Zoom App:सरकार ने क्यों कहा सुरक्षित नहीं है ये एप, जा‍निए क्या है खतरा

बेंगलुरु। कोरोना संकट की वजह से देश में लॉकडाउन जारी है। इस दौरान सभी कारपोरेट ऑफिस, आईटी कंपनियां समेत अन्‍य ऑफिस बंद चल रहे हैं। इतने लंबे समय के लिए कंपनियां और कारोबार करने वाले लोग काम रोक कर तो नहीं बैठ सकते हैं ऐसे में एक दूसरे से जुड़ने के लिए वीडियो कॉलिग ऐप जूम (Zoom App) का इस्तेमाल कर रहे हैं/ अधिकांश दफ्तरों में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए इस ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बीच सरकार ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को चेताया है कि यह 'सुरक्षित नहीं है।

जूम के सीईओ ने भी स्वीकारी है ये बात

जूम के सीईओ ने भी स्वीकारी है ये बात

बता दें Zoom वीडियो कॉन्फ्रेंस एप की सिक्योरिटी को लेकर पिछले कई दिनों से बवाल मचा हुआ है। हालांकि ये बात जूम के सीईओ ने भी स्वीकारी है कि जूम एप में डेटा सिक्योरिटी को लेकर खामियां हैं। जूम के सीईओ एरिक एस युआन जो कि अमेरिकन चाइनीज है उन्‍होंने कुछ दिन पहले अपने एक ब्लॉग में कहा था कि कंपनी मामले की जांच कर रही है और अगले 90 दिनों में सिक्योरिटी के मसले को हल किया जाएगा। जिससे साफ है कि अभी इस प्राब्लम को हल होने में अभी तीन महीने का समय लगेगा। उन्‍होंने कहा था कि सिक्योरिटी पैच के लिए अपडेट जारी किया जाएगा।

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    लॉकडाउन में बढ़ गए इतने यूजर

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    गौरतलब है कि दिसंबर 2019 में जूम के डेली एक्टिव यूजर्स की संख्या 10 मिलियन यानी एक करोड़ थी जो मार्च 2020 में 200 मिलियन यानी 20 करोड़ हो गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण दुनियाभर के 20 देशों के 90,000 से अधिक स्कूल भी जूम एप का प्रयोक कर रहे हैं। शायद आप भी उन्‍हीं में से एक होगे जो इस ऐप का आज कल जमकर प्रयोग कर रहे होंगे।

    सरकार ने जूम को लेकर जारी की एडवाइजरी

    सरकार ने जूम को लेकर जारी की एडवाइजरी

    दरसअलस भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम और राष्ट्रीय साइबर-सुरक्षा एजेंसी ने पहले ही उपयोगकर्ताओं को इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप में लगाई जाने वाली सेंध को लेकर जागरूक किया था। पासवर्ड लीक होने और हैकर्स द्वारा वीडियो कॉल कांफ्रेंस के दौरान हाईजैक किए जाने की शिकायतों के बाद गाइडलाइन जारी की गई .और कहा था कि जूम एप साइबर हमलों का माध्‍यम बन सकता हैं। इस एप के जरिए साइबर अपराधी सरकारी और निजी कंपनियों से डाटा चोरी करके उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। सीईआरटी ने कहा है कि जूम एप के साथ डाटा लीक का खतरा है। इतना ही नहीं इसके माध्‍यम से आपके मोबाइल और कंप्‍यूटर या लैपटाप पर मौजूद डाटा भी लीक हो सकता हैं। एक अधिकारी ने कहा कि कारोबारी हों या सरकारी अधिकारी कृपया इसका इस्तेमाल ना करें।

    जूम मीटिंग एप वीडियो कांफ्रेंस के लिए सुरक्षित प्लेटफार्म नहीं है

    जूम मीटिंग एप वीडियो कांफ्रेंस के लिए सुरक्षित प्लेटफार्म नहीं है

    सरकार ने कहा है कि जूम मीटिंग एप वीडियो कांफ्रेंस के लिए सुरक्षित प्लेटफार्म नहीं है। सरकार ने जो उपयोगकर्ता जूम एप का इस्तेमाल निजी कार्यों के लिए करते हैं उनके लिए गाइडलाइंस जारी की गई हैं। गृह मंत्रालय ने एक नई एडवाइजरी जारी कर कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए जूम एप एक सुरक्षित प्लेटफार्म नहीं है। बता दें गाइडलाइन की मदद से किसी गैर अधिकृत व्यक्ति का कॉन्फ्रेंस में हस्तक्षेप और अवांछित गतिविधि को रोका जा सकेगा। गाइडलान का पालन किया जाए तो उपयोगकर्ताओं के अलावा कोई दूसरा व्यक्ति उनकी गतिविधि को प्रभावित नहीं कर सकता है। पासवर्ड और यूजर एक्सेस के जरिए डीओएस अटैक को भी रोका जा सकता है।

    जूम एप के जरिए निजी मीटिंग सार्वजनिक हो सकती है

    जूम एप के जरिए निजी मीटिंग सार्वजनिक हो सकती है

    बता दें सामान्‍य तौर पर चैटिंग एप और वीडियो कॉलिंग एप में एंड टू एंड एंक्रिप्शन होता है। ऐसे में लोगों का डाटा सिर्फ भेजने और प्राप्त करने वाले के बीच रहता है, लेकिन जूम एप के साथ ऐसा नहीं है, क्योंकि जूम एंक्रिप्टेड नहीं है। सुझाव के तौर पर एजेंसी ने कहा है कि जूम एप के इस्तेमाल से पहले एप को अप-टू-डेट रखें और मजबूत पासवर्ड रखें। इसके अलावा एप में वेटिंग फीचर को ऑन रखें ताकि मीटिंग में हिस्सा लेने वाले लोगों पर कंट्रोल बना रहे। वहीं अब गृह मंत्रालय ने भी जूम एप को इस्तेमाल करने से मना किया है। सरकार ने कहा है कि जूम एप के जरिए अनाधिकृत लोग कॉन्फ्रेंस में शामिल हो सकते हैं औऱ आपकी निजी मीटिंग सार्वजनिक हो सकती है।

     सिक्योरिटी के लिए करें ये उपाय

    सिक्योरिटी के लिए करें ये उपाय

    सभी मीटिंग्स के लिए अलग-अलग यूजर आईडी और पासवर्ड बनाएं।मीटिंग शुरू होने से पहले ज्वाइन फीचर को डिसेबल करें।
    स्क्रीन शेयरिंग की इजाजत सिर्फ उसे ही दे जो मीटिंग कर रहा है या होस्ट है। वेटिंग रूम फीचर को ऑन करें ताकि मीटिंग में सिर्फ वही लोग शामिल हो सकें जिन्हें आप चाहते हैं। हटाए गए लोगों को फिर से ज्वाइन होने का रास्त बंद करें यानी री-ज्वाइन को डिसेबल कर दें। आवश्‍यकता ना हो तो फाइल ट्रांसफर फीचर को बंद रखें।मीटिंग में सभी लोगों के शामिल हो जाने के बाद मीटिंग को लॉक कर दें।रिकॉर्डिंग फीचर को बंद कर दें।यदि आप होस्ट हैं तो मीटिंग खत्म होने के तुरंत बाद सिस्टम को छोड़कर ना जाएं।

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