मोबाइल आपूर्ति लगभग ठप हो गई है और बाजारों में भी मोबाइल फोन की कमी शुरू हो चुकी है। इस पर तत्काल ध्यान न दिया गया तो निकट भविष्य में मोबाइल बिकना बंद हो जाएगा। मोबाइल फोन निर्माता संघ अध्यक्ष ने कहा, "90 प्रतिशत चीनी विशेषज्ञ अपने देश वापस चले गए हैं। यह एक मोबाइल निर्माता के रूप में पाकिस्तान की प्रतिष्ठा के लिए एक गंभीर झटका है।"
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