Indore की आंगनवाड़ियां लेंगी प्री-स्कूल का स्वरूप, प्रशासन का प्लान तैयार
प्रदेशी की आर्थिक राजधानी इंदौर में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी की अध्यक्षता में समय-सीमा के पत्रों के निराकरण (टी.एल.) की बैठक सम्पन्न हुई. आंगनवाड़ियों को प्री-स्कूल के रूप में विकसित किया जायेगा।

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इंदौर जिले में आंगनवाड़ियों के बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने के लिये आंगनवाड़ियों को प्री-स्कूल के रूप में विकसित किया जायेगा। जिले में जल-जीवन मिशन के तहत पेयजल संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये जनपद पंचायतवार कंट्रोल रूम बनाये जायेंगे। साथ ही सीएम हेल्पलाइन के तहत 50 दिन से अधिक समय के लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिये एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जायेगा। यह जानकारी कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई समय-सीमा के पत्रों के निराकरण (टी.एल.) की बैठक में दी गई। बैठक में अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर, अजयदेव शर्मा, आर.एस. मण्डलोई, सपना लोवंशी, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी वंदना शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सीएम हेल्पलाइन पर फोकस रखा जाए
बैठक में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने सीएम हेल्पलाइन के तहत दर्ज आवेदनों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी अधिकारी सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों के समय-सीमा में निराकरण पर विशेष ध्यान देवे। सोमवार से अगले एक सप्ताह के भीतर यह प्रयास करें कि 50 दिन से अधिक लंबित आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित हो। निराकरण में किसी भी तरह की लापरवाही और उदासिनता नहीं बरती जाये। लापरवाही और उदासिनता बरतने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रति दिन सीएम हेल्पलाइन पर फोकस रखा जाये। उन्होंने लापरवाही तथा उदासिनता बरतने पर कार्यपालन यंत्री पी.एच.ई, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी, एसडीएम देपालपुर और सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग को शौकाज नोटिस देने के निर्देश दिये।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को क्षमता संवर्धन का प्रशिक्षण दें
इसी के साथ उन्होंने कहा कि, आंगनवाड़ियों के बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने के लिये आंगनवाड़ियों को प्री-स्कूल के रूप में विकसित किया जाये। इस संबंध में उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित करते हुये कहा कि, इस संबंध में सभी व्यवस्थाएं शीघ्र सुनिश्चित करें। आंगनवाड़ियों का चयन कर उनमें सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। बताया गया कि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को क्षमता संवर्धन का प्रशिक्षण दिया जाये।
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