Indore News: बोरवेल करने वाले जाएंगे जेल, कलेक्टर का आदेश, इन पर होगी FIR
मध्यप्रदेश के इंदौर में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष सिंह ने इंदौर जिले में गिरते हुए भू-जल स्तर को देखते हुए इंदौर शहर से पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। इस संबंध में मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम तथा संशोधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत आदेश जारी कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार इंदौर शहर सहित पूरे जिले में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

यह प्रतिबंधात्मक आदेश 20 मार्च 2025 से लागू होकर आगामी 15 जून 2025 तक प्रभावशील रहेगा। जारी आदेश के अनुसार ऐसी बोरिंग मशीन जो अवैध रूप से जिले में प्रतिबंधित स्थानों पर प्रवेश करेगी अथवा नलकूप खनन/बोरिंग का प्रयास करेगी उक्त मशीनों को जप्त कर संबंधित पुलिस थाना क्षेत्र में एफ.आई.आर दर्ज कराने का अधिकार संबंधित राजस्व, पुलिस एवं नगर निगम के अधिकारियों को होगा।
समस्त अपर कलेक्टर अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत अपरिहार्य प्रकरणों में नगर निगम सीमा क्षेत्रों में कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी नगर निगम इन्दौर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्रामीण द्वारा प्रदत जांच प्रतिवेदन के आधार पर केवल रजिस्टर्ड एजेन्सियों द्वारा नवीन नलकूप खनन हेतु निर्धारित शर्तों के अधीन अनुज्ञा देने हेतु प्राधिकृत किया गया है। इस अधिसूचना का उल्लंघन करने पर उपरोक्त अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी।
शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत किये जाने वाले नलकूप उत्खनन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। इस हेतु उपरोक्तानुसार अनुज्ञा प्राप्त किया जाना भी आवश्यक नहीं होगा। नवीन खनित निजी नलकूप एवं अन्य विद्यमान निजी जल स्त्रोतों का आवश्यकता होने पर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था हेतु अधिनियम की धारा-4 के अन्तर्गत अधिग्रहण किया जा सकेगा।
खुला रखने वालों पर एक्शन
मध्यप्रदेश में शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में एवं अन्य संचार माध्यमों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर जिले में खुले बोरवेल/ट्यूबवेल निजी भूमि या सरकारी भूमि पर स्थित भू-स्वामी एवं शासकीय संस्था द्वारा बोरवेल/ट्यूबवेल अनुपयोगी होने पर उसे खुला छोड़ दिया जाता है, इस गम्भीर लापरवाही के कारण बच्चे/पशु के बोर में गिर जाने की घटना घटित होने की प्रबल आशंका बनी रहती है।
उक्त घटनाओं की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला नेहा मीना ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झाबुआ जिले की राजस्व सीमा में निम्न प्रतिबंधात्मक आदेश किया।
बोर खनन करते समय भूमि स्वामी एवं बोर खननकर्ता किसी भी स्थिति में बोर का मुख खुला नहीं छोड़ेगा। जिन बोरवेल में पानी नहीं है तथा जिन्हें उपयोग में नहीं लाया जा रहा है उन बोरवेल को भूमि स्वामी/मकान मालिक/संस्था प्रमुख खुला नहीं रखेगें। भूमि स्वामी/मकान मालिक/संस्था प्रमुख समस्त बोरवेल को लोहे की प्लेट/सीमेंट या मजबूत केप से बंद किए बिना नहीं रखेगें।
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