देश में रिकॉर्ड टीकाकरण के बीच युवाओं को अभी भी नहीं है वैक्सीन पर भरोसा, दे रहे हैं ये दलीलें
नई दिल्ली, 13 नवंबर। कोरोना महामारी के खिलाफ भारत का टीकाकरण अभियान पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बनता जा रहा है, क्योंकि बहुत ही कम समय के अंदर भारत ने अपनी बहुत बड़ी आबादी को कम से कम वैक्सीन की एक डोज लगा दी है। हाल ही में भारत में 100 करोड़ वैक्सीन की डोज का आंकड़ा हासिल किया गया है। इस उपलब्धि के बीच टीकाकरण अभियान को और तेज करने के लिए भारत सरकार ने हाल ही में 'हर घर दस्तक' अभियान की शुरुआत भी की है, जिसके तहत जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली है, उन्हें घर-घर जाकर टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा जिनकी दूसरी डोज रह गई है, उन्हें भी टीका लगाया जाएगा।

अभी भी लोग कतरा रहे हैं वैक्सीन की डोज लेने से
इन सबके बीच हमारे आसपास अभी बहुत से ऐसे लोग हैं, जो वैक्सीन लेना ही नहीं चाहते हैं। ऐसे कुछ लोगों से वन इंडिया ने बात की और उनकी दलीलों को सुना कि आखिर उन्होंने अभी तक वैक्सीन क्यों नहीं ली है और वो आगे भी क्यों वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते हैं।
मनीष को अभी वैक्सीन पर नहीं है भरोसा
नोएडा की एक कंपनी में काम करने वाले मनीष का कहना है कि उन्हें अभी तक वैक्सीन पर भरोसा नहीं हुआ है, वो वैक्सीन के दुष्प्रभावों को लेकर अभी तक चिंतित हैं। मनीष वैक्सीन की प्रभावकारिता को लेकर भी अभी तक वैक्सीन पर भरोसा नहीं कर पाए हैं। मनीष का कहना है कि भारत में बनी कोरोना वैक्सीन इम्युनिटी को बूस्ट करने का काम करती है, मैं अपनी इम्युनिटी को बूस्ट करने के लिए अन्य उपाय कर लेता हूं, वैक्सीन के दीर्घकालिक दुष्परिणाम हैं, जिनकी वजह से उन्होंने वैक्सीन नहीं ली है और आगे भी उनका वैक्सीन लेने का कोई प्लान नहीं है। हालांकि वो ये जरूर कहते हैं कि जब उनका वर्क फ्रॉम होम खत्म होगा और कंपनी ने वैक्सीन को अनिवार्य किया तो फिर वो मजबूरी में वैक्सीन लगवाएंगे।
दिल्ली की रहने वाली ज्योति अपनी बच्ची की वजह से नहीं ले रही वैक्सीन
दिल्ली की रहने वाली ज्योति ने तीन महीने पहले एक बच्ची को जन्म दिया है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के वक्त वो गर्भवती थी और उस वक्त सरकार ने गर्भवती महिलाओं के लिए वैक्सीन को मंजूरी नहीं दी थी। हालांकि अब सरकार और एक्सपर्ट की तरफ से भी वैक्सीन को गर्भवती महिलाओं और नवजात को दूध पिलाने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद भी ज्योति ने अभी तक वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली है। उनका कहना है कि वैक्सीन लगने के बाद बुखार आता है और अगर उनको बुखार आया तो उनकी बच्ची पर भी इसका असर पड़ेगा, इसलिए वो अभी वैक्सीन नहीं लेना चाहती हैं। हालांकि उनका ये जरूर कहना है कि लगभग 6 महीने के बाद वो वैक्सीन की डोज लगवाएंगी।












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