महिला आरक्षण बिल पर भाजपा की इस सहयोगी ने क्यों मिलाए विपक्ष से सुर, कहा- ' शामिल हो ओबीसी कोटा'
महिला आरक्षण विधेयक 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर मोदी सरकार में शामिल बीजेपी की एक सहयोगी ने भी विपक्षी दलों के सुर में सुर मिला दिया है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से सांसद और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा है कि 'पिछड़े वर्ग की महिलाओं को आरक्षण का विषय गंभीर है......'
अपना दल (सोनेलाल) की नेता ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर जो कहा है, उसी तरह की मांग तमाम विपक्षी दलों की ओर से भी की गई है। हालांकि, उन्होंने महिला आरक्षण बिल लाने के लिए सरकार और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर सराहना की है और विपक्ष के इरादों पर जोरदार हमला करने से भी नहीं चूकी हैं।

महिला आरक्षण को अंजाम तक पहुंचाएगी मोदी सरकार-अनुप्रिया पटेल
'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर लोकसभा में चर्चा के दौरान अनुप्रिया पटेल ने इसे समय की जरूरत बताया और कहा है कि मोदी सरकार जिस वीमेन लेड गवर्नमेंट की बात करती है, उस नजरिए से यह बिल बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए दावा किया कि जिस काम में कोई सरकार नहीं सफल हुई, उसे मोदी सरकार अंजाम तक पहुंचाकर दिखाएगी।
'पिछड़े वर्ग के लिए कोटा का विषय गंभीर है और ये चिंता नाजायज भी नहीं है'
लेकिन, महिला आरक्षण में पिछड़े वर्ग के लिए कोटा मांगकर उन्होंने विपक्षी दलों की मांग का समर्थन भी किया है। उन्होंने कहा, 'जो हमारे पिछड़े समाज से आने वाली महिलाएं हैं, उनके लिए अलग से प्रावधान करने का...... ये विषय गंभीर है और ये चिंता नाजायज भी नहीं है...इस मांग को गलत भी नहीं ठहराया जा सकता। ...क्योंकि महिलाएं अलग-अलग पारिवारिक पृष्टभूमि से आती हैं....अलग-अलग आय वर्ग से आती हैं....अलग-अलग जाति-धर्म और संप्रदाय से आती हैं.....उनकी शिक्षा का स्तर भी अलग-अलग होता है..' उनके मुताबिक इस वर्ग की महिलाओं के सामने अलग तरह की चुनौतियां और वो ज्यादा भी हैं।
प्रधानमंत्री जरूर कुछ न कुछ विचार कर रहे होंगे- अनुप्रिया पटेल
लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने 9 वर्षों में मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान ओबीसी के हितों के लिए उठाए गए कदमों को काफी ऐतिहासिक भी बताया और उम्मीद जाहिर की है कि 'मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे पिछड़े, वंचित समाज से आने वाली महिलाओं के अधिकारों को संरक्षित करने की दिशा में हमारे प्रधानमंत्री जरूर कुछ न कुछ विचार कर रहे होंगे.....और इसे सुनिश्चित करने के लिए कोई काम जरूर करेंगे....'
कुर्मी समाज से ताल्लुक रखती हैं अनुप्रिया पटेल
सवाल है कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर भी मोदी सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ीं अनुप्रिया पटेल ने ओबीसी आरक्षण का मुद्दा क्यों उठाया है, जबकि वह तो सरकार का हिस्सा ही हैं। इसके जवाब में यूपी के खासकर पूर्वांचल इलाके की वह राजनीति है, जहां से वो आती हैं। पटेल खुद कुर्मी समाज से आती हैं, जो एक प्रमुख ओबीसी जाति है।
ओबीसी कोटा की मांग कर अपने वोट बैंक को संदेश देने की कोशिश
एक अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में यादवों के बाद कुर्मियों की आबादी सबसे ज्यादा है और यह ओबीसी की राजनीति में उनके बाद सबसे ज्यादा प्रभावी हैं। कुछ अनुमानों के अनुसार इनकी जनसंख्या करीब 6 से 7% के लगभग है और प्रदेश की लगभग सौ विधानसभाओं और 20 से अधिक लोकसभा क्षेत्रों में इस जाति का प्रभावी वोट बैंक है। शायद यही वजह है कि अनुप्रिया पटेल ने अपने भाषण के जरिए इस वर्ग को अपना संदेश देने में कोताही नहीं की है।
कांग्रेस को दिखाया आईना
लेकिन, इसको लेकर वो विपक्ष की राजनीति पर भी निशाना साधने से नहीं चूकी हैं। उन्होंने सीधे कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि अब ओबीसी आरक्षण की बात कांग्रेस कह रही है, उसे अपने समय में यह ख्याल क्यों नहीं आया। या फिर बिल के पास होने की संभावना को देखते हुए चोला बदलने की कोशिशें हो रही हैं।
विपक्षी दलों पर जोरदार पलटवार
उन्होंने विपक्षी दलों की राजनीति पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि सर्वदलीय बैठक में कई दल महिला आरक्षण बिल को लाने की मांग कर रहे थे। अब जब सरकार लेकर आई है तो कहा जा रहा है कि ये 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए है। मतलब 'सरकार नहीं लाती तो महिला विरोधी और ले आई तो 2024 के चुनाव को देखकर....'
ये बिल पास होना चाहिए- अनुप्रिया पटेल
वो बोलीं, 'हर फैसला चुनाव को देखकर नहीं किए जाते.....हमारी जनगणना के आंकड़े पुराने हैं........इसलिए इस प्रक्रिया में समय लगेगा...इस बिल को लेकर किंतु-परंतु नहीं होनी चाहिए....ये बिल पास होना चाहिए.....सरकार बाकी चीजों की चिंता कर लेगी.....पीएम मोदी को फिर से आभार......'












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