MP Government ने नहीं दी मुकदमा चलाने की मंजूरी, कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ कार्यवाही खत्म
इंदौर, 2 अगस्त: प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बड़ा मामला निकलकर सामने आ रहा है, जिसमें इंदौर की विशेष अदालत ने साल 2005 के कथित पेंशन घोटाले में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और तत्कालीन महापौर कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ दायर शिकायत पर कार्यवाही खत्म कर दी है। जानकारी के मुताबिक, लगभग 17 साल का वक्त बीतने के बाद भी मध्य प्रदेश सरकार ने उन पर मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी। यही कारण रहा कि, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और तत्कालीन महापौर कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ दायर शिकायत पर कार्यवाही अब खत्म कर दी गई है। बता दें कि इंदौर की विशेष अदालत में साल 2005 में लगभग 33 करोड़ के कथित पेंशन घोटाले में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और तत्कालीन महापौर कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ शिकायत दायर की गई थी।

कुछ ऐसा है पूरा मामला
विशेष न्यायाधीश ने प्रदेश सरकार द्वारा बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और तत्कालीन महापौर कैलाश विजयवर्गीय और अन्य तत्कालीन लोक सेवकों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी के अभाव का हवाला देते हुए शिकायत की कार्यवाही खत्म करने का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि, अभियोजन स्वीकृति की प्रत्याशा में शिकायत पर आगामी कार्यवाही नहीं की जा सकती है, और मामले को अनंत काल तक लंबित भी नहीं रखा जा सकता। हालांकि, विशेष अदालत ने अपने आदेश में जोड़ा है कि, यदि शिकायतकर्ता को प्रदेश सरकार की अभियोजन स्वीकृति प्राप्त होती है, तो वह इस मामले में अदालती कार्यवाही बहाल करने के लिए स्वतंत्र हैं।
2000 से 2005 के बीच रहे महापौर
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय साल 2000 से 2005 के बीच प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के महापौर भी रहे हैं, और तब से लेकर अब तक नगर निगम में बीजेपी की सत्ता काबिज है। उधर, इस फैसले के बाद कांग्रेस ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए निशाना साधा है।












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