अधिकारियों को नहीं दिखा 'दर्द', अतिक्रमण विरोधी अभियान में तोड़ा घर, अब सड़क पर खाना बना रही महिला
चेन्नई, 09 मई: देश के कई बड़े शहरों में इन दिनों अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी है। इस लिस्ट में तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई का भी नाम शामिल है। अब वहां से महिला की दुखभरी कहानी सामने आई है, जिसका घर अतिक्रमण विरोधी अभियान में तोड़ दिया गया। महिला अपनी भूख मिटाने के लिए सड़क पर ही खाना बनाने को मजबूर है। उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहीं। साथ ही उसने प्रशासनिक अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

प्रिया नाम की महिला ने कहा कि अचानक से अधिकारी आए और उनका घर तोड़ दिया, लेकिन उनको किसी तरह से जिंदगी गुजारनी है। वो रोज बाहर खाना नहीं खा सकतीं, इस वजह से उन्होंने सड़क पर ही ईंट से चूल्हा बनाया और उसमें लकड़ियों की मदद से आग जलाई। इसके बाद वो उस पर खाना बनाने लगीं। महिला का दावा है कि उनके पास घर के दस्तावेज हैं, फिर भी बिना किसी पूर्व सूचना के उनका घर तोड़ दिया गया। अब उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है, जिस वजह से वो सड़क पर जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं।
प्रिया ने आगे कहा कि अधिकारियों का कहना है कि वो केवल उन परिवारों को आवास योजना के माध्यम से घर देंगे, जिनमें तीन सदस्य हैं। इस वजह से उनको घर नहीं मिला। उन्होंने सभी को बेघर कर दिया। वो अब बीमार मां और बच्चों के साथ भटक रहीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहे जो कर ले वो वहां से नहीं जाएंगी।
दिल्ली में भी चला अभियान
वहीं चेन्नई के अलावा देश के कुछ अन्य हिस्सों में अतिक्रमण विरोधी अभियान चल रहे हैं। राजधानी दिल्ली में भी सोमवार को नगर निगम ने अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया, जिसके बाद शाहीन बाग में जमकर हंगामा हुआ। ये मामला सुप्रीम कोर्ट गया था, लेकिन वहां खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा।












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