येदुरप्पा ने बहुमत साबित करने के लिए मांगे थे 7 दिन, राज्यपाल ने दिये 15 दिन!
बेंगलुरू: कर्नाटक में बहुमत के लिए जरूरी नम्बर नहीं होने के बावजूद भाजपा को राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्योता दिया और येदुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। लेकिन इसी का विरोध करते हुए कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। राज्यपाल द्वारा येदुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन दिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने याचिका दी थी। इसी मामले पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुबह 10.30 बजे सुनवाई होनी है।

एक तरफ बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों की मोहलत दिए जाने को लेकर कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन कोर्ट पहुंचा हैं वहीं, दूसरी तरफ ये भी खबरें आ रही हैं कि येदुरप्पा ने राज्यपाल ने 7 दिनों का ही वक्त मांगा था। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस मुद्दे को सुनवाई के दौरान उठा सकती है कि बीएस येदुरप्पा ने राज्यपाल ने 7 दिनों का ही वक्त मांगा था लेकिन उन्होंने बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का वक्त दे दिया।
कांग्रेस की याचिका पर कोर्ट क्या निर्णय देता है, इसको लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अगर कांग्रेस ये दलील कोर्ट के सामने रखती है तो देखने वाली बात होगी कि क्या सुप्रीम कोर्ट बहुमत के लिए मोहलत को 15 दिन के बजाय 7 दिन का वक्त देता है या फिर कोई और वक्त।
बता दें कि 224 सदस्यीय विधानसभा में 222 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमें बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिली थीं. इनके अलावा बहुजन समाज पार्टी, कर्नाटक प्रज्ञावंत जनता पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में 1-1 सीट आई थी। जबकि बीजेपी बहुमत साबित करने की पूरी कोशिश कर रही है, तो वहीं कांग्रेस-जेडीएस अपने-अपने विधायकों को भाजपा की पहुंच से दूर रखने की कोशिश में जुटी है।












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