युवा चेहरे जितिन के सहारे उत्तर प्रदेश में वापसी करेगी कांग्रेस
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी कोई हुई जमीन को फिर से पाने के लिए परेशान है। लोकसभा चुनाव में बुरी तरह से हार जाने के बाद अब कांग्रेस आल कमान प्रदेश में जीतिन प्रसाद को पार्टी कमान सौंपने के बारे में विचार कर रहा है। प्रसाद नौजवान हैं। सांसद और मंत्री रहे हैं। वे ब्राहमण हैं। पार्टी आला कमान मानता है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी में प्राण फूंके बिना बात नहीं बनेगी। इस किसी युवा चेहरे को आगे लाना होगा।
इस बीच, प्रदेश अध्यक्ष के लिए पूर्व मंत्री आर.पी.एन सिंह का नाम भी लिया जा रहा है। जितेन्द्र प्रसाद और सिंह दोनों लोकसभा चुनाव हार गए थे।
हर जगह मात खाती कांग्रेस
पार्टी में में इस वक्त सबसे बड़ी चिंता यह है कि पार्टी लगातार राज्यों में नीचे जा रही है। ऐसे राज्यों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है, जहां वह रेस से बाहर हो रही है। दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, झारखंड व जम्मू-कश्मीर में पार्टी पहले ही मुकाबले से बाहर है।
जानकार मानते हैं कि गुजरात, मध्य प्रदेश व राजस्थान जैसे राज्यों में कांग्रेस दूसरे स्थान पर अवश्य है, लेकिन संख्या बल के मामले में सत्तासीन भाजपा के मुकाबले वह काफी बौनी है। लोकसभा की हार के बाद भी कांग्रेस में चिंतन बैठक नहीं हुई है। वरिष्ठ नेता ऐसी बैठकों में राज्यों में कांग्रेस के खिसक रहे जनाधार पर बात करना चाहते हैं। कांग्रेस में भविष्य की चुनौतियां नाम से भी एक कमेटी रही है पर इसने भी राज्यों में तीसरे-चौथे नम्बर पर पार्टी के चले जाने पर कोई चर्चा नहीं की है।
कांग्रेस के कई नेता कहते हैं कि जिन राज्यों में कभी कांग्रेस की लोकप्रिय सरकारें हुआ करती थीं, वहां अब पार्टी के लिए मुकाबले में आना भी मुश्किल हो चुका है। उत्तर प्रदेश और बिहार को लेकर वह ज्यादा फिक्रमंद हैं, जहां पार्टी सबसे आखिरी स्थान पर है । कांग्रेस कार्यसमिति के कई और सदस्य भी पार्टी की खराब स्थिति को लेकर चिंता जता रहे हैं।













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