World Poha Day पर इंदौरियों का अलग अंदाज, राजवाड़ा पर पोहा पार्टी रही बेहद खास
World Poha Day पर इंदौर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां शहर की मध्यस्थली राजवाड़ा पर BJP विधायक रमेश मेंदोला की ओर से शहर वासियों के लिए मुफ्त पोहा की व्यवस्था की गई थी, जहां बड़ी संख्या में लोग पोहा का स्वाद चखने पहुंचे थे।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला समेत तमाम लोगों ने राजवाड़ा पहुंचकर शहर वासियों के साथ पोहा का स्वाद चखा। इतना ही नहीं कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, और विधायक रमेश मेंदोला ने शहर वासियों को विश्व पोहा दिवस की शुभकामनाएं दी है।

इंदौर और पोहे का खास कनेक्शन है, भले ही पोहे ने इंदौर से निकलकर अब देश दुनियां में अपनी पहचान बना ली हो, लेकिन पोहे की पहचान में इंदौर का अपना अलग ही महत्व है। पोहे को महाराष्ट्र और मारवाड़ी लोगों का पारंपरिक व्यंजन माना जाता है।
इंदौर में पोहा आजादी के करीब दो साल यानी 1949-50 के बाद आया। रोजगार की तलाश में इंदौर आए व्यक्ति ने सबसे पहले पोहे की दुकान खोली थी। वहीं अब शहर में हर चौराहे पर एक या इससे ज्यादा पोहे की दुकान है।
शहर में लगभग 60 से 65 टन पोहे की खपत होती है। जहां घर से लेकर होटलों तक सिर्फ और सिर्फ पोहे की डिमांड ही अक्सर लोगों की फरमाइश में होती है। शादी हो या गमी को कोई कार्यक्रम, बच्चे का जन्मदिन हो या त्योहार का उत्सव इंदौर में बगैर पोहे कुछ भी संभव ही नहीं है।
स्वाद और सेहत के लिए अलग पहचान रखने वाला इंदौरी पोहा अब वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब हुआ है। पोहा बनाने के लिए अलग-अलग रैसिपी का इस्तेमाल भी होता है। इंदौर में पोहे का उपयोग नास्ते के तौर पर सर्वाधिक किया जाता है।
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