Indore News: इंदौर में भारत बंद का दिखा असर, किसानों ने किया विरोध-प्रदर्शन
देशभर में किसान आंदोलन के बीच भारत बंद का आह्वान किया गया है, जहां प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भारत बंद का असर देखने मिला. वहीं इंदौर में किसान संगठनों ने विभिन्न मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा.
किसान आंदोलन के बीच संभागायुक्त पहुंचे किसान संगठन के सदस्यों ने विभिन्न मांगों को लकर ज्ञापन सौंपा. इस दौरान राम स्वरूप मंत्री, अरूण चौहान, सोनू शर्मा, बबलू जाधव समेत तमाम नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

किसानों ने बताया कि, हम प्रदेश के सभी किसान नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग करते हैं, तथा चाहते हैं कि मध्य प्रदेश सरकार किसानों को सभी कृषि उत्पादों की एमएसपी (सी-2+ 50%) पर खरीदी की कानूनी गारंटी दे। सभी किसानों की सम्पूर्ण कर्जा मुक्ति, किसानों को प्रति माह 10 हजार रुपए पेंशन देने, राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम वेतन प्रति माह 26,000 रुपये कराने, मजदूर विरोधी चार श्रम संहिता वापस लेने, मनरेगा मजदूरों को 200 दिन, 600 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी देने, अनावारी की इकाई पटवारी हल्का की जगह किसान का खेत बनाने, आवारा पशुओं से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग करते रहे हैं।
किसानों ने बताया कि, किसानों की जमीन अधिग्रहण करने पर भूमि के बाजार भाव से चार गुना मुआवजा दिया जाए। घोड़ा रोज रोजडा को समूल नष्ट करने के लिए सरकार युद्ध स्तर पर कार्रवाई करें। घोड़ा रोज़ से जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई है उन्हें तत्काल नियम आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा दिया जाए। घोड़ा रोज को भगाने के लिए और अपनी खेती बचाने के लिए किसानों को बंदूक के लाइसेंस दिए जाएं तथा रोजडा को नष्ट करने के अधिकार दिए जाएं।
रोजडा के आतंक से खेती को बचाने के लिए वन विभाग को सख्त निर्देश दिए जाएं तथा प्रत्येक वन विभाग की रेंज में वन कर्मियों को गस्त करने का आदेश दिया जाए। इंदौर जिले की मंडी के 186 किसान पिछले 4 सालों से अपने खून पसीने से उपजाई फसल के रुपए के लिए भटक रहे हैं तत्काल इन किसानों का 2 करोड़ 74 लाख रु का भुगतान मंडी निधि से किया जाएं।
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