MP Assembly Election: प्रत्याशियों के खाते में जुड़ेगा बेरिकेट्स और मंच का खर्चा, ऐसी है व्यवस्था
कोई भी राजनैतिक नेता दलीय प्रचार से हटकर किसी अभ्यर्थी के पक्ष में प्रचार-प्रसार करता है तब उस कार्यक्रम पर किया गया व्यय उम्मीदवार के खाते में डाल दिया जाएगा। दलों और आयोजकों के द्वारा किये जाने वाले कार्यक्रम सुरक्षा प्रबंध को ध्यान में रखते हुए सरकारी एजेन्सियों द्वारा बैरीकेट या मंच इत्यादि का निर्माण किया जाता है, तब उस निर्वाचन क्षेत्र से लड़ रहे उम्मीदवार के खाते में व्यय डाला जायेगा।
यदि उस कार्यक्रम में अन्य क्षेत्र के अभ्यर्थी भी सम्मिलित होते हैं तो उनका व्यय भार समान रूप में बांटा जायेगा। कुलमिलाकर, देखा जाए तो विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियों का सिलसिला जारी है।

कुछ ऐसी रहेगी व्यवस्था
बेरीकेट या मंच आदि पर सरकारी एजेन्सियों द्वारा किये गये व्यय की जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा तीन दिवस में उम्मीदवार को दी जायेगी जिसे उनके खाते में डाला जाएगा, जब उम्मीदवार, राजनैतिक नेता अथवा आयोजक स्वयं के खर्चे से मंच अथवा बेरीकेट का निर्माण करता है तो उस कार्यक्रम में उपस्थित उम्मीदवार के खाते में राशि दर्शायी जायेगी। इस राशि का सत्यापन नामित अधिकारी द्वारा किया जायेगा, जहां सरकारी एजेन्सियों द्वारा मंच आदि का निर्माण किया जाता है। ऐसी स्थिति में उम्मीदवार, राजनैतिक नेता अथवा आयोजक पूर्व से अनुमानित राशि जमा करेगा।
प्रत्याशियों के चुनाव व्यय पर निगरानी रखेंगे व्यय प्रेक्षक
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के चुनाव व्यय पर निगरानी रखने के लिए जिले में 02 व्यय प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इन प्रेक्षकों द्वारा प्रत्याशियों के सभी तरह के चुनाव व्यय पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-181-भीकनगांव, 182-बड़वाह एवं 183 महेश्वर के प्रत्याशियों के चुनाव व्यय पर निगरानी रखने के लिए भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी अक्षत श्रीनिवास को व्यय प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। पूर्व में इन विधानसभा क्षेत्रों के लिए आयुष कथेरिया को व्यय प्रेक्षक नियुक्त किया गया था।
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