हरियाणा सरकार ने पुरस्कार राशि में की कटौती, पुनिया और फोगाट ने जताई नाराजगी
नई दिल्ली। हाल ही में हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के एथलीटों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि में की गई कटौती से रेसलर बजरंग पूनिया और बिनेश फोगाट नाराज हैं। नाराज बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट ने ट्वीट कर खिलाड़ियों को मिलने वाली राशि में कटौती किए जाने पर हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है। इस पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा है कि खेल नीति के आधार पर पुरस्कार राशि वितरित की गई है। अगर कुछ गड़बड़ी है तो वे विभाग से बात कर सकते हैं। हमने अपने खिलाड़ियों का कभी अपमान नहीं किया।

बता दें कि, मंगलवार को पहलवान बजरंग पुनिया ने ट्वीट करके कहा था कि हरियाणा के युवाओं ने देश को कई बेहतरीन मेडल दिए है। भले ही एक छोटा सा राज्य है हरियाणा,पर यहां के खिलाड़ियों ने पूरे देश को कइ बार गर्वित किया है।उनको मिलने वाली राशि में कटौती करके उनके मनोबल को न तोड़ा जाए।मेरी हरियाणा सरकार से विनती है कि इस निर्णय पर दोबारा विचार करे। जब खिलाड़ीयों को आप पुरस्कार का वायदे करते हैं तब उन खिलाड़ियों को आप ने पैसे का लालच नहीं बल्कि खिलाड़ियों का साथ देने का वायदा करते हैं। अगर आप अपने किये वायदे को पूरा नहीं कर सकते तो फिर भविष्य मे कोई भी खिलाड़ी आप से किस बात की उम्मीद रखें!
वहीं विनेश फोगाट ने पहलवान बजरंग पुनिया का समर्थन करते हुए ट्वीट किया था कि, हर बार आप यहीं कोशिश में रहते हैं कैसे खिलाड़ियों को परेशान किया जाए।मैंने आज तक हरियाणा में खिलाड़ियों का इतना अपमान करने वाली सरकार नहीं देखी है। मैं पूछना चाहतीं हूँ आपसे आपने आज तक कितने खिलाड़ियों को प्राइज़ मनी और जॉब देने का काम किया है। एक अन्य ट्वीट में फोगाट ने लिखा कि, प्रिय सर लगता है जब आज से पाँच साल पहले आप लोग आए थे तो यह क़सम ख़ाके आए थे हरियाणा में ना तो खिलाड़ी छोड़ने हैं ना ही उनका मान- सम्मान। चाहे वो खिलाड़ी छोटा हो चाहे बड़ा हो, आज कोई भी खिलाड़ी आपकी पॉलिसी से ख़ुश नहीं है।
बता दें कि, पहले अवॉर्ड सेरिमनी सोमवार (24 जून को) को पंचकूला में होनी थी, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले 3000 खिलाड़ियों में लगभग 90 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि बांटी जानी थी। लेकिन, इससे कुछ ही दिन पहले इसे रद्द कर दिया गया। 2018 में हरियाणा ने अपनी नीतियों में बदलाव किया था, जिसका उस वक्त भी खिलाड़ियों ने जमकर विरोध किया था।












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