Dhruv Rathi: यूट्यूबर ध्रुव राठी की बढ़ी मुसीबत, कोर्ट ने नोटिस भेजकर किया तलब, जानें क्या है आरोप?
Defamation case against Dhruv Rathi: मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ध्रुव राठी एक बार फिर मुसीबत में फंसते नजर आ रहे हैं। दिल्ली की एक अदालत ने मानहानि से जुड़े एक केस में यूट्यूबर ध्रुव राठी को नोटिस भेज कर तलब किया है।
ध्रुव राठी पर ये मानहानि का केस भाजपा मुंबई यूनिट के प्रवक्ता सुरेश नखुआ द्वारा दायर किया गया है। केवल ध्रुव राठी ही नहीं भाजपा प्रवक्ता ने ये मानहानि का केस ध्रुव राठी के अलावा गूगल एलएलसी और एक्स कॉर्प (पूर्व ट्विटर) के खिलाफ दर्ज करवाया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

दरअसल, धु्व राठी और गूगल एलएलसी और एक्स कॉर्प (पूर्व में ट्विटर) के खिलाफ दायर नखुआ के मुकदमे में दावा किया गया है कि 7 जुलाई को राठी ने एक वीडियो अपलोड किया था जिसका टाइटल ""My Reply to Godi Youtubers | Elvish Yadav | Dhruv Rathee" है। इस वीडियो में राठी ने कथित तौर पर बिना किसी वैध कारण के नखुआ को हिंसक और अपमानजनक ट्रोल का हिस्सा बताया।
नखुआ ने कोर्ट में दर्ज अपने केस में ये भी कहा "इस चालाकी से तैयार किए गए वीडियो के ज़रिए, मेरे ईमानदारी और प्रतिष्ठा को धूमिल करने का एक जानबूझ कर प्रयास किया गया है, क्योंकि निराधार आरोप और दुर्भावनापूर्ण संबंध चालाकी से लगाए गए हैं।"
उनका तर्क है कि इन अपमानजनक बयानों ने उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है, जिससे उनके पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को ठेस पहुंची है।
कानूनी कार्यवाही शुरू की गई
जिला न्यायाधीश गुंजन गुप्ता द्वारा 19 जुलाई को जारी किए गए अदालती आदेश में कहा गया है: "सीपीसी के नियम 1 और 2 के तहत मुकदमे का समन और आवेदन का नोटिस प्रतिवादियों को जारी किया जाता है, जो 06.08.2024 तक सभी तरीकों यानी पीएफ और आरसी/स्पीड पोस्ट/इलेक्ट्रॉनिक मोड सहित स्वीकृत कूरियर के माध्यम से किया जाएगा।"
नखुआ ने आगे कहा कि राठी आदतन बदनामी करने, ऑनलाइन धमकियां देने और अपने दर्शकों का फ़ायदा उठाकर साथी यूट्यूबर्स के करियर को नुकसान पहुंचाने में लगे हुए हैं। नतीजतन, नखुआ राठी के खिलाफ़ एक स्थायी निषेधाज्ञा की मांग करते हैं ताकि उन्हें किसी भी प्लेटफ़ॉर्म पर उनके या भाजपा के बारे में कोई भी अपमानजनक सामग्री पोस्ट या शेयर करने से रोका जा सके।
20,00,000 का हर्जाने की मांग
नखुआ ने यह भी अनुरोध किया है कि मानहानि के लिए उनके पक्ष में 20,00,000 का हर्जाना दिया जाए। इसके अलावा, उन्होंने राठी को किसी भी तरह से उनसे या उनके सहकर्मियों से संपर्क करने से रोकने के लिए निषेधाज्ञा की मांग की है।












Click it and Unblock the Notifications