3 भारतीय कंपनियों को मिला लाइसेंस, कोरोना मरीजों के लिए अब देश में बनेगा नासा का VITALवेंटिलेटर
3 भारतीय कंपनियों को मिला लाइसेंस, कोरोना मरीजों के लिए अब देश में बनेगा नासा का VITALवेंटिलेटर
कोरोना मरीजों के लिए अब देश में बनेगा नासा का VITAL वेंटिलेटर, तीन भारतीय कंपनियों को मिला लाइसेंस
नई दिल्ली। कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नासा द्वारा तैयार किए गए वेंटिलेटर का निर्माण अब भारत में ही शुरू होने जा रहा है।नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने तीन भारतीय कंपनियों को इसे तैयार करने के लिए लाइसेंस प्रदान किया हैं। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA)नासा ने यह जानकारी दी।

नासा ने जिन भारतीय कंपनियों को इसे तैयार करने का लाइंसेस दिया हैं वो अल्फा डिजाइन टेक्नॉलजीज प्राइवेट लिमिटेड, भारत फोर्ज लिमिटेड और मेधा सर्वो ड्राइव्स प्राइवेट लिमिटेड है।भारतीय कंपनियों के अलावा 18 अन्य कंपनियों को नासा ने यह लाइसेंस दिया है। जिनमें अमेरिका की 8 और ब्राजील की तीन कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां कोविड-19 के गंभीर रोगियों के लिए सांस लेने में सहायक वेंटिलेटर तैयार करेंगी। ये कंपनियां कोविड-19 के गंभीर रोगियों के लिए सांस लेने में सहायक वेंटिलेटर तैयार करेंगी।

गौरतलब हैं कि नासा ने कोरोना के मरीजों के लिए यह विशेष वेंटिलेटर दक्षिण कैलिफोर्निया के जेट प्रोपल्सन लैब (जेलपी) में तैयार किया है। जेपीएल के इंजीनियरों ने यह खास वेंटिलेटर एक महीने में में ही तैयार किया है, जिसे VITAL नाम दिया गया है। इसे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से इमर्जेंसी यूज ऑथराइजेशन मिल चुका है।

नासा ने बताया कि वाइटल वेंटिलेटर को चिकित्सकों तथा चिकित्सा उपकरण विनिर्माण से सलाह लेकर विकसित किया गया है। नाासा जो अमेरिका में अंतरिक्ष अनुसंधान, वैमानिकी और संबंधित कार्यक्रमों के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी है, ने दक्षिणी कैलिफोर्निया में अपने जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JLP) में कोरोनोवायरस रोगियों के लिए विशेष रूप से वेंटिलेटर विकसित किया है। यह उच्च दबाव वेंटीलेटर सबसे गंभीर COVID-19 लक्षणों वाले लोगों के लिए पारंपरिक वेंटिलेटर को मुक्त करते हुए गंभीर रोगियों के इलाज के लिए एक सरल, सस्ती विकल्प प्रदान करता है। अंतरिक्ष संगठन ने कहा कि वाइटल (वेंटीलेटर इंटरवेंशन टेक्नोलॉजी एक्सेसिबल लोकल) उपकरण एक पारंपरिक वेंटिलेटर के सातवें हिस्से का उपयोग करता है, जो पहले से ही सप्लाई चेन में उपलब्ध पार्ट्स पर निर्भर है।बता दें कोरोना वायरस से अब तक अमेरिका में 1,02,836 लोगों की जान जा चुकी है। अमेरिका में इस महामारी से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 17 लाख को पार कर चुका है।












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