MP के किसानों पर संकट, इस कारण नहीं मिल पा रहे लहसुन के सही दाम
इंदौर, 22 अगस्त: मध्य प्रदेश के किसानों पर इस वक्त एक बड़ा संकट मंडराता नजर आ रहा है, जहां यह संकट लहसुन के अच्छे दाम ना मिल पाने का है। लहसुन की बंपर आवक और कम बिक्री के चलते लहसुन के दाम लगातार गिरते चले जा रहे हैं, जहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों की मंडी में लहसुन के दाम 45 पैसे से 1 रुपए प्रति किलो तक चल रहे हैं। इतना ही नहीं लहसुन के लगातार कब मिल रहे दामों के चलते अब किसानों ने लहसुन मंडी में लाना ही बंद कर दिया है। उधर, मंडियों में खराब और अच्छी लहसुन के अलग-अलग दामों के चलते भी यह हालत बनते नजर आ रहे हैं, जहां न्यूनतम भाव 50 रुपए प्रति क्विंटल तो वहीं अधिकतम भाव 6 हजार प्रति क्विंटल तक रहा।

किसानों में नजर आ रहा गुस्सा
मध्यप्रदेश में इन दिनों किसानों की हालत बेहद ही खराब नजर आ रही है, जिसके पीछे का कारण लहसुन की कीमतों का ना मिलना है। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े लहसुन उत्पादक शहरों में शामिल रतलाम, नीमच और इंदौर जैसी मंडियों में लहसुन के थोक भाव 45 पैसे से 1 रुपए प्रति किलो तक चल रहे हैं। यही कारण है कि, लहसुन की कम कीमत मिलने के कारण अब किसानों में गुस्सा नजर आ रहा है।

यह है लहसुन के भाव ना मिल पाने का कारण
विशेषज्ञों की मानें तो मध्यप्रदेश के मालवा अंचल में किसान बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती करते हैं। यही कारण है कि, इस साल लहसुन का बंपर उत्पादन हुआ है। वहीं मौसम खराब होने के चलते लहसुन की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। इसी के चलते इस बार लहसुन के सही दाम नहीं मिल पा रहे हैं। मध्यप्रदेश में लहसुन के सही दाम न मिल पाने की दिक्कत प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बनी हुई है। यही कारण है कि, किसान अब बेहद परेशान नजर आ रहे हैं, जहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों से किसानों के गुस्से की तस्वीर भी निकलकर सामने आ रही है, जो यह बताने के लिए काफी है कि, मध्य प्रदेश में लहसुन के सही दाम न मिलने से किसान परेशान नजर आ रहे हैं।

MP में होती है बंपर पैदावार
मध्यप्रदेश के मालवा अंचल में लहसुन की सबसे ज्यादा पैदावार होती है। यही कारण है कि, प्रदेश के लहसुन उत्पादक जिलों में मालवा अंचल के रतलाम, मंदसौर, नीमच और इंदौर जैसे जिले शामिल हैं। वहीं अब लगातार गिरते लहसुन के दामों के चलते किसानों की हालत बेहद खराब नजर आ रही है। मंडियों में लहसुन के भाव 45 पैसे से 1 रूपए प्रति किलो तक चल रहे हैं। यही कारण है कि, किसानों को उनकी लागत तक का दाम नहीं मिल पा रहा।

कुछ इस तरह हुआ किसानों को नुकसान
मध्य प्रदेश के किसान की माने तो प्याज और लहसुन की फसल लगाते लेते हैं। इस बार उन्होंने लगभग 3 बीघा जमीन में लहसुन लगाई थी, जिसका हिसाब किताब समझा जाए तो एक बीघा जमीन पर बीज खरीदने से लेकर मंडी ले जाने तक लागत लगभग 25 से 30 हजार की आई, यानी 3 बीघा में लगभग 90 हजार का खर्च किसान को आया है। वहीं इस बार मंडी में लहसुन का भाव 45 पैसे से 1 रुपए प्रति किलो तक चल रहा है, जिसके हिसाब से किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जहां लागत तक किसान को नसीब नहीं हो पा रही है।












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