MP Assembly Election में 40 लाख तक खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी, कुछ ऐसा है पूरा गणित
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त व्यय प्रेक्षकगण प्रवीण कतारकी, आलोक श्रीवास्तव, मेरूगु सुरेश, रणविजय कुमार तथा अमित संजय गुरव कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने व्यय लेखा टीम और निगरानी दलों के साथ बैठक की है। बैठक में उन्होंने में विधानसभा निर्वाचन के दौरान की जा रही व्यवस्थाओं और तैयारियों की समीक्षा की है।
समीक्षा के दौरान उन्होंने जिले में की जा रही व्यवस्थाओं और तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। सराहना करते हुये उन्होंने कहा कि, इंदौर में विधानसभा निर्वाचन के लिये बहुत अच्छी व्यवस्थाएं और तैयारी हैं। जिले में निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं।

निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की है
बैठक में प्रेक्षकगणों ने निर्वाचन के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा खर्च की जाने वाली राशि की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की। बताया गया कि, विधानसभा निर्वाचन के दौरान एक अभ्यर्थी अधिकतम 40 लाख रूपये खर्च कर सकते हैं। बताया गया कि, खर्च की निगरानी के लिये 17 सहायक व्यय प्रेक्षक नियुक्त किये गये हैं। 30 फ्लाइंग स्क्वाड, 35 स्टेटिक सर्विलांस टीम, 27 वीडियो सर्विलांस टीम, 10 वीडियो व्यूइंग टीम, 9 लेखा दल, एक-एक कंट्रोल रूम, जिला व्यय निगरानी दल, जिला स्तरीय एमसीएमसी प्रकोष्ठ तथा जिला व्यय निगरानी सेल का गठन किया गया है।
एक और नवाचार किया गया है
इंदौर जिले में विधानसभा निर्वाचन के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. इलैयाराजा टी के मार्गदर्शन में एक और नवाचार किया गया है। जिले में विधानसभा निर्वाचन के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मीडिया मामलों पर अंग्रेजी में जारी किये गये निर्देशों-नियमों (कंपेडियम) का हिंदी अनुवाद जारी किया गया है। यह प्रदेश में अपने तरह की पहली अनूठी पहल हैं। इस हिन्दी अनुवाद में मीडिया के लिये जारी नियम और निर्देशों का विशेष रूप से अनुवाद कर जारी किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त व्यय प्रेक्षकगणों ने इंदौर में हुये इस नवाचार की सराहना की है। उन्होंने कहा कि, यह एक बेहतर प्रयास है।
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