वुहान गई डॉक्टरों और नर्सों को पीएम मोदी ने लिखी चिट्ठी, भारतीयों को बचाने पर कहा Thank you!
नई दिल्ली। चीन के वुहान से भारतीयों को निकालने गई मेडिकल टीम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिट्ठीकर आभार जताया है और उनकी प्रशंसा की है। पीएम मोदी ने सफदरजंग अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर को मनु जोसेफ को चिट्ठी लिखी है। पीएम मोदी ने अपनी इस चिट्ठी में मेडिकल टीम के हर सदस्य को इवैक्युएशन प्रक्रिया में मदद करने के लिए बधाई दी है। जोसेफ भी वुहान गई उस टीम में शामिल थे जिसने भारतीयों को निकालने की प्रक्रिया को पूरा किया था।

'आपने दी है सबको प्रेरणा'
पीएम मोदी ने अपनी इस चिट्ठी में लिखा है, 'श्री मनु जोसेफ जी, मुश्किल के समय में शक्ति इस बात को एयरइंडिया के कर्मियों और सफदरजंग और राम मनोहर लोहिया अस्तपाल की मेडिकल टीम ने सच साबित करके दिखा दिया। कोरोना वायरस के संकट के बीच चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में रह रहे भारतीयों की जिंदगी बचाने के उनके प्रयास सराहनीय हैं। रेस्क्यू टीम की तरफ से जो साहस दिखाया गया है साबित करता है कि मुश्किल के समय में ही चरित्र की असली परीक्षा होती है।' उन्होंने आगे लिखा है, 'कोरोना वायरस के संकट से पूरी दुनिया परेशान है। इस स्थिति में परेशानी में पड़े भारतीयों को निकालने की खबर न सिर्फ राहत देती है बल्कि दुनियाभर में बसे भारतीयों को तसल्ली देती है कि संकट के समय में पूरा देश एकसाथ खड़ा है। आपके प्रयासों ने हर भारतीय को प्रेरित किया है कि वह देश की सेवा पूरे समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कर सके।'
मेडिकल टीम में थे 10 सदस्य
वुहान से भारतीयों को निकालने के लिए जो टीम गई थी उसमें 10 लोग थे। इस टीम में राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टर आनंद विशाल, डॉक्टर पुलिन गुप्ता, डॉक्टर संजीत पनेसर एजरे जोस और सरथ प्रेम शामिल थे। इसके अलावा सफदरजंग अस्पताल से डॉक्टर योगेश चंद्र पोरवाल, डॉक्टर रुपाली मलिक और रजनीश कुमार के अलावा एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की सुजाता आर्या शामिल थीं। पीएम मोदी ने अपनी चिट्ठी के अंत में लिखा है, 'आप ऐसे ही श्रेष्ठता के साथ देश की सेवा करते रहें।'

एयर इंडिया ने चलाया था खास ऑपरेशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयर इंडिया कर्मियों और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों को भी इसी तरह से चिट्ठी लिखकर धन्यवाद कहा था। 13 फरवरी को सरकार की तरफ से बयान जारी कर बताया गया था कि चिट्ठी को जल्द ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से क्रू को सौंपा जाएगा। एयर इंडिया की वुहान में 31 जनवरी और एक फरवरी को खास ऑपरेशन चलाया गया था। इस ऑपरेशन के जरिए 400 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया था। 14 दिनों तक मानेसर स्थित सेना और आईटीबीपी की तरफ से तैयार खास तरह के कैंपों में रखा गया था। इनमें किसी तरह का इनफेक्शन नहीं पाया गया है और अब इन्हें घर जाने की मंजूरी दे दी गई है।

तीन घंटे तक वुहान में रहा था जेट
जो जेट वुहान रवाना हुआ था वह करीब दो से तीन घंटे वहीं पर रुका था। प्लेन में स्पेशल मेडिकल किट्स थीं जिन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से दिया गया है। इस किट में दस्ताने, मास्क और दवाईयां हैं। डॉक्टरों और क्रू मेंबर्स को पूरे प्रोटेक्टिव गियर पहनने को दिए थे और उन्हें एयरक्राफ्ट में ही रहने के निर्देश दिए गए थे। सिर्फ उन लोगों को चढ़ने की मंजूरी दी गई थी जिन्हें किसी तरह का कोई इनफेक्शन नहीं था। क्रू मेंबर्स यानी पायलट, इंजीनियर्स, सिक्योरिटी पर्सनल और डॉक्टरों को भी वापस आने पर एक हफ्ते तक उनके घर में आइसोलेशन में रखा गया। क्रू पैसेंजर्स के साथ किसी तरह का संपर्क न करने के निर्देश दिए गए थे। हर सीट पर खाने का सामान और पानी पहले ही रख दिया गया था।












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